सीएम सुक्खू का बड़ा भंगाल दौरा: ₹10 करोड़ सड़क निधि, हेली-टैक्सी और ST दर्जे का वादा
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार, 28 जून को कांगड़ा जिले के अत्यंत दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल का दौरा किया और आपदा प्रभावित इलाकों का सीधे जाकर जायजा लिया। इस दौरे में उन्होंने स्थानीय निवासियों से संवाद किया, उनकी समस्याएं सुनीं और राहत, बुनियादी ढाँचे तथा विकास से जुड़ी एक के बाद एक कई अहम घोषणाएं कीं।
मुख्य घोषणाएं और राहत उपाय
मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल तक सड़क निर्माण कार्य में तेज़ी लाने के लिए ₹10 करोड़ की राशि जारी करने की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक किलोमीटर के लिए अलग-अलग निविदाएं जारी की जाएं ताकि कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा हो सके। साथ ही सड़क निर्माण के लिए आवश्यक मशीनरी को हवाई मार्ग से पहुंचाने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।
बिजली आपूर्ति के संदर्भ में सुक्खू ने अपर बड़ा भंगाल और लोअर बड़ा भंगाल दोनों के लिए एक-एक डीजल जनसेट उपलब्ध कराने का ऐलान किया। बिजली विभाग को सभी घरों में कनेक्शन और वायरिंग सर्वे कराने के निर्देश दिए गए। बाढ़ से क्षतिग्रस्त जलविद्युत परियोजना को पुनः चालू करने और सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
आजीविका और कृषि को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल के प्रसिद्ध राजमाह को अलग ब्रांड पहचान दिलाने और बेहतर बाज़ार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। किसानों को अखरोट और चेस्टनट के पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया गया और स्थानीय मीट उत्पादों को उचित बाज़ार मूल्य दिलाने का भरोसा दिया गया। प्राकृतिक खेती और न्यूनतम समर्थन मूल्य योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील भी की गई।
शिक्षा, स्वास्थ्य और संपर्क सुविधाएं
शिक्षा के क्षेत्र में सुक्खू ने घोषणा की कि शैक्षणिक सत्र के आरंभ और समाप्ति पर बड़ा भंगाल के विद्यार्थियों को हेली-टैक्सी सुविधा दी जाएगी। छात्रावास निर्माण पर विचार और सीबीएसई स्कूलों में प्रवेश सुनिश्चित करने का भी आश्वासन दिया गया। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए स्थानीय लोगों को प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण देने की बात कही गई। मोबाइल नेटवर्क की समस्या को लेकर निजी दूरसंचार कंपनियों से शीघ्र बातचीत कर सेवाएं शुरू करवाने का भरोसा दिलाया गया।
सामाजिक और प्रशासनिक वादे
मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल को प्राकृतिक पंचायत का दर्जा देने और क्षेत्र को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा दिलाने के प्रयास करने का आश्वासन दिया। राशन डिपो में खाद्यान्न कोटा बढ़ाने और बाढ़ सुरक्षा के लिए प्रोटेक्शन वॉल निर्माण की संभावनाओं पर विचार करने की बात भी कही गई। इस दौरे में दो स्थानीय महिला मंडलों को ₹2-2 लाख और एक युवक मंडल को ₹1 लाख की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की गई। पात्र महिलाओं को इंदिरा गांधी सुख सम्मान निधि के तहत ₹1,500 प्रतिमाह पेंशन देने का ऐलान भी किया गया।
सीएम का संदेश: 'दुख-दर्द बांटने आया हूं'
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा, 'मैं यहां राजनीति करने नहीं, बल्कि बड़ा भंगाल के लोगों का दुख-दर्द बांटने आया हूं। अगर राजनीति करनी होती तो मैं ज़्यादा आबादी वाले क्षेत्रों में जाता। हमारी सरकार का लक्ष्य प्रदेश के अंतिम छोर पर रहने वाले लोगों तक विकास पहुंचाना है। शिमला में बैठकर योजनाएं बनाई जा सकती हैं, लेकिन लोगों की असली समस्याएं समझने के लिए उनके बीच आना ज़रूरी है।' यह दौरा ऐसे समय में आया है जब कांगड़ा जिले के दुर्गम इलाकों में मानसून-पूर्व आपदाओं से जन-जीवन प्रभावित है और राहत कार्यों की गति पर सवाल उठाए जा रहे थे।