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यूपीआईटीएस 2026: ग्रेटर नोएडा में 20 नॉलेज सेशन, उद्योग से ई-कॉमर्स तक विशेषज्ञ चर्चा

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यूपीआईटीएस 2026: ग्रेटर नोएडा में 20 नॉलेज सेशन, उद्योग से ई-कॉमर्स तक विशेषज्ञ चर्चा

सारांश

यूपीआईटीएस 2026 सिर्फ एक ट्रेड शो नहीं — यह उत्तर प्रदेश के कारोबारी, सांस्कृतिक और नीतिगत एजेंडे का एक साथ प्रदर्शन है। 20 नॉलेज सेशन, 25 सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और ओडीओपी से लेकर सेमीकंडक्टर तक के विषय — यह ग्रेटर नोएडा में यूपी की वैश्विक महत्वाकांक्षा का मंच बनने जा रहा है।

मुख्य बातें

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2026 में कुल 20 नॉलेज सेशन आयोजित होंगे।
सत्रों में इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, मेडटेक, ई-कॉमर्स, आयुष वेलनेस और FPO सुदृढ़ीकरण जैसे विषय शामिल हैं।
एमएसएमई और ओडीओपी निर्यातकों के लिए डिजिटल बाज़ार की संभावनाओं पर विशेष सत्र होगा।
मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड और ब्रज क्षेत्र की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ट्रेड शो में 25 सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के स्लॉट तैयार — कथक, भोजपुरी, आल्हा, थारू नृत्य और स्टार म्यूजिकल नाइट्स शामिल।

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2026 को ग्रेटर नोएडा में कारोबार, निवेश, तकनीक और उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता के अनूठे संगम के रूप में प्रस्तुत करने की तैयारी जोरों पर है। उद्घाटन और प्लेनरी सत्रों के अतिरिक्त ट्रेड शो में कुल 20 नॉलेज सेशन आयोजित किए जाएंगे, जो उद्योग, निर्यात, स्वास्थ्य, श्रम कानून, ई-कॉमर्स और पर्यावरण जैसे विषयों को कवर करेंगे। यह आयोजन न केवल व्यापारिक और औद्योगिक प्रतिनिधियों, बल्कि आम जनता की सहभागिता को भी केंद्र में रखकर तैयार किया गया है।

नॉलेज सेशन के प्रमुख विषय

इन 20 नॉलेज सेशन में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में उत्तर प्रदेश की भूमिका, भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र का अगला चरण, सेमीकंडक्टर और कंपोनेंट निर्माण जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक विषय शामिल हैं। इसके साथ ही मेडटेक निर्माण, नए श्रम कोड, और मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) से उद्यमों को होने वाले लाभ पर भी विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे।

गौरतलब है कि ये सत्र केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं हैं। एमएसएमई और एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) से जुड़े निर्यातकों के लिए ई-कॉमर्स और डिजिटल बाज़ार की संभावनाओं पर एक विशेष सत्र आयोजित होगा, जिसमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक डिजिटल पहुँच बनाने के व्यावहारिक तरीकों पर चर्चा होगी।

पर्यावरण, स्वास्थ्य और कृषि पर भी फोकस

यूपीआईटीएस-2026 के एजेंडे में व्यापार और उद्योग से परे के विषय भी शामिल हैं। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026, सड़क सुरक्षा, पारंपरिक आयुष वेलनेस और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के सुदृढ़ीकरण पर भी अलग-अलग विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। यह विविधता ट्रेड शो को एक व्यापक नीति-संवाद मंच का रूप देती है।

मुख्यमंत्री के निर्देश और जनभागीदारी

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सभी नॉलेज सेशन संक्षिप्त, प्रभावशाली और उपयोगी हों। संबंधित विभागों को अपने-अपने सत्रों की पूरी जवाबदेही सौंपी गई है। विशेष रूप से बुंदेलखंड और ब्रज क्षेत्र की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रदेश के विभिन्न अंचलों की आवाज़ इस आयोजन में गूंजे।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश निवेश आकर्षण के मोर्चे पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति मज़बूत करने की कोशिश में है। विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के केंद्रित नॉलेज सेशन निवेशकों और उद्यमियों को सीधे नीति-निर्माताओं और उद्योग विशेषज्ञों से जोड़ने का अवसर देते हैं।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और स्टार नाइट्स

यूपीआईटीएस-2026 में 25 सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के स्लॉट तैयार किए गए हैं। इनमें कथक, पखावज और सितार वादन के साथ भोजपुरी और आल्हा गायन शामिल होंगे। राई और थारू जनजातीय नृत्य के ज़रिए प्रदेश की लोक और जनजातीय संस्कृति की झलक भी प्रस्तुत की जाएगी।

शास्त्रीय संगीत और नृत्य से लेकर लोक एवं जनजातीय कला तक की ये प्रस्तुतियाँ ट्रेड शो को एक सांस्कृतिक उत्सव का आयाम भी देंगी। इसके अतिरिक्त स्टार म्यूजिकल नाइट्स भी इस आयोजन के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं।

आगे क्या

यूपीआईटीएस-2026 में व्यापार, निवेश और तकनीक के साथ प्रदेश की कला, संस्कृति और परंपराओं को एक ही मंच पर प्रस्तुत करने का यह प्रयास उत्तर प्रदेश की वैश्विक छवि निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले सप्ताहों में विभागीय तैयारियों और प्रतिभागी देशों की सूची के बारे में अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि ये सत्र ठोस नीतिगत परिणामों में कितने तब्दील होते हैं। एमएसएमई और ओडीओपी पर फोकस सही दिशा है, पर ई-कॉमर्स चर्चाओं को व्यावहारिक क्रियान्वयन रोडमैप से जोड़ा जाना ज़रूरी है। यदि यह आयोजन केवल 'मंच' बनकर रह जाए और उद्यमियों के लिए ठोस अनुवर्ती कार्रवाई न हो, तो इसकी सार्थकता सीमित रहेगी।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपीआईटीएस 2026 क्या है और यह कहाँ आयोजित होगा?
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2026 उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ग्रेटर नोएडा में आयोजित एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला है। यह आयोजन कारोबार, निवेश, तकनीक और प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता को एक मंच पर प्रस्तुत करने के लिए तैयार किया गया है।
यूपीआईटीएस 2026 में कितने नॉलेज सेशन होंगे और किन विषयों पर?
यूपीआईटीएस 2026 में कुल 20 नॉलेज सेशन आयोजित होंगे। इनमें वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में उत्तर प्रदेश की भूमिका, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडटेक, नए श्रम कोड, मुक्त व्यापार समझौते, ई-कॉमर्स, आयुष वेलनेस, सड़क सुरक्षा और FPO सुदृढ़ीकरण जैसे विषय शामिल हैं।
एमएसएमई और ओडीओपी कारोबारियों को यूपीआईटीएस 2026 से क्या लाभ मिलेगा?
एमएसएमई और ओडीओपी निर्यातकों के लिए ई-कॉमर्स और डिजिटल बाज़ार की संभावनाओं पर एक विशेष सत्र आयोजित होगा। इसमें छोटे और मझोले उद्यमों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक डिजिटल पहुँच बनाने के व्यावहारिक अवसरों की जानकारी दी जाएगी।
यूपीआईटीएस 2026 में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का क्या प्रावधान है?
ट्रेड शो में 25 सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के स्लॉट तैयार किए गए हैं। इनमें कथक, पखावज, सितार वादन, भोजपुरी गायन, आल्हा, राई और थारू जनजातीय नृत्य शामिल हैं। स्टार म्यूजिकल नाइट्स भी प्रमुख आकर्षण होंगी।
क्या यूपीआईटीएस 2026 में आम जनता भाग ले सकती है?
हाँ, मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार ट्रेड शो में आम लोगों की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा। यह आयोजन केवल कारोबारी और औद्योगिक प्रतिनिधियों तक सीमित न रहकर व्यापक जनभागीदारी वाला मंच बने, इसके लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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