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कोलकाता: महिला से रेप और ब्लैकमेल के आरोप में एफआईआर, बांसद्रोनी पुलिस ने जांच शुरू की

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कोलकाता: महिला से रेप और ब्लैकमेल के आरोप में एफआईआर, बांसद्रोनी पुलिस ने जांच शुरू की

सारांश

कोलकाता में एक महिला ने सात साल की चुप्पी तोड़ते हुए रेप और ब्लैकमेल के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई। आरोप है कि आरोपी ने 2021 से होटलों में यौन उत्पीड़न किया और अश्लील तस्वीरें-वीडियो से धमकाता रहा। बांसद्रोनी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, आरोपी की तलाश जारी है।

मुख्य बातें

कोलकाता में एक महिला की शिकायत पर 16 जुलाई को रेप और ब्लैकमेल का मामला दर्ज किया गया।
पीड़िता के अनुसार, आरोपी से संपर्क लगभग सात साल पहले सोशल मीडिया के ज़रिए हुआ था।
कथित यौन उत्पीड़न 2021 से शुरू हुआ; आरोपी ने अश्लील सामग्री से धमकाकर चुप रहने पर मजबूर किया।
ताज़ा कथित घटना जोका क्षेत्र के एक होटल में हुई, जिसके बाद महिला ने पुलिस से संपर्क किया।
मामला पहले मेटियाब्रुज में जीरो एफआईआर के रूप में दर्ज हुआ, फिर बांसद्रोनी पुलिस स्टेशन को ट्रांसफर किया गया।
आरोपी अभी तक गिरफ्तार नहीं; पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

कोलकाता के बांसद्रोनी पुलिस स्टेशन ने एक महिला की शिकायत पर 16 जुलाई को एक व्यक्ति के खिलाफ बलात्कार और निजी फोटो-वीडियो के ज़रिए ब्लैकमेल करने का मामला दर्ज किया है। पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने 2021 से उसका यौन उत्पीड़न किया और धमकी दी कि अगर उसने विरोध किया तो वह अश्लील सामग्री सोशल मीडिया पर सार्वजनिक कर देगा। परिवार के सहयोग से साहस जुटाकर महिला ने इस सप्ताह की शुरुआत में पुलिस से संपर्क किया।

मामले का पूरा घटनाक्रम

शिकायत के अनुसार, महिला लगभग सात साल पहले सोशल मीडिया के माध्यम से आरोपी के संपर्क में आई थी, जिसके बाद दोनों के बीच मित्रता स्थापित हुई। कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान उनकी बातचीत और गहरी हो गई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि 2021 से आरोपी उसे साथ घूमने के बहाने कोलकाता के बाहर विभिन्न स्थानों पर ले जाता रहा और होटल के कमरों में उसका यौन उत्पीड़न करता रहा।

महिला ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उसकी अश्लील तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए और बाद में उनका उपयोग उसे धमकाने तथा संबंध जारी रखने के लिए दबाव बनाने में किया। कथित तौर पर आरोपी ने चेतावनी दी कि यदि उसने विरोध किया या किसी को बताया, तो वह यह सामग्री सोशल मीडिया और उसके परिचितों के बीच फैला देगा।

जोका होटल में कथित अंतिम घटना

पीड़िता ने बताया कि हाल ही में आरोपी उसे कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाके में स्थित जोका क्षेत्र के एक होटल में ले गया, जहाँ कथित तौर पर नशे की हालत में रातभर उसका यौन उत्पीड़न किया गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसे होटल के कमरे से बालकनी तक नग्न अवस्था में चलने के लिए मजबूर किया गया। अगली सुबह वह किसी तरह होटल से निकलने में सफल रही और बुरी हालत में घर पहुँची।

चुप्पी की वजह और शिकायत दर्ज कराने का फैसला

पीड़िता ने कहा कि डर और सामाजिक शर्म के कारण वह वर्षों तक चुप रही और परिवार को इन घटनाओं की जानकारी नहीं दी। उसने स्वीकार किया कि जब भी उसने दुर्व्यवहार का विरोध करने की कोशिश की, उसे डराया-धमकाया गया। अंततः परिवार के सहयोग और हिम्मत जुटाकर उसने पुलिस से संपर्क किया।

पुलिस की कार्रवाई और जांच की स्थिति

पुलिस के अनुसार, शिकायत पहले मेटियाब्रुज पुलिस स्टेशन में जीरो एफआईआर के रूप में दर्ज की गई थी। प्रारंभिक जांच के बाद, चूँकि कथित यौन उत्पीड़न की घटनाएँ बांसद्रोनी क्षेत्र में हुई थीं, इसलिए मामला उसी थाने में स्थानांतरित कर दिया गया। कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'महिला की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है और जांच चल रही है। आरोपी का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।' फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिस पर कानूनी ढाँचा अभी भी पूरी तरह सक्षम नहीं है। कोलकाता में आरजी कर मेडिकल कॉलेज जैसे हाई-प्रोफाइल मामलों के बाद महिला सुरक्षा पर बढ़ी जागरूकता के बावजूद, ज़मीनी स्तर पर शिकायत दर्ज कराने की राह अभी भी कठिन है। असली सवाल यह है कि पुलिस आरोपी को कितनी जल्दी पकड़ती है और डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखे जाते हैं या नहीं।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता रेप और ब्लैकमेल मामले में क्या हुआ है?
कोलकाता में एक महिला ने एक व्यक्ति के खिलाफ रेप और निजी फोटो-वीडियो से ब्लैकमेल करने का मामला दर्ज कराया है। पीड़िता के अनुसार, 2021 से आरोपी उसे होटलों में ले जाकर यौन उत्पीड़न करता रहा और अश्लील सामग्री सार्वजनिक करने की धमकी देकर चुप रखता रहा।
बांसद्रोनी पुलिस स्टेशन को यह मामला क्यों ट्रांसफर किया गया?
शिकायत पहले मेटियाब्रुज पुलिस स्टेशन में जीरो एफआईआर के रूप में दर्ज हुई थी। चूँकि कथित यौन उत्पीड़न की घटनाएँ बांसद्रोनी क्षेत्र में हुई थीं, इसलिए प्रारंभिक जांच के बाद मामला बांसद्रोनी पुलिस स्टेशन को स्थानांतरित कर दिया गया।
पीड़िता ने इतने साल बाद शिकायत क्यों दर्ज कराई?
पीड़िता ने बताया कि डर और सामाजिक शर्म के कारण वह वर्षों तक चुप रही। आरोपी ने धमकी दी थी कि विरोध करने पर वह अश्लील सामग्री सोशल मीडिया और परिचितों में फैला देगा। परिवार का सहयोग मिलने के बाद उसने साहस जुटाकर पुलिस से संपर्क किया।
क्या आरोपी को गिरफ्तार किया गया है?
अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपी का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
इस मामले में कौन-सी कानूनी धाराएँ लागू हो सकती हैं?
इस मामले में बलात्कार और यौन उत्पीड़न से संबंधित धाराओं के साथ-साथ निजी तस्वीरें-वीडियो से ब्लैकमेल के लिए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराएँ लागू हो सकती हैं। हालाँकि पुलिस ने अभी तक लगाई गई धाराओं का आधिकारिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया है।
राष्ट्र प्रेस
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