यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026: 90 देशों के 600+ बायर्स, भूपेंद्र चौधरी बोले — यूपी की वैश्विक साख का प्रतीक
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने 29 सितंबर 2026 को ग्रेटर नोएडा में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) 2026 के समापन अवसर पर कहा कि यह आयोजन प्रदेश की बढ़ती औद्योगिक और कारोबारी साख का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से आए उद्यमियों, निर्यातकों, कारीगरों और खरीदारों को एक साझा मंच मिलने से उत्तर प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाज़ार तक पहुँचाने की नई संभावनाएँ खुली हैं।
मुख्य घटनाक्रम
इस वर्ष के UPITS में 90 देशों के 600 से अधिक विदेशी बायर्स ने हिस्सा लिया। जापान, रूस, वियतनाम, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया और बेलारूस पार्टनर देशों के रूप में शामिल हुए। औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने बताया कि यह आयोजन चार वर्ष पूर्व शुरू हुआ था और अब यह प्रदेश के उद्यमियों, कारीगरों और बुनकरों के उत्पादों को घरेलू से वैश्विक बाज़ार तक पहुँचाने का प्रमुख मंच बन चुका है।
भूपेंद्र चौधरी ने ट्रेड शो में उपस्थित पार्टनर देशों के प्रतिनिधियों, बिज़नेस लीडरों, उद्यमियों, निर्यातकों और कारीगरों का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया।
योजनाओं और नीतियों का योगदान
मंत्री चौधरी ने कहा कि ओडीओपी (One District One Product), विश्वकर्मा श्रम सम्मान और मुख्यमंत्री युवा योजना जैसी पहलें प्रदेश की आर्थिक प्रगति को गति दे रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति, बेहतर कानून-व्यवस्था, सिंगल विंडो सिस्टम और उद्योग-अनुकूल प्रोत्साहन नीतियों से उत्तर प्रदेश को 'उद्यम प्रदेश' के रूप में स्थापित करने में सहायता मिली है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि बिज़नेस रिफॉर्म एक्शन प्लान में प्रदेश लगातार 'टॉप अचीवर' के रूप में सामने आया है।
मुख्यमंत्री युवा योजना के अंतर्गत लाखों युवाओं को बिना गारंटी और बिना ब्याज के ऋण देने की बात चौधरी ने विशेष रूप से रेखांकित की।
पारंपरिक शिल्प और वैश्विक ब्रांडिंग
मंत्री नंदी ने बताया कि UPITS में बनारस की साड़ी, मुरादाबाद का पीतल, भदोही का कालीन और लखनऊ की चिकनकारी सहित प्रदेश की पारंपरिक कला और शिल्प को आधुनिक बाज़ार, तकनीक और ब्रांडिंग से जोड़ने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि 'लोकल को ग्लोबल' बनाने के विज़न के तहत एक्सप्रेसवे, एयर कनेक्टिविटी और निवेश-अनुकूल वातावरण ने उद्योगों के लिए नई संभावनाएँ तैयार की हैं।
रक्षा, डेटा और पर्यटन
चौधरी ने बताया कि पिछले नौ वर्षों में झाँसी, चित्रकूट, अलीगढ़, कानपुर, लखनऊ और आगरा में डिफेंस कॉरिडोर के माध्यम से रक्षा उत्पादन को बढ़ावा मिल रहा है। ग्रेटर नोएडा डेटा सेंटर हब के रूप में उभर रहा है। उन्होंने अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और प्रयागराज महाकुंभ जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिली है।
आगे की राह
नंदी ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में MSME, मैन्युफैक्चरिंग, हस्तशिल्प और निर्यात की महत्वपूर्ण भूमिका है, और UPITS इस योगदान को और विस्तार देने का मज़बूत मंच बनता जा रहा है। यह आयोजन इस बात का संकेत है कि उत्तर प्रदेश अपनी वैश्विक व्यापारिक उपस्थिति को वर्ष-दर-वर्ष मज़बूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।