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राजस्थान विधानसभा का अमृत महोत्सव: 15 जुलाई को 16 विधानसभाओं के विधायक एक मंच पर, 75 साल की लोकतांत्रिक यात्रा का जश्न

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राजस्थान विधानसभा का अमृत महोत्सव: 15 जुलाई को 16 विधानसभाओं के विधायक एक मंच पर, 75 साल की लोकतांत्रिक यात्रा का जश्न

सारांश

राजस्थान विधानसभा अपनी 75 साल की विधायी यात्रा का जश्न मना रही है — और 15 जुलाई को पहली से सोलहवीं विधानसभा तक के विधायकों का एकजुट होना इस लोकतांत्रिक विरासत का असाधारण प्रतीक बनेगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की उपस्थिति इस आयोजन को राष्ट्रीय महत्व देती है।

मुख्य बातें

15 जुलाई 2026 को राजस्थान विधानसभा में अमृत महोत्सव का उद्घाटन सम्मेलन आयोजित होगा।
पहली से सोलहवीं विधानसभा तक के पूर्व व वर्तमान विधायक एक मंच पर एकत्रित होंगे।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला उद्घाटन के मुख्य अतिथि; उपराष्ट्रपति सी.पी.
राधाकृष्णन समापन समारोह में।
विधानसभा द्वारा पारित 23 महत्वपूर्ण कानूनों पर विशेष परिचर्चा होगी।
पूर्व अध्यक्षों — शांतिलाल चपलोत, सुमित्रा सिंह, दीपेंद्र सिंह शेखावत, कैलाश चंद मेघवाल, सी.पी.
जोशी — सहित पूर्व उपाध्यक्षों को सम्मानित किया जाएगा।
अगले एक वर्ष तक चार बड़े कार्यक्रमों के जरिए अमृत महोत्सव जारी रहेगा।

राजस्थान विधानसभा की पहली से सोलहवीं विधानसभा तक के पूर्व और वर्तमान सदस्य 15 जुलाई 2026 को जयपुर में एक ऐतिहासिक सम्मेलन में एकत्रित होंगे, जो राज्य की विधायी यात्रा के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित 'अमृत महोत्सव' की औपचारिक शुरुआत होगी। यह आयोजन राजस्थान के संसदीय लोकतंत्र के सात दशकों से अधिक के सफर को एक साझा मंच पर रेखांकित करेगा।

मुख्य घटनाक्रम

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने 10 जुलाई को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उद्घाटन सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। समापन समारोह में उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि होंगे। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को भी समारोह में आमंत्रित किया गया है।

सम्मेलन में क्या होगा खास

उद्घाटन सत्र की एक प्रमुख विशेषता राजस्थान विधानसभाओं द्वारा पारित 23 महत्वपूर्ण कानूनों पर विशेष परिचर्चा होगी। विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री इन कानूनों के सामाजिक एवं प्रशासनिक प्रभावों पर अपने अनुभव साझा करेंगे। देवनानी के अनुसार, ये कानून सामाजिक न्याय, शिक्षा, पारदर्शिता और जन कल्याण के क्षेत्र में मील के पत्थर साबित हुए हैं।

सम्मेलन में लोकतंत्र के विकास, विधायी परंपराओं, सदन की गरिमा, संसदीय अनुभवों, उभरती चुनौतियों और विधानसभा के डिजिटल रूपांतरण पर भी विस्तृत चर्चा होगी। जाने-माने संवैधानिक विशेषज्ञ, सांसद और विद्वान इन सत्रों में भाग लेंगे।

किन्हें मिलेगा सम्मान

समारोह में विधानसभा के पूर्व अध्यक्षों — शांतिलाल चपलोत, सुमित्रा सिंह, दीपेंद्र सिंह शेखावत, कैलाश चंद मेघवाल और सी.पी. जोशी — को सम्मानित किया जाएगा। पूर्व उपाध्यक्षों में तारा भंडारी, रामनारायण मीणा और राव राजेंद्र सिंह को भी विशेष सम्मान दिया जाएगा। इसके अलावा, छह या उससे अधिक बार निर्वाचित पूर्व विधायकों और वरिष्ठ वर्तमान विधायकों को राजस्थान की लोकतांत्रिक परंपराओं को समृद्ध करने में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।

साल भर चलेगा उत्सव

अमृत महोत्सव के अंतर्गत अगले एक वर्ष तक चार बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जो लोकतांत्रिक संस्थाओं, विधायी प्रक्रियाओं और संवैधानिक मूल्यों को सुदृढ़ करने पर केंद्रित रहेंगे। इन आयोजनों का एक विशेष उद्देश्य युवा पीढ़ी को राजस्थान विधानसभा की लोकतांत्रिक विरासत से परिचित कराना भी है।

विधायी विरासत का महत्व

गौरतलब है कि राजस्थान विधानसभा की स्थापना के बाद से सात दशकों में सदन ने राज्य के सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक ढाँचे को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाई है। देवनानी ने कहा कि यह महोत्सव विधानसभा की समृद्ध विरासत को भविष्य की आकांक्षाओं से जोड़ने का एक अनूठा अवसर है। यह आयोजन अनुभव, परंपरा, नवाचार, महिलाओं की भागीदारी, युवाओं की सहभागिता और जनता के भरोसे को एक साझा मंच पर प्रस्तुत करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि 23 कानूनों पर होने वाली चर्चा केवल स्मृति-उत्सव बने या वर्तमान विधायी कमियों पर भी बेबाक संवाद हो। युवाओं और महिलाओं की भागीदारी पर जोर सराहनीय है, पर इसे ठोस नीतिगत प्रतिबद्धताओं में बदलना होगा।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान विधानसभा का अमृत महोत्सव क्या है?
अमृत महोत्सव राजस्थान विधानसभा की स्थापना के 75 वर्ष पूर्ण होने का उत्सव है, जो 15 जुलाई 2026 को जयपुर में उद्घाटन सम्मेलन के साथ शुरू होगा। इसमें पहली से सोलहवीं विधानसभा तक के पूर्व व वर्तमान विधायक एकजुट होंगे और अगले एक वर्ष तक चार बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
15 जुलाई के सम्मेलन में कौन-कौन से प्रमुख अतिथि शामिल होंगे?
उद्घाटन सत्र में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मुख्य अतिथि होंगे, जबकि समापन समारोह में उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को भी आमंत्रित किया गया है।
सम्मेलन में किन पूर्व विधानसभा अध्यक्षों को सम्मानित किया जाएगा?
पूर्व अध्यक्षों में शांतिलाल चपलोत, सुमित्रा सिंह, दीपेंद्र सिंह शेखावत, कैलाश चंद मेघवाल और सी.पी. जोशी को सम्मानित किया जाएगा। पूर्व उपाध्यक्षों तारा भंडारी, रामनारायण मीणा और राव राजेंद्र सिंह के साथ-साथ छह या अधिक बार निर्वाचित वरिष्ठ विधायकों को भी सम्मान मिलेगा।
अमृत महोत्सव में किन विषयों पर चर्चा होगी?
सम्मेलन में लोकतंत्र का विकास, संसदीय परंपराएँ, सदन की गरिमा, विधायी प्रक्रियाएँ, उभरती चुनौतियाँ और विधानसभा के डिजिटल रूपांतरण जैसे विषयों पर परिचर्चा होगी। इसके अलावा राजस्थान विधानसभाओं द्वारा पारित 23 महत्वपूर्ण कानूनों पर विशेष चर्चा सत्र भी रखा गया है।
अमृत महोत्सव कब तक चलेगा और इसके बाद क्या होगा?
15 जुलाई 2026 से शुरू होने वाला यह महोत्सव अगले एक वर्ष तक चार बड़े कार्यक्रमों के माध्यम से जारी रहेगा। ये कार्यक्रम लोकतांत्रिक संस्थाओं, विधायी प्रक्रियाओं और संवैधानिक मूल्यों को सुदृढ़ करने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को राजस्थान की विधायी विरासत से जोड़ने पर केंद्रित होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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