यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026: 90 देशों के 600+ क्रेता, 2400 स्टॉल — भूपेंद्र चौधरी बोले, वैश्विक पहचान का मंच
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने 25 सितंबर 2026 को ग्रेटर नोएडा में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) के चौथे संस्करण के शुभारंभ पर कहा कि यह आयोजन प्रदेश के उद्यमियों, कारीगरों और हस्तशिल्पियों को वैश्विक बाज़ार से सीधे जोड़ने का सबसे प्रभावी मंच बन चुका है। 90 से अधिक देशों के 600 से अधिक क्रेताओं की सहभागिता और 2400 से अधिक स्टॉलों के साथ यह संस्करण पिछले तीनों आयोजनों से कहीं अधिक व्यापक और भव्य है।
चौथे संस्करण में क्या है नया
मंत्री चौधरी ने बताया कि इस बार आयोजन में रक्षा, कृषि, उद्योग, ई-कॉमर्स, आईटी, शिक्षा, अवसंरचना, चिकित्सा, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएँ, डेयरी, हैंडलूम, टेक्सटाइल और जीआई उत्पाद जैसे विविध क्षेत्रों को एक ही छत के नीचे समेटा गया है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस (FIEO) के सहयोग से विभिन्न देशों के क्रेताओं के साथ बी2बी बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं, जिससे प्रदेश के उद्यमियों को नए बाज़ार खोजने का सीधा अवसर मिलेगा।
आयोजन के दौरान ई-कॉमर्स, हेल्थकेयर, वित्त, एफपीओ, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बेस्ट मैनेजमेंट और फार्मा जैसे विषयों पर नॉलेज सेशन भी संचालित किए जा रहे हैं। आयोजकों को इस बार 5 लाख से अधिक फुटफॉल की उम्मीद है।
यूपी एमएसएमई क्षेत्र की ताकत
भूपेंद्र चौधरी ने रेखांकित किया कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 1 करोड़ से अधिक पंजीकृत एमएसएमई इकाइयाँ सक्रिय हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं। इन इकाइयों में 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोज़गार मिला है और कृषि के बाद एमएसएमई प्रदेश का सबसे बड़ा रोज़गार प्रदाता क्षेत्र है। मंत्री के अनुसार प्रदेश की जीडीपी, प्रति व्यक्ति आय, निर्यात और युवा रोज़गार सृजन में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।
सरकारी योजनाओं का विस्तार
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत अब तक 6 लाख से अधिक कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण और उन्नत टूल किट का लाभ दिया जा चुका है। इस बार योजना में 14 नई ट्रेडें जोड़ी गई हैं, जिससे कुल ट्रेडों की संख्या 25 हो गई है। स्वरोज़गार स्थापित करने के लिए बिना गारंटी और बिना ब्याज ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
इसके अलावा ओडीओपी (ODOP), मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान और प्लेज पार्क योजना जैसी पहलों के ज़रिए छोटे उद्यमियों को ऋण, प्रशिक्षण, विपणन और अन्य सहायता दी जा रही है। निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों की नीतियों का लाभ ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जा रहा है।
राजनीतिक संदर्भ
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले तीन संस्करणों की सफलता के बाद UPITS का चौथा आयोजन किया जा रहा है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार राज्य को एक लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है।
आगे की राह
निर्यातकों, युवा उद्यमियों, इनोवेटर्स, तकनीकी संस्थानों, महिला उद्यमियों और खाद्य क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों की व्यापक भागीदारी से इस आयोजन का दायरा पहले से अधिक समावेशी हो गया है। बी2बी बैठकों और नॉलेज सेशन के माध्यम से होने वाले व्यावसायिक करार प्रदेश के एमएसएमई निर्यात को नई ऊँचाई दे सकते हैं।