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दिल्ली पुलिस ने रेप और पोक्सो मामले के फरार आरोपी को उत्तराखंड से किया गिरफ्तार

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दिल्ली पुलिस ने रेप और पोक्सो मामले के फरार आरोपी को उत्तराखंड से किया गिरफ्तार

सारांश

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वेलकम पुलिस स्टेशन की टीम ने रेप, ब्लैकमेलिंग और पोक्सो एक्ट के आरोपी को दो महीने की गहन तलाश के बाद उत्तराखंड के भगवानपुर से दबोचा। 2023 की घटना में पीड़िता घटना के समय नाबालिग थी।

मुख्य बातें

वेलकम पुलिस स्टेशन की टीम ने उत्तराखंड के भगवानपुर से रेप और पोक्सो मामले के फरार आरोपी को गिरफ्तार किया।
पीड़िता ने 4 अप्रैल 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी; घटना 2023 में हुई थी।
जाँच में खुलासा हुआ कि घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी, जिसके बाद पोक्सो एक्ट की धारा 6 जोड़ी गई।
आरोपी पर पिस्तौल दिखाकर यौन उत्पीड़न, वीडियो रिकॉर्डिंग, ब्लैकमेलिंग और धमकी देने के आरोप हैं।
आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी थे और बीएनएसएस धारा 84 के तहत 'घोषित अपराधी' की कार्यवाही शुरू हो चुकी थी।
आरोपी पहले भी गैर-इरादतन हत्या और जुए के मामलों में संलिप्त रहा है।

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वेलकम पुलिस स्टेशन की टीम ने रेप, ब्लैकमेलिंग, पीछा करने और पोक्सो एक्ट के तहत वांछित एक आरोपी को उत्तराखंड के भगवानपुर से गिरफ्तार किया है। मामला दर्ज होने के करीब दो महीने बाद यह गिरफ्तारी संभव हुई, जब पुलिस ने तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपी का पता लगाया।

मामले की पृष्ठभूमि

4 अप्रैल 2026 को वेलकम पुलिस स्टेशन में 21 वर्षीया एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई थी। युवती के अनुसार, 2023 में आरोपी ने पिस्तौल दिखाकर उसका यौन उत्पीड़न किया था। कथित तौर पर आरोपी ने घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया और बाद में उस वीडियो के ज़रिए पीड़िता को ब्लैकमेल करता रहा, उसे बार-बार यौन शोषण का शिकार बनाया और उसे तथा उसके परिजनों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। आरोपी ने ट्यूशन क्लास के दौरान पीड़िता का पीछा भी किया।

पोक्सो एक्ट की धारा जोड़ी गई

जाँच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी। इस खुलासे के बाद पुलिस ने मामले में पोक्सो एक्ट की धारा 6 भी जोड़ी। मामला दर्ज होते ही आरोपी फरार हो गया था, जिसके बाद उसके संभावित ठिकानों पर कई बार छापेमारी की गई।

तकनीकी निगरानी और अभियान

पुलिस ने सीडीआर विश्लेषण, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और स्थानीय खुफिया जानकारी का सहारा लेते हुए आरोपी की तलाश जारी रखी। उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) हासिल किए गए और बीएनएसएस की धारा 84 के तहत उसे 'घोषित अपराधी' करार देने की कार्यवाही भी शुरू की गई थी।

गिरफ्तारी का विवरण

यह अभियान वेलकम पुलिस स्टेशन के एसएचओ इंस्पेक्टर रूपेश कुमार खत्री के नेतृत्व में और भजनपुरा के एसीपी सहदेव कुमार राणा की निगरानी में चलाया गया। पुख्ता सूचना मिलने पर टीम ने उत्तराखंड के भगवानपुर में दबिश दी और वेलकम इलाके के निवासी लगभग 26 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी का आपराधिक इतिहास

जाँच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी गैर-इरादतन हत्या और जुए से संबंधित मामलों में संलिप्त रहा है। फिलहाल मामले की आगे की जाँच जारी है और पुलिस अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठाती है कि 2023 में हुई घटना की शिकायत 2026 तक क्यों रुकी रही। पीड़िता का तीन साल तक ब्लैकमेल होते रहना यह दर्शाता है कि यौन उत्पीड़न के मामलों में पीड़िताएँ किस कदर डर और सामाजिक दबाव में रहती हैं। पोक्सो एक्ट की गंभीर धारा 6 का जुड़ना इस मामले की संवेदनशीलता को और बढ़ा देता है। अब असली परीक्षा न्यायिक प्रक्रिया की होगी — गिरफ्तारी से दोष सिद्धि तक का सफर अक्सर उतना ही लंबा और कठिन होता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली के वेलकम पुलिस स्टेशन में दर्ज रेप और पोक्सो मामला क्या है?
4 अप्रैल 2026 को एक 21 वर्षीया युवती ने शिकायत दर्ज कराई कि 2023 में एक आरोपी ने पिस्तौल दिखाकर उसका यौन उत्पीड़न किया, वीडियो रिकॉर्ड किया और बाद में ब्लैकमेल किया। जाँच में पता चला कि घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी, जिससे पोक्सो एक्ट की धारा 6 भी लागू हुई।
आरोपी को कहाँ से और कैसे गिरफ्तार किया गया?
पुलिस ने सीडीआर विश्लेषण, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर उत्तराखंड के भगवानपुर में आरोपी का पता लगाया और वहाँ छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी मामला दर्ज होने के लगभग दो महीने बाद हुई।
पोक्सो एक्ट की धारा 6 क्यों लगाई गई?
जाँच के दौरान पता चला कि 2023 में यौन उत्पीड़न की घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी। इसलिए मूल आरोपों के साथ-साथ पोक्सो एक्ट की धारा 6 — जो नाबालिगों के साथ गंभीर यौन उत्पीड़न से संबंधित है — भी जोड़ी गई।
आरोपी के खिलाफ क्या कानूनी कदम उठाए गए थे?
फरार होने के बाद आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किए गए और बीएनएसएस की धारा 84 के तहत उसे 'घोषित अपराधी' करार देने की कार्यवाही भी शुरू की गई थी।
क्या आरोपी का कोई पूर्व आपराधिक इतिहास है?
जाँच में सामने आया कि वेलकम इलाके का निवासी यह लगभग 26 वर्षीय आरोपी पहले भी गैर-इरादतन हत्या और जुए से संबंधित मामलों में संलिप्त रहा है। मामले की आगे की जाँच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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