6 नवंबर 2026
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गुवाहाटी होटल गोलीबारी: मुख्य आरोपी घनकांत गोगोई का शव तीन घंटे के पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा

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गुवाहाटी होटल गोलीबारी: मुख्य आरोपी घनकांत गोगोई का शव तीन घंटे के पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा

सारांश

गुवाहाटी होटल गोलीबारी के मुख्य आरोपी घनकांत गोगोई की शिवसागर मुठभेड़ में मौत के बाद तीन मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया। छह लोगों की जान लेने वाले इस मामले में SIT जाँच जारी है।

मुख्य बातें

घनकांत गोगोई का शव 6 नवंबर 2026 को तीन घंटे से अधिक के पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया।
पोस्टमार्टम तीन अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों के फोरेंसिक विशेषज्ञों की उपस्थिति में हुआ; शव शाम 7:10 बजे परिवार को सौंपा गया।
34 वर्षीय गोगोई बुधवार तड़के 3:10 बजे शिवसागर के गौरीसागर इलाके में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था।
26 अक्टूबर 2026 को होटल बिलास इन में हुई गोलीबारी में भारली परिवार के 5 सदस्यों और 1 कर्मचारी की मौत हुई थी।
असम पुलिस ने मामले की जाँच के लिए 6 सदस्यीय SIT का गठन किया है।

गुवाहाटी होटल गोलीबारी मामले के मुख्य आरोपी घनकांत गोगोई का शव 6 नवंबर 2026 को तीन घंटे से अधिक समय तक चले पोस्टमार्टम के बाद उसके परिजनों को सौंप दिया गया। 34 वर्षीय गोगोई बुधवार तड़के असम के शिवसागर जिले में एक पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था, जिसके बाद शव सुपुर्दगी की प्रक्रिया पर सभी की नज़रें टिकी थीं।

पोस्टमार्टम की प्रक्रिया

पुलिस हिरासत में हुई मौतों के लिए निर्धारित मानक प्रक्रियाओं के तहत यह पोस्टमार्टम तीन अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों के फोरेंसिक विशेषज्ञों की मौजूदगी में कराया गया। असम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (AMCH) के एक अधिकारी ने बताया कि तीनों संस्थानों के विशेषज्ञों की उपस्थिति सुनिश्चित करने में लगे समय के कारण पोस्टमार्टम में देरी हुई। फोरेंसिक मेडिसिन विभाग में यह पूरी प्रक्रिया तीन घंटे से अधिक चली और शव को शाम करीब 7:10 बजे गोगोई के परिवार को सौंपा गया, जिसके बाद परिवार शव लेकर अपने घर के लिए रवाना हो गया।

मुठभेड़ की परिस्थितियाँ

पुलिस के अनुसार, बुधवार तड़के करीब 3:10 बजे गौरीसागर इलाके में यह मुठभेड़ हुई। पुलिस का दावा है कि गोगोई को 2024 में दर्ज एक बैंक धोखाधड़ी मामले के सिलसिले में गुवाहाटी सेंट्रल जेल से शिवसागर ले जाया जा रहा था, तभी उसने कथित तौर पर हिरासत से भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को गोली चलानी पड़ी। गौरतलब है कि इससे महज कुछ घंटे पहले ही मंगलवार को एक स्थानीय अदालत ने उसे होटल गोलीबारी मामले में न्यायिक हिरासत में भेजा था।

होटल गोलीबारी की पृष्ठभूमि

गोगोई को 26 अक्टूबर 2026 को गुवाहाटी के बोरा सर्विस इलाके में जीएस रोड स्थित होटल 'बिलास इन' में हुई गोलीबारी के बाद गिरफ्तार किया गया था। इस वारदात में भारली परिवार के पाँच सदस्यों और एक होटल कर्मचारी की मौत हो गई थी, जबकि परिवार का ड्राइवर घायल हो गया था। पुलिस का आरोप है कि होटल के लीजधारक गोगोई और भारली परिवार के बीच संपत्ति के प्रबंधन और उपयोग को लेकर विवाद था। पुलिस के अनुसार, गोगोई द्वारा संपत्ति का नवीनीकरण कराए जाने के बाद यह विवाद और गहरा हो गया था।

बैठक से हिंसा तक

कथित तौर पर 26 अक्टूबर को विवाद सुलझाने के उद्देश्य से एक बैठक बुलाई गई थी, लेकिन बहस हिंसक हो गई और गोगोई ने गोली चला दी। पीड़ित परिवार ने इस हमले को पहले से सोची-समझी साज़िश करार दिया है और दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की माँग की है। असम पुलिस ने इन हत्याओं की जाँच के लिए छह सदस्यीय विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया था।

आगे क्या

SIT की जाँच जारी है और मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस मुठभेड़ की परिस्थितियों की भी स्वतंत्र जाँच होने की संभावना है, क्योंकि हिरासत में हुई मौतों के मामलों में मानवाधिकार संगठन सदैव पारदर्शिता की माँग करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हिरासत में मौत की स्वतंत्र मजिस्ट्रेटी जाँच की माँग अब अपरिहार्य है। पीड़ित परिवार की 'पूर्व नियोजित साज़िश' की दलील और SIT जाँच का दायरा — दोनों इस बात पर निर्भर करेंगे कि अदालत में क्या साक्ष्य पेश होते हैं; मुख्य आरोपी की मौत न्याय की राह को जटिल बनाती है।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

घनकांत गोगोई कौन था और उस पर क्या आरोप थे?
घनकांत गोगोई गुवाहाटी के होटल 'बिलास इन' का लीजधारक था, जिस पर 26 अक्टूबर 2026 को होटल में भारली परिवार के पाँच सदस्यों और एक कर्मचारी की हत्या का आरोप था। पुलिस के अनुसार संपत्ति के प्रबंधन को लेकर विवाद के बाद उसने गोली चलाई थी।
गोगोई की मुठभेड़ कहाँ और कैसे हुई?
पुलिस के अनुसार 6 नवंबर 2026 को तड़के करीब 3:10 बजे असम के शिवसागर जिले के गौरीसागर इलाके में मुठभेड़ हुई। पुलिस का दावा है कि बैंक धोखाधड़ी मामले में उसे शिवसागर ले जाते समय उसने हिरासत से भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने गोली चलाई।
पोस्टमार्टम में इतनी देरी क्यों हुई?
पुलिस हिरासत में हुई मौतों की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार तीन अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों के फोरेंसिक विशेषज्ञों की उपस्थिति अनिवार्य थी। AMCH के एक अधिकारी ने बताया कि सभी विशेषज्ञों को एकत्र करने में समय लगा, इसीलिए पोस्टमार्टम में देरी हुई और पूरी प्रक्रिया तीन घंटे से अधिक चली।
होटल गोलीबारी की जाँच का क्या हाल है?
असम पुलिस ने इस मामले की जाँच के लिए छह सदस्यीय विशेष जाँच दल (SIT) गठित किया है। पीड़ित भारली परिवार ने इसे पूर्व नियोजित साज़िश बताते हुए सभी दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की माँग की है।
क्या गोगोई पर होटल गोलीबारी के अलावा और मामले दर्ज थे?
हाँ, गोगोई पर 2024 में बैंक धोखाधड़ी का एक अलग मामला भी दर्ज था। होटल गोलीबारी मामले में न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद उसे गुवाहाटी सेंट्रल जेल से इसी धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार कर शिवसागर ले जाया जा रहा था, जहाँ मुठभेड़ हुई।
राष्ट्र प्रेस
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