29 अक्टूबर 2026
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राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: दूसरे चरण में 64.32% मतदान, बाड़मेर की बाटाडू में सर्वाधिक 78.30%

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राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: दूसरे चरण में 64.32% मतदान, बाड़मेर की बाटाडू में सर्वाधिक 78.30%

सारांश

राजस्थान पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में 64.32% मतदान दर्ज हुआ। बाड़मेर की बाटाडू में 78.30% के साथ सबसे अधिक उत्साह दिखा, तो पाली की देसूरी 49.11% पर सबसे पीछे रही। 8,404 उम्मीदवारों का भविष्य ईवीएम में बंद हुआ।

मुख्य बातें

राजस्थान पंचायती राज चुनाव-2026 के दूसरे चरण में 28 अक्टूबर को शाम 6 बजे तक 64.32% मतदान दर्ज।
बाड़मेर जिले की बाटाडू पंचायत समिति में सर्वाधिक 78.30% , पाली की देसूरी में न्यूनतम 49.11% मतदान।
इस चरण में 22 जिला परिषद , 124 पंचायत समितियाँ , 2,549 वार्ड और 8,404 उम्मीदवार शामिल।
कथित तौर पर 105 मतपेटियाँ और 71 नियंत्रण इकाइयाँ खराब; अस्थायी बाधा के बाद स्थिति सामान्य।
पाली के उमकली गाँव के निवासियों ने अलग ग्राम पंचायत की माँग को लेकर मतदान का बहिष्कार किया।
पंचों और सरपंचों के चुनाव 29 अक्टूबर को निर्धारित।

राजस्थान पंचायती राज आम चुनाव-2026 के दूसरे चरण में बुधवार, 28 अक्टूबर को शाम 6 बजे तक 64.32 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। बाड़मेर जिले की बाटाडू पंचायत समिति में सर्वाधिक 78.30 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि पाली जिले की देसूरी पंचायत समिति में सबसे कम 49.11 प्रतिशत मत पड़े। इस चरण में 22 जिला परिषदों और 124 पंचायत समितियों के 2,549 वार्डों में मतदान संपन्न हुआ।

मतदान का मुख्य घटनाक्रम

मतदान प्रक्रिया सुबह 7 बजे शुरू हुई और कई मतदान केंद्रों पर शाम 6 बजे के बाद भी मतदाताओं की लंबी कतारें बनी रहीं, जिससे मतदान जारी रखा गया। इस चरण में 352 जिला परिषद वार्ड और 2,197 पंचायत समिति वार्ड शामिल थे, तथा कुल 8,404 उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य ईवीएम में बंद हो गया।

बाड़मेर जिले में सात पंचायत समितियों का कुल मतदान 72.08 प्रतिशत रहा। जिले के 3,53,235 पात्र मतदाताओं में से 2,54,627 ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। बाड़मेर पंचायत समिति में जिले का न्यूनतम 64.87 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ।

तकनीकी बाधाएँ और व्यवधान

मतदान के दौरान 11,799 मतदान केंद्रों पर तैनात लगभग 30,000 मशीनों में से कथित तौर पर 105 मतपेटियाँ और 71 नियंत्रण इकाइयाँ खराब हो गईं, जिससे कुछ स्थानों पर मतदान अस्थायी रूप से बाधित हुआ। हालाँकि, चुनाव अधिकारियों ने स्थिति को समय रहते सामान्य कर दिया।

गौरतलब है कि बीकानेर के गणपतसिंहपुरा 4 एमएम क्षेत्र में मुख्य द्वार बंद मिलने पर ग्रामीणों ने मतदान केंद्र के बाहर धरना-प्रदर्शन किया।

बहिष्कार और विरोध

पाली जिले के रोहट क्षेत्र के उमकली गाँव के निवासियों ने अलग ग्राम पंचायत के गठन की माँग को लेकर चुनाव का बहिष्कार किया। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में पंचायत चुनावों के दौरान स्थानीय प्रशासनिक माँगों को लेकर विरोध की घटनाएँ पहले भी सामने आती रही हैं।

सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों की व्यापक तैनाती की गई थी। अधिकांश क्षेत्रों में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। अधिकारियों ने समय-समय पर केंद्रों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।

आगे क्या होगा

इस दूसरे चरण की मतगणना के अलावा, पंचों और सरपंचों के चुनाव अगले दिन गुरुवार, 29 अक्टूबर को निर्धारित थे। यह चरण राजस्थान की चल रही पंचायती राज चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसके माध्यम से मतदाता ग्रामीण स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पाली की देसूरी में मात्र 49.11 प्रतिशत और उमकली गाँव के बहिष्कार जैसी घटनाएँ यह भी बताती हैं कि स्थानीय प्रशासनिक असंतोष मतदान प्रतिशत पर सीधा असर डालता है। 105 मतपेटियों और 71 नियंत्रण इकाइयों की कथित खराबी चुनावी बुनियादी ढाँचे की तैयारी पर सवाल उठाती है — विशेषकर जब 30,000 मशीनें मैदान में थीं। असली कसौटी यह है कि आगामी चरणों में इन तकनीकी और प्रशासनिक खामियों को कितनी तेज़ी से दुरुस्त किया जाता है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 के दूसरे चरण में कितना मतदान हुआ?
दूसरे चरण में 28 अक्टूबर 2026 को शाम 6 बजे तक 64.32 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इस चरण में 22 जिला परिषदों और 124 पंचायत समितियों के 2,549 वार्डों में मतदान हुआ।
बाटाडू पंचायत समिति में सबसे अधिक मतदान क्यों हुआ?
बाड़मेर जिले की बाटाडू पंचायत समिति में 78.30 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ, जो इस चरण में सर्वाधिक रहा। बाड़मेर जिले का कुल औसत मतदान 72.08 प्रतिशत रहा, जिसमें जिले के 3,53,235 पात्र मतदाताओं में से 2,54,627 ने वोट डाले।
किस पंचायत समिति में सबसे कम मतदान हुआ?
पाली जिले की देसूरी पंचायत समिति में सबसे कम 49.11 प्रतिशत मतदान हुआ। यह आँकड़ा राज्य के औसत 64.32 प्रतिशत से काफी नीचे है।
मतदान के दौरान किन तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा?
मतदान के दौरान कथित तौर पर 105 मतपेटियाँ और 71 नियंत्रण इकाइयाँ खराब हो गईं, जिससे कुछ केंद्रों पर अस्थायी रूप से मतदान बाधित हुआ। हालाँकि, चुनाव अधिकारियों ने बाद में स्थिति को सामान्य कर दिया।
उमकली गाँव ने मतदान का बहिष्कार क्यों किया?
पाली जिले के रोहट क्षेत्र के उमकली गाँव के निवासियों ने अलग ग्राम पंचायत के गठन की माँग को लेकर चुनाव का बहिष्कार किया। यह स्थानीय प्रशासनिक असंतोष को दर्शाता है, जो मतदान प्रतिशत को प्रभावित कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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