11 अगस्त 2026
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पालघर में एक घंटे में भूकंप के दो झटके, 3.4 रही तीव्रता; जान-माल का नुकसान नहीं

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पालघर में एक घंटे में भूकंप के दो झटके, 3.4 रही तीव्रता; जान-माल का नुकसान नहीं

सारांश

महाराष्ट्र के पालघर में एक ही रात दो बार धरती काँपी — दोनों झटके 3.4 तीव्रता के, महज एक घंटे के अंतराल पर। इससे पहले नासिक में भी 4.3 तीव्रता का भूकंप आ चुका है। जान-माल का नुकसान नहीं, लेकिन लगातार झटकों ने क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है।

मुख्य बातें

पालघर जिले में 10 अगस्त 2026 की रात एक घंटे के भीतर भूकंप के दो झटके महसूस किए गए।
दोनों भूकंपों की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.4 और गहराई 5 किलोमीटर दर्ज की गई।
पहला झटका रात 10:04 बजे , दूसरा 11:00 बजे आया; दोनों के केंद्र एक-दूसरे के निकट थे।
दोनों भूकंपों से किसी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
इससे पहले 8 अगस्त को नासिक में 4.3 तीव्रता का भूकंप आया था।
प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और सावधानियाँ बरतने की अपील की है।

महाराष्ट्र के पालघर जिले में 10 अगस्त 2026 की रात एक घंटे से भी कम अंतराल में भूकंप के दो झटके महसूस किए गए, जिनकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.4 दर्ज की गई। पालघर जिला अधिकारी कार्यालय के अनुसार, दोनों भूकंपों की गहराई जमीन से महज 5 किलोमीटर नीचे थी और अभी तक किसी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।

भूकंप का विवरण और केंद्र

भूकंप विज्ञान केंद्र के आँकड़ों के अनुसार, पहला झटका 10 अगस्त की रात 10 बजकर 4 मिनट 11 सेकंड पर आया। इसका केंद्र 19.883° उत्तरी अक्षांश और 73.164° पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया।

इसके करीब एक घंटे बाद, रात 11 बजकर 0 मिनट 52 सेकंड पर दूसरा झटका महसूस हुआ। दूसरे भूकंप का केंद्र 19.912° उत्तरी अक्षांश और 73.167° पूर्वी देशांतर पर था — पहले केंद्र से मात्र कुछ किलोमीटर की दूरी पर। दोनों की गहराई 5 किलोमीटर रही।

आम जनता पर असर

एक ही रात में दो बार धरती हिलने से पालघर और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल रहा। लोग घरों से बाहर निकल आए। हालाँकि, अधिकारियों ने पुष्टि की है कि दोनों झटकों से किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।

नासिक में भी हाल ही में आया था भूकंप

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र के नासिक जिले में भी 8 अगस्त की रात 10 बजकर 59 सेकंड पर 4.3 तीव्रता का भूकंप आया था। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, उस भूकंप का केंद्र 20.424° उत्तरी अक्षांश और 73.682° पूर्वी देशांतर पर, जमीन से 5 किलोमीटर की गहराई में था। नासिक जिले में केंद्र होने के कारण आसपास के कई इलाकों में भी झटके महसूस किए गए थे।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

भू-वैज्ञानिकों का कहना है कि कम तीव्रता वाले भूकंप इस क्षेत्र में अक्सर आते रहते हैं, परंतु कम समय में बार-बार झटके महसूस होने से आम जनता में चिंता बढ़ जाती है। गौरतलब है कि पालघर भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र रहा है और यहाँ छोटे-छोटे झटके रिकॉर्ड होते रहे हैं।

प्रशासन ने नागरिकों से घबराने के बजाय सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियाँ बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने स्थिति पर नज़र बनाए रखने का आश्वासन दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पश्चिमी महाराष्ट्र की भूगर्भीय हलचल की ओर इशारा करते हैं। हालाँकि तीव्रता कम है, लेकिन 5 किलोमीटर की उथली गहराई वाले भूकंप सतह पर अधिक तेज़ महसूस होते हैं। प्रशासन की 'सतर्क रहें' की अपील पर्याप्त नहीं — इस क्षेत्र में भूकंप-रोधी निर्माण मानकों के अनुपालन की नियमित जाँच ज़रूरी है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पालघर में 10 अगस्त को कितने भूकंप आए और उनकी तीव्रता क्या थी?
10 अगस्त 2026 की रात पालघर में एक घंटे के भीतर दो भूकंप आए, दोनों की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.4 दर्ज की गई। पहला झटका रात 10:04 बजे और दूसरा 11:00 बजे महसूस हुआ।
पालघर भूकंप से कोई नुकसान हुआ?
पालघर जिला अधिकारी कार्यालय के अनुसार, दोनों भूकंपों से किसी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। लोग घरों से बाहर निकले, लेकिन स्थिति नियंत्रण में रही।
पालघर भूकंप का केंद्र कहाँ था?
पहले भूकंप का केंद्र 19.883° उत्तरी अक्षांश और 73.164° पूर्वी देशांतर पर था, जबकि दूसरे का केंद्र 19.912° उत्तरी अक्षांश और 73.167° पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया। दोनों की गहराई 5 किलोमीटर रही।
क्या महाराष्ट्र में हाल ही में और भी भूकंप आए हैं?
हाँ, 8 अगस्त 2026 की रात नासिक जिले में 4.3 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र 5 किलोमीटर की गहराई में था। कुछ ही दिनों में महाराष्ट्र के दो अलग-अलग जिलों में भूकंप के झटके दर्ज किए गए हैं।
पालघर में बार-बार भूकंप क्यों आते हैं?
भू-वैज्ञानिकों के अनुसार, पालघर भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र है और यहाँ कम तीव्रता के झटके अक्सर रिकॉर्ड होते रहते हैं। उथली गहराई (5 किमी) के कारण ये झटके सतह पर अधिक तेज़ महसूस होते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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