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कर्नाटक में 'मोरल पुलिसिंग' का नया मामला: अल्पसंख्यक युवक पर हमला और अपहरण का प्रयास

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कर्नाटक में 'मोरल पुलिसिंग' का नया मामला: अल्पसंख्यक युवक पर हमला और अपहरण का प्रयास

सारांश

कर्नाटक में 'मोरल पुलिसिंग' के तहत एक अल्पसंख्यक युवक पर हमले का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। जानें इस घटना के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।

मुख्य बातें

कर्नाटक में एक अल्पसंख्यक युवक पर हमले का प्रयास हुआ।
पुलिस ने आरोपियों की पहचान के लिए विशेष टीम बनाई।
यह घटना 'मोरल पुलिसिंग' के मुद्दे को फिर से उजागर करती है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।
अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मंगलुरु, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक पुलिस ने 'मोरल पुलिसिंग' के एक नए मामले में कुछ कार्यकर्ताओं की पहचान के लिए खोजबीन शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि मंगलुरु जिले के उजिरे में एक मंदिर मेले के दौरान, अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित 17 वर्षीय एक युवक पर एक समूह ने कथित तौर पर हमला किया और उसे अगवा करने का प्रयास किया।

मंगलुरु के पुलिस अधीक्षक, अरुण ने स्पष्ट किया कि जो लोग कानून को अपने हाथ में लेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों की पहचान के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है, और इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, यह घटना 18 मार्च की शाम को बेल्टंगडी तालुक में श्री जनार्दन स्वामी मंदिर मेले के दौरान घटी। बताया जा रहा है कि पीड़ित अपने दोस्तों के साथ मेले में गया था, तभी कुछ युवकों के एक समूह ने उसे घेर लिया।

शिकायत के अनुसार, उस समूह ने उससे पूछा, "क्या तुम लड़कियों को किसी लॉज में ले जा रहे हो?" और फिर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए गालियां दीं, जिसके उपरांत उसके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि आरोपियों ने लड़के को जबरन अपने साथ ले जाकर उससे मोबाइल फोन पर एक वीडियो भी रिकॉर्ड कराया। इस घटना पर और जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।

पीड़ित की शिकायत के आधार पर बेल्टंगडी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने गलत तरीके से रोकने, मारपीट, अपहरण, जानबूझकर अपमान करने और आपराधिक धमकी देने की धाराएं लगाई हैं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी एक दक्षिणपंथी संगठन, बजरंग दल से जुड़े हुए हैं। यह घटना क्षेत्र में सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ा रही है।

चिकमंगलुरु पुलिस ने 19 फरवरी को 'मोरल पुलिसिंग' के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि उन्होंने विभिन्न समुदायों के एक लड़के और लड़की को तब रोका जब वे बाइक से स्कूल से लौट रहे थे। घटना की जानकारी मिलने पर, पुलिस ने लड़के के परिवार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया और आरोपियों - नियाज, तबरेज, और हनीफ को गिरफ्तार कर लिया।

9 जुलाई 2025 को मंगलुरु जिले की विटला पुलिस ने 'मोरल पुलिसिंग' की एक और घटना के सिलसिले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। आरोपी, पद्मराज, जो मंजेश्वर का निवासी है, उस समय पकड़ा गया जब शिकायतकर्ता का नाबालिग भाई विटला के एक निजी बस स्टैंड पर अपने स्कूली साथी से बात कर रहा था।

22 जनवरी 2026 को मोरन पुलिसिंग की एक और घटना में मुस्लिम युवकों के एक समूह ने कथित तौर पर कुछ हिंदू युवकों पर हमला किया। ये हिंदू युवक बंगारपेट में एक 'उर्स' जुलूस के दौरान एक मुस्लिम लड़की के साथ थे। पुलिस ने इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया। शिकायत चांदनी ने दर्ज कराई थी, जिसमें उसने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने उस पर और उसके हिंदू दोस्तों पर हमला किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन नागरिकों की सुरक्षा भी सर्वोपरि है। सभी समुदायों के बीच सद्भाव बनाए रखना आवश्यक है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या है 'मोरल पुलिसिंग'?
'मोरल पुलिसिंग' का अर्थ है जब कुछ लोग कानून को अपने हाथ में लेकर नैतिकता के नाम पर दूसरों के साथ बुरा व्यवहार करते हैं।
इस घटना में पुलिस की क्या कार्रवाई हुई?
पुलिस ने आरोपियों की पहचान के लिए विशेष टीम बनाई है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
क्या आरोपी किसी संगठन से जुड़े हैं?
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी बजरंग दल से जुड़े हुए हैं।
क्या पुलिस ने पहले भी ऐसे मामलों में कार्रवाई की है?
हाँ, चिकमंगलुरु पुलिस ने पहले भी 'मोरल पुलिसिंग' के आरोप में कई लोगों को गिरफ्तार किया है।
इस घटना के बाद क्षेत्र में स्थिति क्या है?
इस घटना ने क्षेत्र में सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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