15 जुलाई 2026
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राजस्थान विधानसभा के 75 साल: अमृत महोत्सव में 26 वरिष्ठ विधायक होंगे सम्मानित, उपराष्ट्रपति करेंगे समापन

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राजस्थान विधानसभा के 75 साल: अमृत महोत्सव में 26 वरिष्ठ विधायक होंगे सम्मानित, उपराष्ट्रपति करेंगे समापन

सारांश

राजस्थान विधानसभा ने 75 साल पूरे कर देश में एक मिसाल कायम की — यह पहली राज्य विधानसभा है जिसने अपनी प्लेटिनम जयंती अमृत महोत्सव के रूप में मनाई। छह बार से अधिक चुने गए 26 विधायकों का सम्मान और 24 ऐतिहासिक कानूनों पर मंथन इस आयोजन को महज रस्म से कहीं आगे ले गया।

मुख्य बातें

राजस्थान विधानसभा ने 15 जुलाई 2026 को अपनी 75वीं वर्षगांठ ' अमृत महोत्सव ' के रूप में मनाई — देश में इस तरह का पहला आयोजन।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सुबह 10 बजे उद्घाटन किया; उपराष्ट्रपति सी.पी.
राधाकृष्णन ने शाम 4 बजे समापन में मुख्य अतिथि की भूमिका निभाई।
छह या अधिक बार निर्वाचित 26 वरिष्ठ विधायकों को सार्वजनिक जीवन में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
समारोह में 25 लोकसभा , 10 राज्यसभा सदस्य और लगभग 695 मौजूदा एवं पूर्व विधायक शामिल हुए।
राजस्थान के विकास को आकार देने वाले 24 ऐतिहासिक कानूनों पर 16 विधायकों ने विशेष परिचर्चा में भाग लिया।

राजस्थान विधानसभा ने 15 जुलाई 2026 को अपनी 75वीं वर्षगांठ एक ऐतिहासिक 'अमृत महोत्सव' के रूप में मनाई — और इसके साथ ही राजस्थान देश की पहली ऐसी राज्य विधानसभा बन गई जिसने अपनी 75 साल की लोकतांत्रिक यात्रा का जश्न इस पैमाने पर मनाया। जयपुर में आयोजित इस समारोह में संवैधानिक पदाधिकारियों से लेकर कई पीढ़ियों के जनप्रतिनिधि एक ही मंच पर एकत्रित हुए।

समारोह का आगाज़ और प्रमुख उपस्थिति

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने बुधवार सुबह जयपुर पहुँचकर सुबह 10 बजे इस महोत्सव का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे एक साथ मंच पर उपस्थित रहे — जो अपने आप में एक दुर्लभ राजनीतिक दृश्य था। समारोह में 25 लोकसभा सदस्य, 10 राज्यसभा सदस्य और लगभग 695 मौजूदा एवं पूर्व विधायक भी शामिल हुए।

वरिष्ठ विधायकों का सम्मान

इस आयोजन का एक केंद्रीय आकर्षण रहा उन 26 विधायकों का सम्मान, जिन्होंने छह या उससे अधिक बार विधानसभा चुनाव जीते हैं। सम्मानित होने वाले अधिकांश जनप्रतिनिधि 70 वर्ष से अधिक आयु के हैं और दशकों से राजस्थान की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। यह सम्मान सार्वजनिक जीवन में उनके दीर्घकालीन योगदान की स्वीकृति है।

उपराष्ट्रपति की उपस्थिति में समापन

शाम 4 बजे आयोजित समापन समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे। यह समापन सत्र राजस्थान विधानसभा की संवैधानिक गरिमा और लोकतांत्रिक परंपरा का प्रतीक बना।

75 साल के अहम कानूनों पर मंथन

महोत्सव के अंतर्गत उन 24 महत्वपूर्ण कानूनों पर विशेष चर्चा का आयोजन किया गया, जिन्होंने पिछले साढ़े सात दशकों में राजस्थान के शासन और विकास को दिशा दी। इस परिचर्चा में 16 मौजूदा और पूर्व विधायक शामिल हुए, जिन्होंने इन ऐतिहासिक कानूनों के महत्व और उनके दीर्घकालीन प्रभाव पर अपने विचार साझा किए। गौरतलब है कि यह पहला अवसर था जब विभिन्न पीढ़ियों के कानून-निर्माता एक साथ राजस्थान की विधायी विरासत पर विमर्श के लिए एकत्रित हुए।

व्यवस्था और आगे की राह

मौजूदा और पूर्व विधायकों के लिए सर्किट हाउस, डाक बंगला, विधायक गेस्ट हाउस और पंचायती राज संस्थान में ठहरने की विशेष व्यवस्था की गई। यह महोत्सव केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि राजस्थान की विधायी संस्था की आत्म-समीक्षा और भविष्य की दिशा तय करने का एक अवसर भी बना।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह उत्सव विधायी संस्थाओं की घटती साख और सदन में कम होती बहस की गुणवत्ता पर भी विमर्श का अवसर बना। अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे जैसे विरोधी राजनीतिक ध्रुवों का एक मंच पर आना दुर्लभ है, पर यह सौहार्द संस्थागत सुधार की माँग को कितना आगे बढ़ाएगा, यह देखना बाकी है। 75 साल में बने 24 कानूनों की समीक्षा स्वागतयोग्य है, लेकिन बिना सार्वजनिक जवाबदेही के यह भी एक औपचारिकता बनकर रह सकती है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान विधानसभा का अमृत महोत्सव क्या है?
अमृत महोत्सव राजस्थान विधानसभा की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 15 जुलाई 2026 को जयपुर में आयोजित एक विशेष समारोह है। राजस्थान इस तरह का आयोजन करने वाली देश की पहली राज्य विधानसभा बन गई है।
अमृत महोत्सव में किन विधायकों को सम्मानित किया गया?
छह या उससे अधिक बार विधानसभा चुनाव जीतने वाले 26 वरिष्ठ विधायकों को सार्वजनिक जीवन में उनके दीर्घकालीन योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इनमें से अधिकांश 70 वर्ष से अधिक आयु के हैं।
समारोह में कौन-कौन से प्रमुख संवैधानिक पदाधिकारी शामिल हुए?
उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने किया, जबकि समापन समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि रहे। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे भी उपस्थित रहे।
महोत्सव में 24 कानूनों पर चर्चा क्यों हुई?
पिछले 75 वर्षों में राजस्थान के शासन और विकास को आकार देने वाले 24 महत्वपूर्ण कानूनों की समीक्षा और उनके प्रभाव पर विमर्श के लिए यह सत्र आयोजित किया गया। इसमें 16 मौजूदा और पूर्व विधायकों ने भाग लिया।
इस समारोह में कुल कितने जनप्रतिनिधि शामिल हुए?
समारोह में 25 लोकसभा सदस्य, 10 राज्यसभा सदस्य और लगभग 695 मौजूदा एवं पूर्व विधायक शामिल हुए। यह पहली बार था जब विभिन्न पीढ़ियों के कानून-निर्माता एक साथ राजस्थान की विधायी विरासत पर एकत्रित हुए।
राष्ट्र प्रेस
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