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क्या कर्नाटक के बागलकोट में दिव्यांग नाबालिग लड़के के साथ क्रूरता की घटना हुई?

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क्या कर्नाटक के बागलकोट में दिव्यांग नाबालिग लड़के के साथ क्रूरता की घटना हुई?

सारांश

कर्नाटक के बागलकोट में एक 16 वर्षीय दिव्यांग लड़के के साथ हुई क्रूरता की घटना ने सभी को शोक में डाल दिया है। स्कूल के मालिक ने लड़के को बेरहमी से पीटा और उसकी आंखों में मिर्च डाल दी। इस घटना के पीछे के कारणों का खुलासा अभी बाकी है।

मुख्य बातें

दिव्यांग बच्चों के प्रति क्रूरता की घटनाएँ चिंताजनक हैं।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है।
पीड़ितों को न्याय दिलाने की आवश्यकता है।
समाज को ऐसे अपराधों के खिलाफ एकजुट होना चाहिए।
कर्नाटक में अपराध दर में कमी आई है।

बागलकोट, 20 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक के बागलकोट में एक अत्यंत चौंकाने वाली घटना प्रकाश में आई है। नवनगर क्षेत्र के सेक्टर 54 में स्थित दृष्टिबाधित बच्चों के स्कूल के संचालक ने 16 वर्षीय दिव्यांग लड़के को बेरहमी से पीटा। क्रूरता की हद तब पार हो गई, जब उसके आंखों में मिर्च का पाउडर डाल दिया गया।

आरोप है कि एक गैर सरकारी संगठन के मालिक अक्षय इंदुलकर ने लड़के को सख्ती से पीटा और उसे चोट पहुँचाने के लिए बेल्ट और प्लास्टिक पाइप का सहारा लिया। इस घटना के दौरान कुछ अन्य लोग भी वहां मौजूद थे। आरोपी की पत्नी ने भी लड़के की आंखों में मिर्च डालने में भाग लिया।

यह घटना तीन महीने पहले हुई थी, लेकिन पीड़ित के माता-पिता द्वारा घटना का वीडियो देखने के बाद ही इसका खुलासा हुआ। उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच आरंभ कर दी है और इस जघन्य कृत्य के पीछे के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। वर्तमान में आरोपी दंपत्ति को पुलिस थाने में हिरासत में लिया गया है और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

शुक्रवार को कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने विधानसभा को सूचित किया कि राज्य में 2025 में अपराध दर में उल्लेखनीय कमी आई है। गृह मंत्री ने सदन को बताया कि पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष हत्या, लूट, डकैती, मारपीट, दंगे, बलात्कार और महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है।

राज्य के गृह मंत्री ने विपक्षी नेताओं के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है और गंभीर अपराधों में पुलिस अधिकारियों की संलिप्तता पर चिंता व्यक्त की गई है।

जी. परमेश्वर ने पिछले छह वर्षों के अपराधों से संबंधित आंकड़े साझा किए। उन्होंने कहा कि 2019 में हत्या के 1589 मामले, 2020 में 1315, 2021 में 1340, 2022 में 1365, 2023 में 1293, 2024 में 1208 और 2025 में 1131 मामले दर्ज किए गए। 2023 में बलात्कार के 600 मामले, 2024 में 632 मामले और 2025 में 517 बलात्कार के मामले दर्ज किए गए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस घटना के आरोपी कौन हैं?
आरोपी अक्षय इंदुलकर, दृष्टिबाधित बच्चों के स्कूल का मालिक है और उसकी पत्नी भी इस घटना में शामिल है।
क्या पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई की है?
हां, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी दंपत्ति को हिरासत में लिया है।
क्या इस घटना के पीछे का कारण पता चला है?
अभी तक इस घटना के पीछे का स्पष्ट कारण पता नहीं चला है, लेकिन पुलिस इसकी जांच कर रही है।
क्या इस घटना के बाद लोग विरोध कर रहे हैं?
हां, स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता ने आरोपियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है।
क्या कर्नाटक में अपराध दर में कमी आई है?
जी हां, गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने विधानसभा में कहा कि राज्य में अपराध दर में उल्लेखनीय कमी आई है।
राष्ट्र प्रेस
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