राजस्थान पंचायती राज चुनाव: 22 जिलों में बुधवार को दूसरे चरण का मतदान, 8,257 उम्मीदवार मैदान में
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान पंचायती राज चुनाव के दूसरे चरण का मतदान बुधवार, 29 अक्टूबर 2026 को राज्य के 22 जिलों में होगा, जिसमें जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए 8,257 उम्मीदवार चुनावी समर में हैं। कुल 2,453 वार्डों के लिए मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे IST तक निर्बाध रूप से जारी रहेगा, जिसके लिए चुनाव अधिकारियों ने सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं।
मतदान का विस्तृत ब्यौरा
दूसरे चरण में 275 जिला परिषद वार्डों के लिए 984 उम्मीदवार और 2,178 पंचायत समिति वार्डों के लिए 7,273 उम्मीदवार अपना भाग्य आज़माएँगे। जयपुर जिले में आमेर, जालसू, रामपुरा डाबरी, शाहपुरा और अमरसर पंचायत समितियों के अंतर्गत 81 पंचायत समिति वार्डों और 112 ग्राम पंचायतों में वोट डाले जाएँगे। इसी के साथ जयपुर जिला परिषद के वार्ड नंबर 11 से 14 और 51 से 57 के लिए भी मतदान होगा।
कहाँ-कहाँ होगी वोटिंग
जिन 22 जिलों में मतदान होना है, उनमें अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बाड़मेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, दौसा, डूंगरपुर, जयपुर, जालौर, झालावाड़, झुंझुनूं, जोधपुर, करौली, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, नागौर, पाली, राजसमंद, सीकर, सिरोही और उदयपुर शामिल हैं। इन जिलों में कुल 413 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहाँ 3,78,364 मतदाता — जिनमें 1,97,323 पुरुष, 1,81,040 महिलाएँ और 'अन्य' श्रेणी का 1 मतदाता शामिल है — अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे।
राजनीतिक मुकाबला और प्रमुख दल
भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के बीच कड़े मुकाबले की उम्मीद है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) और भारत आदिवासी पार्टी (BAP) भी ग्रामीण राजस्थान में अपनी उपस्थिति मज़बूत करने के लिए सक्रिय हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्तारूढ़ BJP और विपक्षी कांग्रेस दोनों ही जमीनी स्तर पर अपना जनाधार साबित करने की कोशिश में हैं। गौरतलब है कि पंचायती राज चुनाव परिणाम अक्सर राज्य की राजनीतिक हवा का एक प्रारंभिक संकेतक माने जाते हैं।
आगे की चुनाव प्रक्रिया
चुनाव के अगले चरण में सरपंच और पंच पदों के लिए मतदान होगा। इन पदों के लिए नामांकन 29 अक्टूबर को दाखिल होंगे और मतदान 30 अक्टूबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे IST तक कराया जाएगा। मतदान के तुरंत बाद संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर मतगणना होगी। उप-सरपंच पद के लिए चुनाव 31 अक्टूबर को निर्धारित है।
आम जनता पर असर
ग्रामीण विकास, स्थानीय शासन और जन सेवाओं की सुलभता इस चुनाव के केंद्रीय मुद्दे हैं। जिला परिषद और पंचायत समिति के ये जनप्रतिनिधि ग्रामीण बुनियादी ढाँचे से लेकर पेयजल और शिक्षा तक की योजनाओं के क्रियान्वयन में सीधी भूमिका निभाते हैं। दूसरे चरण के नतीजे यह तय करने में अहम होंगे कि राजस्थान की ग्रामीण राजनीति किस दिशा में जा रही है।