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पॉक्सो आरोपी कलबुर्गी के अफजलपुर थाने से फरार, सोते पुलिसकर्मियों का उठाया फायदा

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पॉक्सो आरोपी कलबुर्गी के अफजलपुर थाने से फरार, सोते पुलिसकर्मियों का उठाया फायदा

सारांश

कलबुर्गी के अफजलपुर थाने से पॉक्सो आरोपी की चौंकाने वाली फरारी — हथकड़ी खुद खोली, दूसरी मंजिल से नीम के पेड़ के सहारे उतरा, अंधेरे में गायब। पूरा वाकया सीसीटीवी में कैद। गृह मंत्री खड़गे के गृह जिले में हुई इस चूक ने पुलिस की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुख्य बातें

पॉक्सो अधिनियम के तहत गिरफ्तार 24 वर्षीय आरोपी शुक्रवार तड़के कलबुर्गी के अफजलपुर पुलिस थाने से फरार हो गया।
आरोपी ने हथकड़ी खोलकर थाने की दूसरी मंजिल से नीम के पेड़ की शाखा पकड़कर भागने का रास्ता निकाला।
ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के सो जाने की वजह से फरारी संभव हुई; पूरी घटना सीसीटीवी में दर्ज।
आरोपी पर 16 वर्षीय नाबालिग को बहला-फुसलाकर पुणे ले जाने का आरोप; लड़की को बरामद कर कलबुर्गी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
यह घटना गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के गृह जिले में हुई; वरिष्ठ अधिकारियों ने सुरक्षा चूक स्वीकार की।
कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में विशेष टीम द्वारा तलाशी अभियान जारी।

कर्नाटक के कलबुर्गी जिले के अफजलपुर पुलिस थाने से पॉक्सो अधिनियम के तहत गिरफ्तार एक 24 वर्षीय आरोपी शुक्रवार तड़के हिरासत से फरार हो गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के सो जाने का फायदा उठाया और थाने की दूसरी मंजिल से पास के नीम के पेड़ की शाखा पकड़कर नीचे उतरकर अंधेरे में भाग निकला। पूरी घटना थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है।

मूल मामला और गिरफ्तारी

मामला तब शुरू हुआ जब अफजलपुर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले एक गाँव की 16 वर्षीय नाबालिग के माता-पिता ने उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। जाँच में पता चला कि उसी गाँव के 24 वर्षीय आरोपी ने कथित तौर पर प्रेम का झूठा दावा कर नाबालिग को बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया था।

विश्वसनीय सूचना मिलने पर कि दोनों महाराष्ट्र के पुणे में हैं, अफजलपुर पुलिस की एक टीम लड़की के परिजनों के साथ पुणे पहुँची और आरोपी को गिरफ्तार कर वापस लाई। बरामद की गई नाबालिग को मेडिकल जाँच के लिए कलबुर्गी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोपी को लगभग एक सप्ताह पहले गिरफ्तार किया गया था और जाँच जारी रहने के कारण उसे थाने के लॉक-अप में रखा गया था।

फरारी का तरीका

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने शुक्रवार तड़के किसी तरह अपनी हथकड़ी खोली, थाने की दूसरी मंजिल के किनारे तक पहुँचा और वहाँ से नीम के पेड़ की शाखा पकड़कर नीचे उतर गया। अंधेरे का फायदा उठाते हुए वह फरार हो गया। जाँचकर्ता अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि आरोपी ने हथकड़ी से खुद को कैसे मुक्त किया और आमतौर पर सुरक्षित रखे जाने वाले लॉक-अप से कैसे निकला।

राजनीतिक संदर्भ और पुलिस की किरकिरी

यह घटना कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के गृह जिले कलबुर्गी में हुई है, जिससे राजनीतिक दृष्टि से भी यह मामला संवेदनशील बन गया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि यह सुरक्षा में एक गंभीर चूक है और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

तलाशी अभियान और आगे की जाँच

फरारी के बाद पुलिस ने एक विशेष टीम गठित की है। कर्नाटक के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में भी तलाशी अभियान शुरू किया गया है। सीसीटीवी फुटेज हासिल कर ली गई है और जाँच जारी है। यह मामला थाने की सुरक्षा व्यवस्था की खामियों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और वह भी ड्यूटी पर सोते पुलिसकर्मियों के बीच, यह दर्शाता है कि हिरासत प्रोटोकॉल केवल कागज़ों पर हैं। तथ्य यह भी है कि यह घटना गृह मंत्री के गृह जिले में हुई — जो राजनीतिक जवाबदेही के लिए दोहरा दबाव बनाती है। सीसीटीवी फुटेज होने के बावजूद आरोपी अब तक पकड़ा नहीं गया, जो पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता पर भी सवाल उठाता है।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कलबुर्गी थाने से पॉक्सो आरोपी कैसे फरार हुआ?
आरोपी ने शुक्रवार तड़के हथकड़ी खुद खोली, थाने की दूसरी मंजिल के किनारे तक पहुँचा और पास के नीम के पेड़ की शाखा पकड़कर नीचे उतर गया। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के सो जाने की वजह से वह अंधेरे में फरार होने में सफल रहा।
आरोपी पर क्या आरोप हैं?
आरोपी पर पॉक्सो अधिनियम के तहत 16 वर्षीय नाबालिग को प्रेम का झूठा दावा कर बहला-फुसलाकर अगवा करने का आरोप है। पुलिस ने उसे महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया था और नाबालिग को बरामद कर कलबुर्गी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
क्या फरारी सीसीटीवी में कैद हुई?
हाँ, अफजलपुर पुलिस स्टेशन में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना दर्ज हो गई है। जाँचकर्ताओं ने फुटेज हासिल कर ली है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी ने हथकड़ी कैसे खोली।
अब तक फरार आरोपी की तलाश में क्या कदम उठाए गए हैं?
पुलिस ने एक विशेष टीम गठित की है और कर्नाटक के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में तलाशी अभियान शुरू किया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने सुरक्षा चूक स्वीकार करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
इस घटना का राजनीतिक महत्व क्यों है?
यह घटना कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के गृह जिले कलबुर्गी में हुई है, जिससे यह मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन गया है। पुलिस की इस चूक ने राज्य की कानून-व्यवस्था और हिरासत प्रबंधन पर सवाल खड़े किए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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