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बनासकांठा में ₹325 करोड़ का BBBRC: 30 अक्टूबर को PM मोदी करेंगे उद्घाटन, 25,000 उन्नत भ्रूण सालाना

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बनासकांठा में ₹325 करोड़ का BBBRC: 30 अक्टूबर को PM मोदी करेंगे उद्घाटन, 25,000 उन्नत भ्रूण सालाना

सारांश

₹325 करोड़ की लागत से बना भारत का सबसे उन्नत पशु प्रजनन और अनुसंधान केंद्र 30 अक्टूबर को PM मोदी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। OPU IVF तकनीक से सालाना 25,000 उन्नत भ्रूण, देशी नस्लों को वैश्विक पहचान — यह ब्राजील की शताब्दी लंबी यात्रा को 20 साल में पूरा करने का भारतीय संकल्प है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी 30 अक्टूबर 2026 को गुजरात के बनासकांठा के भीलड़ी में ₹325 करोड़ से निर्मित BBBRC का उद्घाटन करेंगे।
केंद्र 127 एकड़ में फैला है और प्रतिवर्ष 25,000 उन्नत भ्रूण उत्पादन का लक्ष्य रखता है।
परियोजना बनास डेयरी ने NDDB के तकनीकी सहयोग और केंद्र सरकार के राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत विकसित की है।
OPU IVF और भ्रूण स्थानांतरण तकनीक से एक श्रेष्ठ नस्ल की गाय से एक वर्ष में कई बछड़े प्राप्त होंगे।
केंद्र कंकरेज, गिर, साहीवाल, थारपारकर (गाय) तथा मेहसानी, बन्नी, जाफराबादी, मुर्रा (भैंस) नस्लों पर केंद्रित रहेगा।
उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 27 अक्टूबर को उद्घाटन की तैयारियों का जायजा लिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 अक्टूबर 2026 को गुजरात के बनासकांठा जिले के भीलड़ी में ₹325 करोड़ की लागत से निर्मित भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (BBBRC) का उद्घाटन करेंगे। यह केंद्र स्वदेशी पशु नस्लों की आनुवंशिक गुणवत्ता सुधारने और दूध उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 25,000 उन्नत भ्रूणों के उत्पादन का लक्ष्य लेकर चलता है। गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 27 अक्टूबर को भीलड़ी में उद्घाटन की तैयारियों का स्थलीय जायजा लिया।

परियोजना का परिचय और पृष्ठभूमि

127 एकड़ में फैला यह केंद्र किसानों की सहकारी संस्था बनास डेयरी ने राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के तकनीकी मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के 'राष्ट्रीय गोकुल मिशन' के सहयोग से विकसित किया है। यह बनास डेयरी की उन पाँच प्रमुख विकास परियोजनाओं में से एक है जिन्हें प्रधानमंत्री की इस यात्रा के दौरान उद्घाटित, जनता को समर्पित या आधारशिला रखकर शुरू किया जाएगा। गौरतलब है कि बनासकांठा भारत के सबसे बड़े दुग्ध उत्पादन क्षेत्रों में से एक है, और यह परियोजना देश की डेयरी अर्थव्यवस्था को वैज्ञानिक आधार देने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।

उन्नत प्रजनन तकनीक: OPU IVF और भ्रूण स्थानांतरण

BBBRC उच्च आनुवंशिक गुणवत्ता के पशुओं के प्रजनन के लिए अंडाणु निष्कर्षण और इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (OPU IVF) तथा भ्रूण स्थानांतरण जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग करेगा। राज्य विधानसभा अध्यक्ष एवं बनास डेयरी के चेयरमैन शंकर चौधरी ने बताया, "सामान्यतः, श्रेष्ठ नस्ल की गाय एक वर्ष में केवल एक बछड़े को जन्म देती है। हालाँकि, इस नई तकनीक की मदद से एक ही वर्ष में एक श्रेष्ठ नस्ल की गाय से कई बछड़े प्राप्त किए जा सकते हैं।" यह तकनीकी छलाँग भारत की दुग्ध उत्पादकता की गति को कई गुना तेज कर सकती है।

स्वदेशी नस्लें और 'कम पशु, बेहतर दूध' का दृष्टिकोण

यह केंद्र कंकरेज, गिर, साहीवाल और थारपारकर जैसी देशी गाय नस्लों के साथ साथ मेहसानी, बन्नी, जाफराबादी और मुर्रा जैसी भैंस नस्लों पर केंद्रित रहेगा। चौधरी के अनुसार केंद्र का मूल दर्शन "कम पशु, लेकिन बेहतर गुणवत्ता वाले पशु और अधिक दूध" है — विशेष रूप से तब जब पशुपालक चारा भूमि की कमी और बढ़ती पालन लागत से जूझ रहे हैं। सर्वोत्तम नस्ल के रोगमुक्त साँड, गुणवत्तापूर्ण वीर्य और भ्रूण किफायती दरों पर पशुपालकों को उपलब्ध कराए जाएंगे।

किसानों की आय और वैश्विक अवसर

आँकड़ों के अनुसार दूध में वसा की मात्रा बढ़ने से पशुपालकों की आय में सुधार की उम्मीद है, हालाँकि परिणाम पशुओं के आहार, प्रबंधन और प्रजनन तकनीकों को अपनाने पर भी निर्भर करेंगे। इसके अतिरिक्त, स्वदेशी नस्लों की गर्मी सहन करने की क्षमता और कम चारे में उत्पादन देने की विशेषता को देखते हुए इस केंद्र से भारतीय पशु नस्लों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा मिलने की भी उम्मीद जताई जा रही है। चौधरी ने कहा, "जो काम ब्राजील ने 100 साल में किया है, वो काम भारत 20 साल में कैसे कर पाए, यही हमारा संकल्प है।"

आगे की राह

30 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री मोदी के उद्घाटन के साथ BBBRC आधिकारिक रूप से देश को समर्पित हो जाएगा। केंद्र के सफल क्रियान्वयन से भारत की डेयरी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बल मिलने और ग्रामीण पशुपालकों की आजीविका में दीर्घकालिक सुधार की संभावना जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी प्रति पशु दूध उत्पादकता वैश्विक औसत से काफी नीचे है। यह केंद्र 'गोकुल मिशन' के उस वादे को ज़मीन पर उतारने की कोशिश है जो वर्षों से कागजों पर ज़्यादा और खेतों में कम दिखा। असली परीक्षा यह होगी कि OPU IVF तकनीक का लाभ बड़े सहकारी संघों तक सीमित न रहकर छोटे और सीमांत पशुपालकों तक किफायती दरों पर वास्तव में पहुँचे। 25,000 भ्रूणों का लक्ष्य प्रभावशाली है, लेकिन क्रियान्वयन की गति और पशुपालकों की तकनीकी स्वीकृति ही इसकी सफलता का पैमाना होगी।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BBBRC (भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर) क्या है?
BBBRC गुजरात के बनासकांठा जिले के भीलड़ी में ₹325 करोड़ की लागत से बना 127 एकड़ का पशु प्रजनन और अनुसंधान केंद्र है। इसे बनास डेयरी ने NDDB के तकनीकी मार्गदर्शन और राष्ट्रीय गोकुल मिशन के सहयोग से विकसित किया है, जिसका उद्देश्य स्वदेशी पशु नस्लों की आनुवंशिक गुणवत्ता सुधारना और दूध उत्पादन बढ़ाना है।
PM मोदी BBBRC का उद्घाटन कब और कहाँ करेंगे?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 अक्टूबर 2026 को गुजरात के बनासकांठा जिले के भीलड़ी में इस केंद्र का उद्घाटन करेंगे। यह बनास डेयरी की पाँच प्रमुख परियोजनाओं में से एक है जिन्हें उनकी इस यात्रा के दौरान राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा।
OPU IVF तकनीक से पशुपालकों को क्या फायदा होगा?
OPU IVF (अंडाणु निष्कर्षण और इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) तकनीक से एक श्रेष्ठ नस्ल की गाय से एक ही वर्ष में कई बछड़े प्राप्त किए जा सकते हैं, जबकि सामान्य प्रजनन में केवल एक बछड़ा मिलता है। इससे उच्च आनुवंशिक गुणवत्ता वाले पशुओं की संख्या तेज़ी से बढ़ेगी और दूध उत्पादन एवं आय में सुधार होने की उम्मीद है।
BBBRC किन पशु नस्लों पर काम करेगा?
केंद्र गाय की कंकरेज, गिर, साहीवाल और थारपारकर नस्लों तथा भैंस की मेहसानी, बन्नी, जाफराबादी और मुर्रा नस्लों पर ध्यान केंद्रित करेगा। ये सभी स्वदेशी नस्लें गर्मी सहन करने और कम चारे में दूध देने की क्षमता के लिए जानी जाती हैं।
राष्ट्रीय गोकुल मिशन और BBBRC का आपस में क्या संबंध है?
राष्ट्रीय गोकुल मिशन केंद्र सरकार की वह योजना है जो स्वदेशी गाय नस्लों के संरक्षण, विकास और वैज्ञानिक प्रजनन को बढ़ावा देती है। BBBRC इसी मिशन के तहत केंद्र सरकार के सहयोग से बनाया गया है और मिशन के लक्ष्यों को ज़मीनी स्तर पर लागू करने का प्रमुख माध्यम बनेगा।
राष्ट्र प्रेस
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