गंगा एक्सप्रेसवे उद्घाटन: भाजपा ने हरदोई में की ऐतिहासिक तैयारी, पंकज चौधरी ने दिए बड़े निर्देश
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा ने गंगा एक्सप्रेसवे उद्घाटन को ऐतिहासिक बनाने के लिए 25 अप्रैल को हरदोई के मल्लावां में बड़ी समीक्षा बैठक आयोजित की।
- प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने उद्घाटन को जन-उत्सव का रूप देने और अधिकतम जनसहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
- प्रदेश महामंत्री धर्मपाल सिंह ने बूथ से जिला स्तर तक सूक्ष्म योजना और समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
- गंगा एक्सप्रेसवे लगभग 594 किलोमीटर लंबा है और मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों को जोड़ता है।
- इस परियोजना से औद्योगिक निवेश, व्यापार और रोजगार सृजन को बड़ी गति मिलने की उम्मीद है।
- यह आयोजन 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की जमीनी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
हरदोई, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गंगा एक्सप्रेसवे के आगामी उद्घाटन समारोह को भव्य, ऐतिहासिक और जन-सहभागिता से परिपूर्ण बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी तैयारियों को पूरी तरह तेज कर दिया है। शनिवार, 25 अप्रैल को हरदोई जिले के मल्लावां में आयोजित समीक्षा बैठक में पार्टी के शीर्ष नेताओं ने व्यवस्थाओं, जनसंपर्क और जनभागीदारी को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की। यह बैठक इस मायने में अहम रही कि इसमें बूथ से लेकर जिला स्तर तक के समन्वय का खाका खींचा गया।
समीक्षा बैठक में क्या हुआ?
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए कार्यक्रम स्थल, आवागमन व्यवस्था, जनसंपर्क अभियान और समग्र प्रबंधन की बारीकी से समीक्षा की। बैठक में जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
पंकज चौधरी ने स्पष्ट किया कि गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन महज एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के विकास की नई इबारत लिखने का अवसर है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि इस समारोह को जन-उत्सव का स्वरूप देते हुए अधिकतम जनसहभागिता सुनिश्चित की जाए।
विकास की दिशा में मील का पत्थर
पंकज चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व बदलाव आया है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में इन परियोजनाओं को तेज गति से धरातल पर उतारा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और अब गंगा एक्सप्रेसवे ने प्रदेश को 'एक्सप्रेसवे प्रदेश' की नई पहचान दिलाई है।
उन्होंने इस परियोजना को दूरगामी बताते हुए कहा कि यह उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी, औद्योगिक निवेश को आकर्षित करेगी, व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का मार्ग प्रशस्त करेगी।
संगठन की ताकत दिखाने का मौका: धर्मपाल सिंह
प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने कहा कि भाजपा अपने अनुशासन और संगठनात्मक सक्रियता के लिए जानी जाती है और गंगा एक्सप्रेसवे उद्घाटन समारोह इस क्षमता को प्रदर्शित करने का सुनहरा अवसर है। उन्होंने निर्देश दिया कि बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक सूक्ष्म योजना और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
धर्मपाल सिंह ने कहा कि कार्यकर्ताओं की एकजुटता और परिश्रम से यह उद्घाटन समारोह न केवल भव्य, बल्कि ऐतिहासिक भी बनेगा। उन्होंने प्रत्येक स्तर पर समन्वय को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया।
गंगा एक्सप्रेसवे: पृष्ठभूमि और महत्व
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है, जो मेरठ से प्रयागराज तक लगभग 594 किलोमीटर की दूरी को जोड़ती है। यह परियोजना प्रदेश के 12 जिलों से होकर गुजरती है और इसके निर्माण में हजारों करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी सुधार आएगा।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में एक्सप्रेसवे निर्माण को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश को देश का अग्रणी 'एक्सप्रेसवे हब' बनाने की दिशा में तेजी से काम किया है। यह आयोजन 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के लिए एक बड़े जनाधार निर्माण के अवसर के रूप में भी देखा जा रहा है।
आने वाले दिनों में उद्घाटन की तारीख की आधिकारिक घोषणा और प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री की उपस्थिति को लेकर और स्पष्टता सामने आने की उम्मीद है।