दिल्ली पुलिस ने रेप और पोक्सो मामले के फरार आरोपी को उत्तराखंड से किया गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वेलकम पुलिस स्टेशन की टीम ने रेप, ब्लैकमेलिंग, पीछा करने और पोक्सो एक्ट के तहत वांछित एक आरोपी को उत्तराखंड के भगवानपुर से गिरफ्तार किया है। मामला दर्ज होने के करीब दो महीने बाद यह गिरफ्तारी संभव हुई, जब पुलिस ने तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपी का पता लगाया।
मामले की पृष्ठभूमि
4 अप्रैल 2026 को वेलकम पुलिस स्टेशन में 21 वर्षीया एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई थी। युवती के अनुसार, 2023 में आरोपी ने पिस्तौल दिखाकर उसका यौन उत्पीड़न किया था। कथित तौर पर आरोपी ने घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया और बाद में उस वीडियो के ज़रिए पीड़िता को ब्लैकमेल करता रहा, उसे बार-बार यौन शोषण का शिकार बनाया और उसे तथा उसके परिजनों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। आरोपी ने ट्यूशन क्लास के दौरान पीड़िता का पीछा भी किया।
पोक्सो एक्ट की धारा जोड़ी गई
जाँच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी। इस खुलासे के बाद पुलिस ने मामले में पोक्सो एक्ट की धारा 6 भी जोड़ी। मामला दर्ज होते ही आरोपी फरार हो गया था, जिसके बाद उसके संभावित ठिकानों पर कई बार छापेमारी की गई।
तकनीकी निगरानी और अभियान
पुलिस ने सीडीआर विश्लेषण, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और स्थानीय खुफिया जानकारी का सहारा लेते हुए आरोपी की तलाश जारी रखी। उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) हासिल किए गए और बीएनएसएस की धारा 84 के तहत उसे 'घोषित अपराधी' करार देने की कार्यवाही भी शुरू की गई थी।
गिरफ्तारी का विवरण
यह अभियान वेलकम पुलिस स्टेशन के एसएचओ इंस्पेक्टर रूपेश कुमार खत्री के नेतृत्व में और भजनपुरा के एसीपी सहदेव कुमार राणा की निगरानी में चलाया गया। पुख्ता सूचना मिलने पर टीम ने उत्तराखंड के भगवानपुर में दबिश दी और वेलकम इलाके के निवासी लगभग 26 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
जाँच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी गैर-इरादतन हत्या और जुए से संबंधित मामलों में संलिप्त रहा है। फिलहाल मामले की आगे की जाँच जारी है और पुलिस अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।