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सेंसेक्स दिन के हाई से 393 अंक फिसला, निफ्टी 24,072 पर सपाट बंद; पश्चिम एशिया तनाव का असर

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सेंसेक्स दिन के हाई से 393 अंक फिसला, निफ्टी 24,072 पर सपाट बंद; पश्चिम एशिया तनाव का असर

सारांश

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय बाजार गुरुवार को सपाट बंद हुए। सेंसेक्स दिन के हाई से 393 अंक फिसलकर 77,186 पर और निफ्टी 24,072 पर बंद हुआ। दोपहर बाद की मुनाफावसूली ने शुरुआती बढ़त को लगभग पूरी तरह मिटा दिया।

मुख्य बातें

सेंसेक्स 16 जुलाई को मात्र 1.44 अंक की बढ़त के साथ 77,186.87 पर बंद हुआ।
निफ्टी 50 5.75 अंक यानी 0.02 प्रतिशत गिरकर 24,072.75 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स दिन के हाई 77,579.69 से 392.82 अंक यानी 0.50 प्रतिशत फिसला।
निफ्टी रियल्टी 0.98 प्रतिशत गिरकर सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा; निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.48 प्रतिशत की बढ़त के साथ शीर्ष पर।
2,119 शेयरों में गिरावट बनाम 1,947 में तेजी — बाजार की चौड़ाई नकारात्मक।
आगे निवेशकों की नजर तिमाही नतीजों, मानसून की प्रगति और वैश्विक महंगाई संकेतों पर।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स गुरुवार, 16 जुलाई को मामूली 1.44 अंक की बढ़त के साथ 77,186.87 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 5.75 अंक यानी 0.02 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 24,072.75 पर बंद हुआ। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण दोपहर बाद हुई मुनाफावसूली ने बाजार की शुरुआती बढ़त को लगभग पूरी तरह मिटा दिया।

दिन का कारोबार: उतार-चढ़ाव भरा सत्र

सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,185.43 से 203 अंक यानी 0.26 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,388.42 पर खुला। इंट्रा-डे कारोबार में यह 394 अंक यानी 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,579.69 के दिन के उच्चतम स्तर तक पहुँचा, लेकिन बंद होने तक दिन के हाई से 392.82 अंक यानी 0.50 प्रतिशत फिसल गया।

निफ्टी 50 भी अपने पिछले बंद 24,078.50 से 0.26 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,142.10 पर खुला और दिन में 108 अंक यानी 0.44 प्रतिशत की उछाल के साथ 24,186.50 के इंट्रा-डे हाई पर पहुँचा, लेकिन वहाँ से 114 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ।

बाजार की चौड़ाई और सेक्टोरल प्रदर्शन

बाजार की चौड़ाई नकारात्मक रही। कुल 1,947 शेयरों में तेजी, 2,119 शेयरों में गिरावट और 194 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। व्यापक बाजारों में निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.41 प्रतिशत और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।

सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.48 प्रतिशत की बढ़त के साथ शीर्ष प्रदर्शनकर्ता रहा। इसके बाद निफ्टी मीडिया (1.18 प्रतिशत), निफ्टी आईटी (0.67 प्रतिशत) और निफ्टी ऑटो (0.46 प्रतिशत) का स्थान रहा। निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी फार्मा में क्रमशः 0.25 प्रतिशत और 0.02 प्रतिशत की मामूली बढ़त रही।

दूसरी तरफ, निफ्टी रियल्टी 0.98 प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। निफ्टी पीएसयू बैंक (-0.46 प्रतिशत), निफ्टी मेटल (-0.33 प्रतिशत), निफ्टी प्राइवेट बैंक (-0.31 प्रतिशत) और निफ्टी बैंक (-0.30 प्रतिशत) भी दबाव में रहे।

टॉप गेनर्स और लूजर्स

निफ्टी 50 में एचसीएल टेक, इंडिगो, विप्रो, मारुति, बजाज फाइनेंस और एमएंडएम के शेयर टॉप गेनर्स में रहे। वहीं इटरनल, एसबीआई लाइफ, बजाज फिनसर्व, बीईएल और एचडीएफसी बैंक के शेयर टॉप लूजर्स की सूची में शामिल रहे।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

एक बाजार विशेषज्ञ के अनुसार, निवेशक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और एशियाई बाजारों के कमजोर संकेतों के चलते सतर्क नजर आए। महंगाई को लेकर बनी चिंताओं का असर वित्तीय और रियल्टी शेयरों पर देखने को मिला। हालाँकि, चुनिंदा पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर आयात शुल्क दोबारा लागू होने और बेहतर तिमाही नतीजों के दम पर केमिकल सेक्टर ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया।

यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में उम्मीद से कम महंगाई के आँकड़े सामने आए, जिससे ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंकाएँ कुछ कम हुईं और बाजार को निचले स्तरों पर सहारा मिला। आगे चलकर निवेशकों की नजर कंपनियों के तिमाही नतीजों, प्रबंधन की भविष्य की रणनीति और मानसून की प्रगति पर रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोपहर बाद की मुनाफावसूली और अंततः सपाट बंद। यह बताता है कि बाजार में ऊपरी स्तरों पर टिकाऊ खरीदारी का अभाव है। पश्चिम एशिया का तनाव नया नहीं है, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों पर इसका असर भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए महंगाई और चालू खाते के घाटे दोनों के लिहाज से जोखिम बना रहता है। रियल्टी और बैंकिंग सेक्टर का एक साथ दबाव में रहना संकेत देता है कि ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता अभी बाजार की सोच पर हावी है — अमेरिकी महंगाई के नरम आँकड़ों के बावजूद।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

16 जुलाई को सेंसेक्स और निफ्टी कहाँ बंद हुए?
सेंसेक्स 16 जुलाई को मामूली 1.44 अंक की बढ़त के साथ 77,186.87 पर और निफ्टी 50 5.75 अंक यानी 0.02 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,072.75 पर बंद हुआ। दोनों प्रमुख सूचकांक दिन के उच्चतम स्तर से काफी नीचे आकर बंद हुए।
आज बाजार दिन के हाई से क्यों फिसला?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और एशियाई बाजारों के कमजोर संकेतों ने दोपहर बाद मुनाफावसूली को बढ़ावा दिया। इससे सेंसेक्स अपने इंट्रा-डे हाई 77,579.69 से 392.82 अंक यानी 0.50 प्रतिशत फिसल गया।
आज कौन से सेक्टर सबसे अच्छे और सबसे बुरे प्रदर्शन में रहे?
निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.48 प्रतिशत की बढ़त के साथ शीर्ष प्रदर्शनकर्ता रहा, जबकि निफ्टी रियल्टी 0.98 प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे खराब सेक्टर रहा। निफ्टी आईटी और निफ्टी मीडिया में भी बढ़त दर्ज हुई, जबकि बैंकिंग और मेटल सेक्टर दबाव में रहे।
आज के बाजार पर वैश्विक कारकों का क्या असर रहा?
अमेरिका में उम्मीद से कम महंगाई के आँकड़ों ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका कम की और बाजार को निचले स्तरों पर सहारा दिया। हालाँकि, पश्चिम एशिया के तनाव और एशियाई बाजारों के कमजोर संकेतों ने समग्र धारणा को दबाए रखा।
आगे बाजार की दिशा किन कारकों पर निर्भर करेगी?
विशेषज्ञों के अनुसार, कंपनियों के तिमाही नतीजे, प्रबंधन की भविष्य की रणनीति और मानसून की प्रगति निकट भविष्य में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएँगे। इसके साथ ही वैश्विक महंगाई के संकेत और भू-राजनीतिक घटनाक्रम भी बाजार पर असर डालते रहेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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