रोजगार सृजनकर्ता बनें युवा: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन का राजस्थान विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में आह्वान
सारांश
Key Takeaways
- उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने 25 अप्रैल 2025 को जयपुर में राजस्थान विश्वविद्यालय के 35वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया।
- उन्होंने युवाओं से रोजगार सृजनकर्ता और राष्ट्र निर्माता बनने का आह्वान करते हुए आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को दोहराया।
- उपराष्ट्रपति ने बताया कि हाल के वर्षों में स्वर्ण पदक जीतने वालों में अधिकांश छात्राएं रही हैं।
- नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने में मील का पत्थर बताया।
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार के युवा-केंद्रित प्रयासों की सराहना की।
- छात्रों को नशे से दूर रहने, सोशल मीडिया का रचनात्मक उपयोग करने और आलोचनात्मक सोच अपनाने की सलाह दी।
जयपुर, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने शनिवार को जयपुर स्थित राजस्थान विश्वविद्यालय के 35वें दीक्षांत समारोह में देश के युवाओं को एक स्पष्ट संदेश दिया — नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजनकर्ता और राष्ट्र निर्माता बनें। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत की परिकल्पना तभी साकार होगी जब देश का युवा नवाचार और उद्यमिता को अपनाएगा।
दीक्षांत समारोह का संदेश: शिक्षा से सेवा तक
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने राजस्थान को समृद्ध विरासत, वीरता और गहरी सांस्कृतिक परंपराओं की भूमि बताया। उन्होंने कहा कि जयपुर परंपरा और प्रगति दोनों का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने स्नातक छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह केवल एक अध्याय का समापन नहीं, बल्कि एक नए और जिम्मेदार जीवन की शुरुआत है।
उपराष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि शिक्षा का वास्तविक मूल्य केवल डिग्री प्राप्त करने में नहीं, बल्कि नवाचार, नैतिक आचरण और समाज के कल्याण में उसके अनुप्रयोग में निहित है। उन्होंने कहा, "सहानुभूति के बिना उत्कृष्टता और विनम्रता के बिना उपलब्धि अधूरी है।"
महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर
उपराष्ट्रपति ने छात्राओं की उपलब्धियों पर विशेष गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि हाल के वर्षों में स्वर्ण पदक जीतने वालों में अधिकांश युवतियां रही हैं, जो एक सकारात्मक और ऐतिहासिक बदलाव का संकेत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं के लिए समान अवसर, सम्मान और नेतृत्व की भूमिका के बिना एक सच्चा विकसित राष्ट्र संभव नहीं है।
उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए आशा जताई कि यह कानून राजनीति में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा। यह टिप्पणी ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब देश में महिला आरक्षण के क्रियान्वयन को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।
युवाओं को नवप्रवर्तक बनने की प्रेरणा
सी.पी. राधाकृष्णन ने छात्रों को तेजी से बदलती वैश्विक परिस्थितियों का सामना करने के लिए आलोचनात्मक सोच, नैतिक कार्यशैली और आजीवन सीखने की प्रवृत्ति अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान विश्वविद्यालय ज्ञान, सत्यनिष्ठा और सेवा के प्रति समर्पित विचारकों और परिवर्तनकर्ताओं की पीढ़ियों को आकार देता रहा है।
उन्होंने छात्रों को नशे से दूर रहने, सोशल मीडिया का रचनात्मक उपयोग करने, विविधता का सम्मान करने और समाज में सार्थक योगदान देने की भी सलाह दी। यह संदेश आज के डिजिटल युग में विशेष रूप से प्रासंगिक है जब युवा पीढ़ी सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभावों की चपेट में आ रही है।
राजस्थान सरकार के प्रयासों की सराहना
उपराष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार द्वारा युवाओं के लिए रोजगार और अवसर बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। यह टिप्पणी राज्य की भाजपा सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक समर्थन के रूप में भी देखी जा रही है।
इस ऐतिहासिक दीक्षांत समारोह में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े, उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा, राज्यसभा सांसद राधामोहन दास अग्रवाल और विश्वविद्यालय की कुलपति अल्पना कटेजा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
व्यापक संदर्भ और आगे की राह
गौरतलब है कि राजस्थान विश्वविद्यालय की स्थापना 1947 में हुई थी और यह राज्य का सबसे पुराना और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय है। उपराष्ट्रपति का यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब देश में युवा बेरोजगारी एक गंभीर चुनौती बनी हुई है और सरकार स्टार्टअप इंडिया व मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं के माध्यम से उद्यमिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है।
आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राजस्थान विश्वविद्यालय उपराष्ट्रपति के इस संदेश को अपने पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में किस प्रकार समाहित करता है, और राज्य सरकार युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कौन-सी नई नीतियां लाती है।