यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026: 25-29 सितंबर को ग्रेटर नोएडा में चौथा संस्करण, ₹3,200 करोड़ के MOU का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) का चौथा संस्करण 25 से 29 सितंबर 2026 तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित होगा। इस वर्ष की थीम 'यूपी फॉर ग्लोबल ग्रोथ: इनोवेशन, मैन्युफैक्चरिंग एंड एक्सपोर्ट्स' रखी गई है, जो उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यापार और निर्यात के केंद्र के रूप में प्रस्तुत करने के राज्य सरकार के संकल्प को रेखांकित करती है।
मुख्यमंत्री की समीक्षा और निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार, 31 जुलाई को आयोजन की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि यूपीआईटीएस अब महज एक व्यापार प्रदर्शनी नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' और 'मेक फॉर द वर्ल्ड' के विज़न को साकार करने वाला वैश्विक मंच बन चुका है। योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश यानी 'अनलिमिटेड पोटेंशियल' का प्रदेश है और यह आयोजन उस सामर्थ्य को अनुभव करने का सर्वाधिक प्रभावी अवसर है।
उन्होंने देश और विदेश में आयोजन के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक निवेशक, खरीदार और आगंतुक इसमें भाग ले सकें। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर, ओमान, ऑस्ट्रिया, ब्राजील, थाईलैंड, जापान, इंडोनेशिया और रूस सहित अनेक देशों के साथ सक्रिय संवाद स्थापित कर उनकी अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
आयोजन के प्रमुख लक्ष्य और आँकड़े
इस वर्ष के ट्रेड शो में 2,400 से अधिक प्रदर्शकों, 1.50 लाख से अधिक पंजीकृत बी2बी खरीदारों और 4.50 लाख से अधिक बी2सी आगंतुकों की भागीदारी का लक्ष्य है। इसके अतिरिक्त 85 देशों से 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को आमंत्रित किया जा रहा है। आयोजन के दौरान 4,000 से अधिक एमओयू, ₹3,200 करोड़ से अधिक का प्रस्तावित एमओयू मूल्य और ₹13,500 करोड़ से अधिक की बिजनेस इंक्वायरी होने का अनुमान है।
प्रदर्शित होने वाले प्रमुख क्षेत्र
इस बार ट्रेड शो में ओडीओपी, ओडीओसी, एमएसएमई, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी, रक्षा एवं एयरोस्पेस, कृषि, पर्यटन, अक्षय ऊर्जा, ऑटो एवं इलेक्ट्रिक वाहन, फार्मा एवं स्वास्थ्य, स्टार्टअप, लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग, हस्तशिल्प, खादी, वस्त्र, चमड़ा और फर्नीचर सहित अनेक क्षेत्रों का व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा। यह एकल मंच पर उत्तर प्रदेश की विविध औद्योगिक और आर्थिक क्षमता का प्रतिबिंब होगा।
नॉलेज सेशन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, बैंकिंग एवं वित्त, ई-कॉमर्स, वैश्विक मुक्त व्यापार समझौते और एमएसएमई जैसे समकालीन विषयों पर विशेषज्ञ चर्चा आयोजित की जाएगी। साथ ही शास्त्रीय संगीत, कथक, लोकनृत्य, भजन और ग़ज़ल जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
सुरक्षा, यातायात और आधारभूत व्यवस्थाएँ
बैठक में गौतमबुद्ध नगर के पुलिस कमिश्नर ने वर्चुअल माध्यम से ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग, वीआईपी आवागमन और सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों की जानकारी दी। ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने आयोजन स्थल पर आधारभूत सुविधाओं के विकास की प्रगति से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने आगंतुकों की सुविधा के लिए ईवी बसों के संचालन के भी निर्देश दिए।
सरदार पटेल रोजगार योजना की प्रगति
बैठक में सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र विकास योजना की प्रगति की भी समीक्षा हुई। 27 मई को जारी अभिरुचि आमंत्रण (ईओआई) के जवाब में बीवीजी समूह, टीसीएस और हीरानंदानी समूह ने रुचि दिखाई है। टीसीएस ने योजना के तकनीकी भागीदार के रूप में सहयोग देने पर सहमति व्यक्त की है। अब तक 19 जनपदों में लगभग 1,320 एकड़ भूमि चिन्हित की जा चुकी है और प्रथम चरण में 17 केंद्र विकसित किए जाएंगे। योजना के तहत प्रतिवर्ष लगभग 10 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और 80 प्रतिशत प्रशिक्षित युवाओं के प्लेसमेंट का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यूपीआईटीएस उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में एक निर्णायक कदम है — और इस बार की तैयारियाँ उस महत्वाकांक्षा के अनुरूप हैं।