यूपीआईटीएस 2026: ग्रेटर नोएडा में 20 नॉलेज सेशन, उद्योग से ई-कॉमर्स तक विशेषज्ञ चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2026 को ग्रेटर नोएडा में कारोबार, निवेश, तकनीक और उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता के अनूठे संगम के रूप में प्रस्तुत करने की तैयारी जोरों पर है। उद्घाटन और प्लेनरी सत्रों के अतिरिक्त ट्रेड शो में कुल 20 नॉलेज सेशन आयोजित किए जाएंगे, जो उद्योग, निर्यात, स्वास्थ्य, श्रम कानून, ई-कॉमर्स और पर्यावरण जैसे विषयों को कवर करेंगे। यह आयोजन न केवल व्यापारिक और औद्योगिक प्रतिनिधियों, बल्कि आम जनता की सहभागिता को भी केंद्र में रखकर तैयार किया गया है।
नॉलेज सेशन के प्रमुख विषय
इन 20 नॉलेज सेशन में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में उत्तर प्रदेश की भूमिका, भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र का अगला चरण, सेमीकंडक्टर और कंपोनेंट निर्माण जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक विषय शामिल हैं। इसके साथ ही मेडटेक निर्माण, नए श्रम कोड, और मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) से उद्यमों को होने वाले लाभ पर भी विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे।
गौरतलब है कि ये सत्र केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं हैं। एमएसएमई और एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) से जुड़े निर्यातकों के लिए ई-कॉमर्स और डिजिटल बाज़ार की संभावनाओं पर एक विशेष सत्र आयोजित होगा, जिसमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक डिजिटल पहुँच बनाने के व्यावहारिक तरीकों पर चर्चा होगी।
पर्यावरण, स्वास्थ्य और कृषि पर भी फोकस
यूपीआईटीएस-2026 के एजेंडे में व्यापार और उद्योग से परे के विषय भी शामिल हैं। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026, सड़क सुरक्षा, पारंपरिक आयुष वेलनेस और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के सुदृढ़ीकरण पर भी अलग-अलग विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। यह विविधता ट्रेड शो को एक व्यापक नीति-संवाद मंच का रूप देती है।
मुख्यमंत्री के निर्देश और जनभागीदारी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सभी नॉलेज सेशन संक्षिप्त, प्रभावशाली और उपयोगी हों। संबंधित विभागों को अपने-अपने सत्रों की पूरी जवाबदेही सौंपी गई है। विशेष रूप से बुंदेलखंड और ब्रज क्षेत्र की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रदेश के विभिन्न अंचलों की आवाज़ इस आयोजन में गूंजे।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश निवेश आकर्षण के मोर्चे पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति मज़बूत करने की कोशिश में है। विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के केंद्रित नॉलेज सेशन निवेशकों और उद्यमियों को सीधे नीति-निर्माताओं और उद्योग विशेषज्ञों से जोड़ने का अवसर देते हैं।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और स्टार नाइट्स
यूपीआईटीएस-2026 में 25 सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के स्लॉट तैयार किए गए हैं। इनमें कथक, पखावज और सितार वादन के साथ भोजपुरी और आल्हा गायन शामिल होंगे। राई और थारू जनजातीय नृत्य के ज़रिए प्रदेश की लोक और जनजातीय संस्कृति की झलक भी प्रस्तुत की जाएगी।
शास्त्रीय संगीत और नृत्य से लेकर लोक एवं जनजातीय कला तक की ये प्रस्तुतियाँ ट्रेड शो को एक सांस्कृतिक उत्सव का आयाम भी देंगी। इसके अतिरिक्त स्टार म्यूजिकल नाइट्स भी इस आयोजन के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं।
आगे क्या
यूपीआईटीएस-2026 में व्यापार, निवेश और तकनीक के साथ प्रदेश की कला, संस्कृति और परंपराओं को एक ही मंच पर प्रस्तुत करने का यह प्रयास उत्तर प्रदेश की वैश्विक छवि निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले सप्ताहों में विभागीय तैयारियों और प्रतिभागी देशों की सूची के बारे में अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।