भारत-ए बनाम श्रीलंका-ए अनाधिकारिक टेस्ट: 170 रन की बढ़त के साथ ड्रॉ की ओर मुकाबला
सारांश
मुख्य बातें
गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे भारत-ए और श्रीलंका-ए के बीच अनाधिकारिक टेस्ट सीरीज के पहले मैच का तीसरा दिन ड्रॉ के संकेतों के साथ समाप्त हुआ। 27 जून की शाम तक भारतीय टीम ने अपनी दूसरी पारी में बिना कोई विकेट गंवाए 48 रन बना लिए थे, जिससे कुल बढ़त 170 रन हो गई। चौथे और अंतिम दिन मैच का ड्रॉ में समाप्त होना लगभग तय दिख रहा है।
पहली पारी: भारत-ए का दबदबा
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी 452/6 के विशाल स्कोर पर घोषित की। पारी की शुरुआत में साईं सुदर्शन और आयुष पांडे ने पहले विकेट के लिए 82 रन की साझेदारी की। पांडे 25 रन बनाकर आउट हुए।
इसके बाद सुदर्शन ने अपनी पारी को आगे बढ़ाते हुए 175 गेंदों में 19 चौकों की मदद से 132 रन की शानदार पारी खेली। ध्रुव जुरेल ने 14 चौकों के साथ 141 रन की नाबाद पारी से टीम के स्कोर को बड़े मुकाम तक पहुँचाया। शेख रशीद ने भी 63 रन का उपयोगी योगदान दिया। श्रीलंका-ए की ओर से चमिका गुणासेकरा ने सर्वाधिक 3 विकेट लिए, जबकि दिलुम सुदीरा को 2 विकेट मिले।
श्रीलंका-ए की पहली पारी: 330 पर सिमटी
भारत के विशाल स्कोर के जवाब में श्रीलंका-ए की टीम पहली पारी में 330 रन पर सिमट गई। मेजबान टीम ने 38 रन के भीतर ही 2 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद अशीन बंडारा और नुवानिदु फर्नांडो ने तीसरे विकेट के लिए 105 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर पारी को संभाला।
फर्नांडो 9 चौकों के साथ 84 रन बनाकर पवेलियन लौटे। बंडारा ने इसके बाद कप्तान सहान अराच्चिगे के साथ चौथे विकेट के लिए 117 रन जोड़े। बंडारा 10 चौकों के साथ 70 रन बनाकर आउट हुए, जबकि अराच्चिगे ने 72 रन का योगदान दिया। भारत की ओर से औकिब नबी डार ने सर्वाधिक 4 विकेट झटके, जबकि यश ठाकुर और हर्ष दुबे ने 2-2 विकेट लिए। अंशुल कंबोज और सारांश जैन को 1-1 विकेट मिला।
दूसरी पारी और बढ़त का हिसाब
पहली पारी के आधार पर 122 रन की बढ़त हासिल करने के बाद भारत-ए ने दूसरी पारी में तीसरे दिन की समाप्ति तक बिना विकेट खोए 48 रन जोड़े, जिससे कुल बढ़त 170 रन हो गई। हालाँकि, साईं सुदर्शन 7 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर गए। इसके बाद आयुष पांडे (नाबाद 20) और देवदत्त पड्डिकल (नाबाद 20) ने पारी को आगे बढ़ाया।
अंतिम दिन की संभावनाएँ
गाले की पिच पर चौथे दिन श्रीलंका-ए के लिए 170 रन से अधिक की बढ़त का पीछा करते हुए जीत हासिल करना व्यावहारिक रूप से असंभव दिखता है। भारतीय टीम अंतिम दिन अपनी बल्लेबाजी को परखना चाहेगी और युवा खिलाड़ियों को अनुभव देने का मौका मिलेगा। यह मैच दोनों टीमों के उभरते खिलाड़ियों के लिए सीनियर राष्ट्रीय टीम की दहलीज से पहले की अहम परीक्षा है।