गाले टेस्ट: फर्नांडो-बंडारा की 75 रन की साझेदारी, श्रीलंका-ए दूसरे दिन 113/2; भारत-ए से 339 पीछे
सारांश
मुख्य बातें
गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे अनाधिकारिक टेस्ट सीरीज के पहले मैच के दूसरे दिन (26 जून) श्रीलंका-ए ने 2 विकेट पर 113 रन बनाकर उल्लेखनीय वापसी की, हालाँकि वह अभी भी भारत-ए की पहली पारी के 452/6 (घोषित) से 339 रन पीछे है। नुवानिदु फर्नांडो और अशीन बंडारा के बीच तीसरे विकेट के लिए 75 रन की अटूट साझेदारी ने मेजबान टीम को संकट से उबारा।
भारत-ए की पहली पारी: सुदर्शन और जुरेल की धमाकेदार बल्लेबाज़ी
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी भारत-ए को आयुष पांडे और साईं सुदर्शन की सलामी जोड़ी ने ठोस शुरुआत दिलाई। दोनों ने 23 ओवरों में 82 रन की ओपनिंग साझेदारी की। पांडे 64 गेंदों में 3 चौकों की मदद से 25 रन बनाकर पवेलियन लौटे।
सुदर्शन ने इसके बाद ऋतुराज गायकवाड़ (22 रन) के साथ तीसरे विकेट के लिए 90 रन और ध्रुव जुरेल के साथ चौथे विकेट के लिए 35 रन जोड़े। सुदर्शन ने 175 गेंदों में 19 चौकों की बदौलत 132 रन की शानदार पारी खेली।
217 के स्कोर पर चौथा विकेट गिरने के बाद ध्रुव जुरेल ने पारी की कमान संभाली। उन्होंने शेख रशीद के साथ पाँचवें विकेट के लिए 136 रन और हर्ष दुबे के साथ छठे विकेट के लिए 86 रन जोड़े। रशीद 5 चौकों के साथ 63 रन बनाकर आउट हुए, जबकि दुबे ने 30 रन का योगदान दिया। जुरेल 215 गेंदों में 14 बाउंड्री के साथ 141 रन नाबाद रहे।
श्रीलंका-ए की ओर से चमिका गुणासेकरा ने सर्वाधिक 3 विकेट चटकाए, जबकि दिलुम सुदीरा ने 2 विकेट हासिल किए।
श्रीलंका-ए की पारी: शुरुआती झटके, फिर फर्नांडो-बंडारा का संघर्ष
जवाब में उतरी श्रीलंका-ए को शुरुआत में ही दो बड़े झटके लगे। निरोशन डिकवेला मात्र 13 के स्कोर पर 10 रन बनाकर आउट हुए, और इसके बाद पवनथा वीरासिंघे 38 के कुल योग पर 11 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
यहाँ से अशीन बंडारा और नुवानिदु फर्नांडो ने मोर्चा संभाला और तीसरे विकेट के लिए 75 रन की अटूट साझेदारी कर टीम को 113/2 तक पहुँचाया। भारत-ए की ओर से अंशुल कंबोज और यश ठाकुर ने 1-1 विकेट लिए।
मैच की स्थिति और आगे की राह
श्रीलंका-ए अभी भी भारत-ए की पहली पारी से 339 रन पीछे है और उसके 8 विकेट शेष हैं। तीसरे दिन फर्नांडो और बंडारा की जोड़ी पर यह ज़िम्मेदारी होगी कि वे इस अंतर को कम से कम करें। भारतीय गेंदबाज़ों के लिए सुबह की नई गेंद से जल्दी सफलता हासिल करना मैच पर पकड़ बनाए रखने की कुंजी होगी।