27 अक्टूबर 2026
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कुल्लू दशहरा 2026 समापन: CM सुक्खू ने देवताओं के 'गुर' को ₹1,100 मानदेय, बजंतरियों को 10% बढ़ोतरी का ऐलान

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कुल्लू दशहरा 2026 समापन: CM सुक्खू ने देवताओं के 'गुर' को ₹1,100 मानदेय, बजंतरियों को 10% बढ़ोतरी का ऐलान

सारांश

कुल्लू दशहरे का समापन इस बार महज उत्सव तक सीमित नहीं रहा — CM सुक्खू ने मंच का उपयोग घोषणाओं की झड़ी लगाने के लिए किया। देवताओं के गुर को ₹1,100 मानदेय, बजंतरियों को 10% बढ़ोतरी, भुंतर सीवरेज के लिए ₹22 करोड़ और अदरक MSP ₹40/kg — यह धार्मिक-सांस्कृतिक मंच से राज्य की राजनीति और विकास एजेंडे का मिश्रण था।

मुख्य बातें

CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 27 अक्टूबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा के समापन समारोह की अध्यक्षता की।
देवताओं के प्रतिनिधि ' गुर ' को ₹1,100 मानदेय; देवता-प्रतिनिधियों के मानदेय में 5% और बजंतरियों को 10% की बढ़ोतरी।
उत्सव में भाग लेने वाले प्रत्येक महिला मंडल को ₹35,000 की वित्तीय सहायता।
भुंतर सीवरेज के लिए ₹22 करोड़ ; लेफ्ट बैंक कनेक्टिविटी और मणिकरण सड़क के लिए ₹5-5 करोड़ स्वीकृत।
अदरक का MSP शीघ्र ₹40 प्रति किलोग्राम करने का ऐलान।
आपदा-प्रभावित परिवारों के घर निर्माण हेतु सहायता ₹1.5 लाख से बढ़ाकर ₹8 लाख की गई।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 27 अक्टूबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए देवी-देवताओं के प्रतिनिधियों, पारंपरिक कलाकारों और ग्रामीण समुदायों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। इस सप्ताह भर चले उत्सव के समापन पर उन्होंने बुनियादी ढाँचे, स्वास्थ्य सेवाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कुल मिलाकर करोड़ों रुपये की परियोजनाओं का ऐलान किया।

मानदेय और सांस्कृतिक सम्मान

मुख्यमंत्री सुक्खू ने देवताओं के प्रतिनिधियों यानी 'गुर' के मानदेय में 5 प्रतिशत और पारंपरिक वाद्ययंत्र बजाने वाले बजंतरियों के मानदेय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की। प्रत्येक देवता के मुख्य गुर को ₹1,100 का मानदेय दिया जाएगा। इसके अलावा, उत्सव में भाग लेने वाले प्रत्येक महिला मंडल को ₹35,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। गौरतलब है कि कुल्लू दशहरे में इस वर्ष 600 से अधिक महिलाओं और कलाकारों ने 'कुल्लू कार्निवल' में भाग लिया, जो समापन समारोह का मुख्य आकर्षण रहा।

बुनियादी ढाँचे के लिए करोड़ों की घोषणाएँ

कनेक्टिविटी सुधारने की दिशा में कुल्लू जिले के 'लेफ्ट बैंक' क्षेत्र के लिए ₹5 करोड़ और मणिकरण सड़क निर्माण के लिए अतिरिक्त ₹5 करोड़ स्वीकृत किए गए। भुंतर में सीवरेज प्रणाली के लिए ₹22 करोड़ मंजूर किए गए और वहाँ एक नया बिजली उप-मंडल खोलने की भी घोषणा की गई।

इसके अतिरिक्त, विद्युत कमांड-बारा सड़क के लिए ₹50 लाख और बजौरा स्कूल में साइंस ब्लॉक निर्माण के लिए ₹1 करोड़ स्वीकृत किए गए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कुल्लू जिला अस्पताल को आधुनिक चिकित्सा तकनीक, विशेषज्ञ डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ से सुसज्जित किया जाएगा।

किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को राहत

किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जल्द ही अदरक का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाकर ₹40 प्रति किलोग्राम कर दिया जाएगा। उन्होंने ग्रामीण परिवारों की आजीविका में सुधार को अपनी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। यह ऐसे समय में आया है जब हिमाचल प्रदेश में सेब और नकदी फसलों पर निर्भर किसान मौसम की अनिश्चितताओं और बाज़ार की उठापटक से जूझ रहे हैं।

2023 आपदा से पुनर्वास और राजनीतिक चुनौती

सुक्खू ने 2023 की विनाशकारी आपदा का स्मरण करते हुए कहा कि कुल्लू जिला सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक था। आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए घर निर्माण हेतु दी जाने वाली आर्थिक सहायता को ₹1.5 लाख से बढ़ाकर ₹8 लाख कर दिया गया है। उन्होंने कुल्लू की जनता की सराहना की, जिन्होंने संकट की घड़ी में सामुदायिक रसोई चलाकर पीड़ितों की सेवा की।

मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि पिछली सरकार ने शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्रों को कमज़ोर किया था। हालाँकि, BJP ने इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

देवभूमि और दशहरे का अंतरराष्ट्रीय स्वरूप

हिमाचल प्रदेश को 'देवभूमि' बताते हुए सुक्खू ने कहा कि कुल्लू दशहरा अब वैश्विक स्तर पर पहचाना जाने वाला उत्सव बन गया है। सरकार की प्रशासनिक सुधार पहल 'व्यवस्था परिवर्तन' इस उत्सव के प्रबंधन में स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई। आगामी वर्षों में इस आयोजन को और उन्नत बनाने के प्रयास जारी रहेंगे, जिससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों को बल मिलेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

ये ऐलान उन जिलों में स्थानीय समर्थन बनाए रखने के स्पष्ट प्रयास हैं जो 2023 की आपदा के बाद अभी भी पुनर्वास की राह पर हैं। असली सवाल यह है कि इन परियोजनाओं के लिए बजट कहाँ से आएगा, जबकि हिमाचल प्रदेश पहले से ही गहरे वित्तीय दबाव में है — और इस पर सरकार ने कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं दिया।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुल्लू दशहरा 2026 के समापन पर CM सुक्खू ने क्या मुख्य घोषणाएँ कीं?
CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने देवताओं के गुर को ₹1,100 मानदेय, बजंतरियों के मानदेय में 10% और गुर के मानदेय में 5% बढ़ोतरी, भुंतर सीवरेज के लिए ₹22 करोड़ और अदरक का MSP ₹40/kg करने की घोषणाएँ कीं। इसके अलावा सड़क, स्कूल और बिजली उप-मंडल से जुड़ी कई परियोजनाएँ भी स्वीकृत की गईं।
देवताओं के 'गुर' को कितना मानदेय मिलेगा?
CM सुक्खू ने प्रत्येक देवता के मुख्य गुर को ₹1,100 का मानदेय देने की घोषणा की। साथ ही देवता-प्रतिनिधियों के मानदेय में 5% और पारंपरिक वाद्ययंत्र बजाने वाले बजंतरियों के मानदेय में 10% की वृद्धि की गई है।
आपदा-प्रभावित परिवारों के लिए कुल्लू में क्या सहायता बढ़ाई गई है?
2023 की विनाशकारी आपदा के बाद हिमाचल सरकार ने प्रभावित परिवारों के घर निर्माण के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता ₹1.5 लाख से बढ़ाकर ₹8 लाख कर दी है। CM सुक्खू ने इस कदम को पुनर्वास प्रक्रिया का हिस्सा बताया।
हिमाचल में अदरक का MSP क्या होगा?
CM सुक्खू ने घोषणा की कि जल्द ही हिमाचल प्रदेश में अदरक का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाकर ₹40 प्रति किलोग्राम कर दिया जाएगा। यह कदम किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण परिवारों की आजीविका सुधारने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।
कुल्लू दशहरा 2026 में कितने लोगों ने भाग लिया?
इस वर्ष के अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरे के समापन पर आयोजित 'कुल्लू कार्निवल' में 600 से अधिक महिलाओं और कलाकारों ने हिस्सा लिया। यह कार्निवल समापन समारोह का मुख्य आकर्षण रहा।
राष्ट्र प्रेस
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