कर्नाटक: पुलिस उत्पीड़न के आरोप में छात्र आदित्य मगेरी की मौत, भाजपा ने मांगा ₹50 लाख मुआवजा और कड़ी कार्रवाई

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कर्नाटक: पुलिस उत्पीड़न के आरोप में छात्र आदित्य मगेरी की मौत, भाजपा ने मांगा ₹50 लाख मुआवजा और कड़ी कार्रवाई

सारांश

धारवाड़ में पढ़ने आए बागलकोट के छात्र आदित्य मगेरी की कथित आत्महत्या ने कर्नाटक में सियासी भूचाल ला दिया है। भाजपा का आरोप है कि फर्जी गाँजा मामले में फँसाकर पुलिस ने डिजिटल पेमेंट से रिश्वत माँगी — और मेडिकल रिपोर्ट से बेगुनाही साबित होने के बाद भी उत्पीड़न जारी रहा। सरकार ने जाँच का वादा किया है, लेकिन जवाबदेही अभी तय नहीं हुई।

Key Takeaways

  • छात्र आदित्य मगेरी (बागलकोट, बेलूर गाँव) ने 26 अप्रैल 2026 को धारवाड़ में कथित तौर पर आत्महत्या की।
  • भाजपा का आरोप है कि उसे फर्जी गाँजा मामले में फँसाकर डिजिटल पेमेंट के जरिए बार-बार रिश्वत माँगी गई।
  • मृतक की माँ के अनुसार, बेटे ने फोन पर ₹2,000 पुलिस को देने के लिए माँगे थे।
  • राज्य भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया, गृह मंत्री जी. परमेश्वर और DGP एम.ए. सलीम से जवाबदेही माँगी।
  • परिवार के लिए ₹50 लाख मुआवजे की माँग की गई है।
  • गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने जाँच का आश्वासन दिया, आरोपों से इनकार किया।

कर्नाटक में धारवाड़ के एक छात्र आदित्य मगेरी की कथित आत्महत्या ने राज्य में सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 29 अप्रैल 2026 को आरोप लगाया कि बागलकोट जिले के बेलूर गाँव के इस छात्र को पुलिस ने फर्जी नशीले पदार्थ के मामले में फँसाकर बार-बार रिश्वत के लिए उत्पीड़ित किया, जिसके कारण उसने 26 अप्रैल 2026 को कथित तौर पर अपनी जान दे दी। राज्य के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने आरोपों से इनकार करते हुए जाँच का आश्वासन दिया है।

घटनाक्रम: क्या हुआ था उस दिन

मृतक आदित्य मगेरी बागलकोट जिले के बेलूर गाँव का रहने वाला था और उच्च शिक्षा के लिए धारवाड़ आया था। भाजपा के अनुसार, उसे कथित तौर पर एक फर्जी गाँजा मामले में फँसाया गया था। पार्टी का आरोप है कि मेडिकल रिपोर्ट द्वारा उसकी बेगुनाही की पुष्टि होने के बावजूद पुलिस अधिकारियों ने डिजिटल पेमेंट के जरिए बार-बार रिश्वत की माँग की।

मृतक छात्र की माँ ने आरोप लगाया कि उन्हें अपने बेटे का फोन आया था, जिसमें उसने उनसे अपने खाते में ₹2,000 जमा करने को कहा था, ताकि वह वह राशि पुलिस को दे सके और ड्रग्स से जुड़े मामले में न फँसे। 26 अप्रैल को एक और फोन आया, जिसमें उन्हें बताया गया कि उनके बेटे ने आत्महत्या कर ली है।

भाजपा का आरोप और माँगें

राज्य भाजपा अध्यक्ष एवं विधायक बीवाई विजयेंद्र ने इस घटना को 'बेहद दर्दनाक और दुखद' बताया। उन्होंने कहा कि एक निर्दोष और गरीब छात्र, जिसने मुश्किलों के बावजूद शिक्षा के जरिए बेहतर जीवन बनाने का सपना देखा था, पुलिस अधिकारियों द्वारा पैसे माँगने के लिए किए गए कथित उत्पीड़न के कारण अपनी जान गँवा बैठा।

विजयेंद्र ने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया, गृह मंत्री जी. परमेश्वर और पुलिस महानिदेशक एम.ए. सलीम से जवाबदेही की माँग की। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि इसमें शामिल वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्दोष व्यक्तियों के साथ ऐसा उत्पीड़न दोबारा न हो। इसके अलावा उन्होंने मृतक छात्र के शोकसंतप्त परिवार को कम से कम ₹50 लाख के मुआवजे की माँग की।

सरकार की प्रतिक्रिया

गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने भाजपा के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरे राज्य के लिए जिम्मेदार है, लेकिन हर घटना के लिए उसे ही जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके खिलाफ ऐसे आरोप लगाए जाते हैं और कहा कि वे इस घटना के बारे में पूरी जानकारी इकट्ठा करेंगे।

परमेश्वर ने कहा कि छात्र ने ऐसा कदम क्यों उठाया और इसके लिए कौन जिम्मेदार है, इसकी जाँच की जाएगी। उन्होंने बताया कि 29 अप्रैल को पुलिस कमिश्नर के कार्यालय में एक बैठक निर्धारित थी, जिसके बाद वे इस मामले पर विस्तार से बात करने का इरादा रखते थे।

व्यापक सन्दर्भ और कानून-व्यवस्था पर सवाल

विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि नशीले पदार्थों पर नियंत्रण के नाम पर पुलिस विभाग ने एक निर्दोष की जान ले ली। उनका कहना है कि यह स्थिति कर्नाटक में कानून-व्यवस्था में गंभीर गिरावट को दर्शाती है और कानून लागू करने वाली एजेंसियाँ इतने निचले स्तर तक गिर गई हैं, जहाँ निर्दोष लोगों का शोषण और उनसे जबरन वसूली की जा रही है।

गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कर्नाटक में पुलिस और नागरिक संबंधों को लेकर पहले से ही बहस चल रही है। जाँच के नतीजे और सरकार की कार्रवाई तय करेगी कि इस मामले में न्याय मिलता है या नहीं।

Point of View

लेकिन मृतक की माँ का बयान और कथित डिजिटल पेमेंट ट्रेल — अगर सत्यापित हुआ — तो यह सिर्फ एक अधिकारी की नहीं, पूरी निगरानी व्यवस्था की विफलता होगी। गृह मंत्री का 'जाँच का आश्वासन' तब तक पर्याप्त नहीं, जब तक जाँच स्वतंत्र और समयबद्ध न हो।
NationPress
29/04/2026

Frequently Asked Questions

आदित्य मगेरी कौन था और उसकी मौत कैसे हुई?
आदित्य मगेरी कर्नाटक के बागलकोट जिले के बेलूर गाँव का छात्र था, जो उच्च शिक्षा के लिए धारवाड़ आया था। भाजपा के अनुसार, उसने 26 अप्रैल 2026 को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली, जिसके लिए पार्टी ने पुलिस के कथित उत्पीड़न को जिम्मेदार ठहराया है।
भाजपा ने पुलिस पर क्या आरोप लगाए हैं?
भाजपा का आरोप है कि आदित्य मगेरी को फर्जी गाँजा मामले में फँसाया गया और मेडिकल रिपोर्ट से बेगुनाही साबित होने के बावजूद पुलिस अधिकारियों ने डिजिटल पेमेंट के जरिए बार-बार रिश्वत माँगी। पार्टी ने इसे जबरन वसूली और सत्ता के दुरुपयोग का मामला बताया है।
कर्नाटक सरकार ने इस मामले में क्या कहा है?
गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने आरोपों से इनकार किया और कहा कि हर घटना के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने पूरी जानकारी इकट्ठा करने और जाँच सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
भाजपा ने सरकार से क्या माँगें की हैं?
भाजपा ने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया, गृह मंत्री परमेश्वर और DGP एम.ए. सलीम से जवाबदेही माँगी है। इसके साथ ही जिम्मेदार वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और मृतक के परिवार को ₹50 लाख मुआवजे की माँग की गई है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
गृह मंत्री ने 29 अप्रैल को पुलिस कमिश्नर कार्यालय में बैठक के बाद मामले पर विस्तार से बोलने का संकेत दिया है। जाँच के नतीजे और सरकार की कार्रवाई यह तय करेगी कि दोषियों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाते हैं या नहीं।
Nation Press