15 जुलाई 2026
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कलबुर्गी केंद्रीय जेल से तीन उम्रकैदी फरार, पुलिस मुठभेड़ में एक गिरफ्तार — दो अभी भी फरार

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कलबुर्गी केंद्रीय जेल से तीन उम्रकैदी फरार, पुलिस मुठभेड़ में एक गिरफ्तार — दो अभी भी फरार

सारांश

कर्नाटक के कलबुर्गी केंद्रीय जेल से तीन उम्रकैदियों का एक साथ फरार होना जेल सुरक्षा की बड़ी चूक है। पुलिस ने मुठभेड़ में एक को गोली मारकर दबोचा, पर दो अभी भी भागे हैं — और 8 जेल अधिकारी निलंबन की जद में हैं।

मुख्य बातें

कलबुर्गी केंद्रीय जेल से 15 जुलाई को तीन उम्रकैदी सुरक्षा दीवार फाँदकर फरार हुए।
फरार कैदी हैं — मस्तान (इस्लामपुर, बसवकल्याण), संतोष बसप्पा (संतपुर, औराद) और सागर भीमराया (बकचौड़ी, बीदर) — तीनों उम्रकैद की सज़ा काट रहे थे।
पुलिस ने हुमनाबाद रिंग रोड इंडस्ट्रियल एरिया के पास मुठभेड़ में संतोष बसप्पा मैत्रे के दाहिने हाथ में गोली मारकर गिरफ्तार किया।
लापरवाही के आरोप में 8 जेल अधिकारियों को जाँच पूरी होने तक निलंबित किया गया।
कलबुर्गी, बीदर और यादगीर — तीन जिलों की पुलिस टीमें शेष दो फरार कैदियों की तलाश में सक्रिय हैं।

कर्नाटक के कलबुर्गी केंद्रीय जेल से 15 जुलाई को तीन उम्रकैदी सुरक्षा दीवार फाँदकर फरार हो गए। पुलिस ने व्यापक तलाशी अभियान के बाद एक आरोपी को हुमनाबाद रिंग रोड इंडस्ट्रियल एरिया के पास मुठभेड़ में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो अन्य कैदी अभी भी फरार हैं।

मुख्य घटनाक्रम

फरार होने वाले तीनों कैदी — बसवकल्याण तालुक के इस्लामपुर गाँव के मस्तान, औराद तालुक के संतपुर गाँव के संतोष बसप्पा, और बीदर तालुक के बकचौड़ी गाँव के सागर भीमराया — अलग-अलग अपराधों के लिए उम्रकैद की सज़ा काट रहे थे। जेल कर्मचारियों को इस भागने की जानकारी मंगलवार सुबह हुई, जिसके बाद फर्टाबाद पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई गई।

पुलिस की कार्रवाई

कलबुर्गी पुलिस आयुक्त शरणप्पा एस.डी. ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही कलबुर्गी, बीदर और यादगीर — तीन जिलों की पुलिस टीमों को सक्रिय किया गया और एक अंतर-जिला टीम गठित की गई। पक्की सूचना मिलने पर फरहताबाद के पुलिस इंस्पेक्टर की अगुवाई में एक टीम हुमनाबाद रिंग रोड इंडस्ट्रियल एरिया पहुँची, जहाँ संतोष बसप्पा मैत्रे मिला।

पुलिस आयुक्त के अनुसार, जब टीम ने उसे पकड़ने की कोशिश की, तो उसने गिरफ्तारी का विरोध किया और पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। पुलिस ने पहले आत्मरक्षा में हवा में गोली चलाई। इसके बाद भी आत्मसमर्पण न करने पर उसके दाहिने हाथ में गोली मारकर गिरफ्तार किया गया।

जेल प्रशासन पर कार्रवाई

ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में आठ जेल अधिकारियों को जाँच पूरी होने तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने जेल का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। गौरतलब है कि तीनों कैदी सुरक्षा दीवार फाँदकर भागे, जो जेल की भौतिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

आम जनता पर असर और व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक की जेलों में भीड़भाड़ और सुरक्षा चूक की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। तीन उम्रकैदियों का एक साथ फरार होना जेल प्रशासन की निगरानी प्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। आलोचकों का कहना है कि रात्रि प्रहरा और सुरक्षा दीवारों की नियमित जाँच में चूक हुई।

क्या होगा आगे

फरार दोनों कैदियों — मस्तान और सागर भीमराया — की तलाश के लिए बहु-जिला पुलिस टीमें सक्रिय हैं। जेल सुरक्षा की समीक्षा और आठ निलंबित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जाँच प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अधिकारियों के अनुसार, फरार कैदियों को जल्द पकड़ने का भरोसा जताया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि रात्रि प्रहरा और दीवार-निरीक्षण की नियमित प्रक्रिया कहाँ विफल हुई। कर्नाटक में पिछले कुछ वर्षों में जेल सुरक्षा से जुड़ी घटनाएँ सामने आती रही हैं, फिर भी प्रणालीगत सुधार की गति धीमी रही है — यह घटना उस बहस को फिर से तेज़ करेगी।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कलबुर्गी केंद्रीय जेल से कौन-से कैदी फरार हुए?
तीन उम्रकैदी फरार हुए — बसवकल्याण तालुक के इस्लामपुर गाँव का मस्तान, औराद तालुक के संतपुर गाँव का संतोष बसप्पा, और बीदर तालुक के बकचौड़ी गाँव का सागर भीमराया। तीनों अलग-अलग अपराधों में उम्रकैद की सज़ा काट रहे थे।
पुलिस ने फरार कैदी को कैसे गिरफ्तार किया?
पुलिस आयुक्त शरणप्पा एस.डी. के अनुसार, हुमनाबाद रिंग रोड इंडस्ट्रियल एरिया के पास संतोष बसप्पा मैत्रे मिला। उसने गिरफ्तारी का विरोध कर पुलिसकर्मियों पर हमला किया, जिसके बाद पहले हवाई फायरिंग की गई और फिर दाहिने हाथ में गोली मारकर उसे गिरफ्तार किया गया।
जेल से भागने पर किन अधिकारियों पर कार्रवाई हुई?
ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में आठ जेल अधिकारियों को जाँच पूरी होने तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जेल का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
शेष दो फरार कैदियों की तलाश कहाँ तक पहुँची है?
मस्तान और सागर भीमराया अभी भी फरार हैं। कलबुर्गी, बीदर और यादगीर — तीन जिलों की पुलिस टीमें बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी रखे हुए हैं।
कैदी जेल से कैसे भागे?
बताया जा रहा है कि तीनों कैदियों ने सुरक्षा दीवार फाँदकर जेल से भागने में कामयाबी हासिल की। जेल कर्मचारियों को इसकी जानकारी मंगलवार सुबह हुई, जिसके बाद फर्टाबाद पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई गई।
राष्ट्र प्रेस
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