चौथा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026: ग्रेटर नोएडा में 90 देशों के प्रतिनिधि, सीएम योगी बोले — यूपी बन रहा मैन्युफैक्चरिंग हब
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 सितंबर 2026 को ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित चौथे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह आयोजन उत्तर प्रदेश की औद्योगिक, पारंपरिक और तकनीकी ताकत को वैश्विक मंच पर स्थापित करने का सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह ट्रेड शो प्रदेश की 'पॉसिबिलिटी को प्रॉस्पेरिटी' में बदलने का काम कर रहा है।
आयोजन का विस्तार और भागीदारी
इस वर्ष 36 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में आयोजित इस ट्रेड शो में 2,400 से अधिक एग्जीबिटर्स हिस्सा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार 90 से अधिक देशों के प्रतिनिधि, करीब 600 विदेशी खरीदार और लगभग डेढ़ लाख बी-टू-बी विजिटर्स इस आयोजन का हिस्सा बनने वाले हैं। उन्होंने जापान, सिंगापुर और बेलारूस के राजदूतों एवं उच्चायुक्तों का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।
ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों के साथ-साथ आधुनिक तकनीक, मैन्युफैक्चरिंग, एमएसएमई और नवाचार से जुड़े उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं। ऑस्ट्रिया, रूस, बेलारूस, वियतनाम और फ्रांस समेत कई देशों की सहभागिता से स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और ज्वाइंट वेंचर की संभावनाएँ भी तलाशी जा रही हैं।
ओडीओपी और पारंपरिक उद्योगों को वैश्विक मंच
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की असली ताकत उसकी परंपरा और उद्यम में निहित है। इसी सोच के साथ परंपरागत उद्योगों को वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) के रूप में ब्रांडिंग दी गई। उन्होंने बताया कि अलग-अलग जिलों के विशिष्ट उत्पादों को वैश्विक स्तर तक पहुँचाने का काम निरंतर जारी है।
योगी ने कहा कि यूपीआईटीएस के माध्यम से प्रदेश के छोटे उद्यमियों, कारीगरों, बुनकरों और एमएसएमई को सीधे वैश्विक बाजार से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। इससे बिचौलियों की भूमिका कम हो रही है और उत्पादकों को बेहतर बाजार उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक हुनर अब करोड़ों रुपये के कारोबार में तब्दील हो रहे हैं।
निर्यात और मैन्युफैक्चरिंग में उत्तर प्रदेश की बढ़त
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश तेजी से मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है और प्रदेश से ₹2 लाख करोड़ से अधिक का निर्यात दुनिया के विभिन्न देशों को हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने कई देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) किए हैं, जिनके माध्यम से उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को निवेश के लिए आमंत्रित कर रहा है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है और राज्य की आर्थिक छवि को नई ऊँचाई देने की कोशिश की जा रही है।
अमित शाह के योगदान का उल्लेख
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने की प्रक्रिया के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में अमित शाह ने पार्टी के लोक कल्याण संकल्प पत्र में प्रदेश की परंपरागत ताकत को पहचानने पर जोर दिया था। उसी दृष्टि के परिणामस्वरूप ओडीओपी जैसी योजनाएँ आकार ले सकीं।
आगे की राह
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो केवल एक व्यापारिक मेला नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के परिवर्तन की गाथा को विश्व के समक्ष प्रस्तुत करने का मंच है। उनके अनुसार, जो अपनी जड़ों से जुड़कर दुनिया के साथ कदम-से-कदम मिलाकर चलता है, उसकी ओर वैश्विक ध्यान स्वाभाविक रूप से खिंचता है। यूपीआईटीएस इसी बदलाव का प्रतीक है और आने वाले वर्षों में इसका विस्तार और भी व्यापक होने की उम्मीद है।