17 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या अमित शाह ने गुजरात में बनास डेयरी के बायो सीएनजी और फर्टिलाइजर प्लांट का उद्घाटन किया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या अमित शाह ने गुजरात में बनास डेयरी के बायो सीएनजी और फर्टिलाइजर प्लांट का उद्घाटन किया?

सारांश

गुजरात के वाव-थराद जिले में अमित शाह ने बनास डेयरी के बायो सीएनजी और फर्टिलाइजर प्लांट का उद्घाटन किया, जो सहकारी आंदोलन और ग्रामीण समृद्धि का प्रतीक है। जानिए इस उद्घाटन का महत्व और इसके पीछे की कहानी!

मुख्य बातें

बनास डेयरी का बायो सीएनजी और फर्टिलाइजर प्लांट का उद्घाटन हुआ।
गुजरात में सहकारी आंदोलन को प्रोत्साहन मिला है।
किसानों की समृद्धि के लिए सर्कुलर इकोनॉमी का महत्व।
गाय-भैंस के गोबर का उपयोग जैविक खाद बनाने में।
हर गांव की दूध मंडली को माइक्रो-एटीएम प्रदान किया गया।

गांधीनगर, 6 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुजरात के वाव-थराद जिले में बनास डेयरी द्वारा स्थापित किए गए बायो सीएनजी और फर्टिलाइजर प्लांट का उद्घाटन किया और 150 टन के पाउडर प्लांट का शिलान्यास किया।

कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा कि बनासकांठा में बनास डेयरी की शुरुआत करने वाले गलबाभाई नानजीभाई पटेल की यात्रा ने इस क्षेत्र को 24 हजार करोड़ रुपए तक के कारोबार तक पहुंचा दिया है।

उन्होंने गर्व से कहा कि गुजरात के गांवों को समृद्ध बनाने में गुजरात की माताओं-बहनों का महत्वपूर्ण योगदान है। यहां के किसानों और सहकारी आंदोलन के अग्रणी लोगों ने अद्भुत परिवर्तन लाया है।

उन्होंने बताया कि 24 हजार करोड़ रुपए की कंपनी खड़ी करना एक बड़ी चुनौती होती है, लेकिन बनासकांठा की महिलाएं और किसान इसे सफलतापूर्वक कर चुके हैं। 1985–87 के अकाल के बाद यहां के किसान अब साल में तीन फसलें उगाते हैं।

अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पानी की उपलब्धता बढ़ाने की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सुजलाम–सुफलाम योजना के तहत नर्मदा और माही नदी का पानी बनासकांठा पहुंचा है। अब किसान अपनी जमीन पर काम करके समृद्धि प्राप्त कर रहे हैं।

बनास डेयरी आज एशिया की सबसे बड़ी दुग्ध उत्पादक डेयरी बन चुकी है, जिसमें गलबाभाई का विशेष योगदान है। उनका विचार सहकारी आंदोलन को प्रेरित कर रहा है।

अमित शाह ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम डेयरी को पूरी तरह सर्कुलर इकोनॉमी में बदल दें।

उन्होंने कहा कि गाय-भैंस का गोबर बर्बाद नहीं होना चाहिए, बल्कि उससे जैविक खाद और बायो-गैस का उत्पादन होना चाहिए। बनास डेयरी का बायो सीएनजी प्लांट सहकारी समितियों के लिए एक आदर्श बनेगा।

अमित शाह ने कहा कि हर गांव की दूध मंडली को माइक्रो-एटीएम प्रदान किए गए हैं, जिससे फाइनेंस का काम आसान हुआ है। पीएम मोदी ने श्वेत क्रांति 2.0 के लिए कई बड़े लक्ष्य निर्धारित किए हैं।

उन्होंने बाबा साहेब के संविधान का जिक्र करते हुए कहा कि इसका आधार दलित, गरीब, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए सम्मानपूर्ण जीवन सुनिश्चित करता है। इस अवसर पर बायो सीएनजी प्लांट और मिल्क पाउडर प्लांट का उद्घाटन हुआ है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बनास डेयरी का उद्घाटन कब हुआ?
बनास डेयरी का उद्घाटन 6 दिसंबर को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा किया गया।
बनास डेयरी के नए प्लांट का क्या महत्व है?
यह प्लांट सहकारी आंदोलन को बढ़ावा देने और ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले