गुवाहाटी होटल गोलीबारी: अदालत ने घनकांत गोगोई की हिरासत सुरक्षा के लिए कड़े निर्देश दिए
सारांश
मुख्य बातें
गुवाहाटी की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अदालत ने 28 अक्टूबर 2026 को असम पुलिस को होटल बिलास इन गोलीबारी के मुख्य आरोपी घनकांत गोगोई की हिरासत में पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश जारी किए। 26 अक्टूबर को गुवाहाटी के लचित नगर इलाके में हुई इस गोलीबारी में पाँच लोगों की मौत हो गई थी और एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ था। गोगोई के वकील द्वारा हिरासत में उनके मुवक्किल के साथ दुर्व्यवहार या फर्जी मुठभेड़ की आशंका जताए जाने के बाद अदालत ने यह हस्तक्षेप किया।
अदालत के सुरक्षा निर्देश
सीजेएम अदालत ने पुलिस को स्पष्ट आदेश दिया कि गोगोई के साथ किसी भी प्रकार की प्रताड़ना नहीं होनी चाहिए। पूछताछ के दौरान उन्हें पर्याप्त भोजन, पीने का पानी और बुनियादी ज़रूरतें उपलब्ध कराना पुलिस की ज़िम्मेदारी तय की गई है। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि आरोपी की हर 24 घंटे में चिकित्सा जाँच की जाए, विशेषकर रात के समय पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जाए।
सुरक्षा उपायों में एक अहम प्रावधान यह भी है कि पुलिस सूर्योदय से पहले या सूर्यास्त के बाद गोगोई को हिरासत से बाहर नहीं ले जा सकती। यदि पूछताछ या साक्ष्य संकलन के लिए बाहर ले जाना अनिवार्य हो, तो पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) रैंक का एक अधिकारी उनके साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेगा।
डीके बसु दिशानिर्देशों का पालन अनिवार्य
अदालत ने जाँच अधिकारी को डीके बसु बनाम पश्चिम बंगाल राज्य मामले में सर्वोच्च न्यायालय के निर्धारित दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। ये दिशानिर्देश हिरासत में दुर्व्यवहार से बचाव के लिए देश की न्यायपालिका द्वारा स्थापित प्रमुख मानक हैं। अदालत ने यह भी चेतावनी दी कि यदि आरोपी हिरासत से फरार होता है, तो संबंधित पुलिसकर्मियों को सीधे जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
गौरतलब है कि इस प्रकार के न्यायिक निर्देश तब जारी किए जाते हैं जब बचाव पक्ष अदालत को हिरासत में आरोपी की जान को खतरे का ठोस आधार प्रस्तुत करे। गोगोई के वकील के आवेदन को अदालत ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल आदेश पारित किए।
घटनाक्रम: होटल में क्यों हुई गोलीबारी
34 वर्षीय घनकांत गोगोई को घटना के लगभग एक घंटे के भीतर ही गिरफ्तार कर लिया गया था। गुवाहाटी पुलिस आयुक्त पार्थ सारथी महंत के अनुसार, पुलिस ने गोलीबारी में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई .32 कैलिबर की पिस्तौल भी जब्त कर ली है। 27 अक्टूबर को सीजेएम अदालत में पेश किए जाने के बाद उन्हें सात दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा गया।
पुलिस के अनुसार, गोलीबारी होटल बिलास इन के पट्टे के समझौते को लेकर उपजे विवाद के कारण हुई। रिपोर्टों में किराए का भुगतान न होने और बिजली बिल बकाया होने के आरोप भी सामने आए हैं। संपत्ति विवाद सुलझाने के लिए आयोजित एक बैठक से पहले यह असहमति कथित तौर पर और बढ़ गई थी।
गोगोई के वकील का दावा है कि उनके मुवक्किल ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की। हालाँकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है और जाँच जारी है।
जाँच की स्थिति और आगे की कार्रवाई
पुलिस अभी होटल के पट्टे से जुड़ी परिस्थितियों, इसकी कथित समाप्त हो चुकी अवधि और नवीनीकरण को लेकर चल रही चर्चाओं की विस्तार से जाँच कर रही है। इस घटना ने गुवाहाटी में व्यापक चिंता उत्पन्न की है और प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल मच गई है।
आने वाले दिनों में पुलिस की रिमांड अवधि के दौरान जाँच की दिशा और अदालत में अगली सुनवाई यह तय करेगी कि इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।