सीएम सुक्खू ने लॉन्च की कुल्लू-मंडी-चंडीगढ़ हेलीकॉप्टर सेवा, किराया ₹3,500 से शुरू
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 7 जुलाई 2025 को अपने शिमला स्थित आधिकारिक आवास 'ओकओवर' से मंडी-चंडीगढ़ तथा कुल्लू-मंडी-चंडीगढ़ के बीच प्रतिदिन संचालित होने वाली हेलीकॉप्टर सेवाओं का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस पहल से पहाड़ी क्षेत्रों और मैदानी शहरों के बीच हवाई संपर्क को नई गति मिलेगी।
सेवा का संचालन और किराया
भारत सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस-उड़ान) के अंतर्गत मंडी-चंडीगढ़ हेलीकॉप्टर सेवा चलाई जाएगी, जिसके लिए किराया ₹3,500 निर्धारित किया गया है। वहीं कुल्लू-मंडी-चंडीगढ़ मार्ग पर हेरिटेज एविएशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा गैर-आरसीएस (बाज़ार-आधारित) मॉडल के तहत सेवा संचालित होगी, जिसका किराया ₹8,500 रखा गया है।
दोनों सेवाएं नव-निर्मित कांगनीधार (मंडी) हेलीपोर्ट से संचालित होंगी, जिसे आधुनिक यात्री सुविधाओं और आवश्यक अवसंरचना से सुसज्जित किया गया है।
उड़ान समय-सारिणी
कुल्लू से हेलीकॉप्टर प्रतिदिन सुबह 9:00 बजे उड़ान भरेगा और 9:10 बजे मंडी पहुँचेगा। मंडी से 9:15 बजे प्रस्थान कर हेलीकॉप्टर 9:45 बजे चंडीगढ़ पहुँचेगा। वापसी में चंडीगढ़ से 10:00 बजे उड़ान होगी, 10:30 बजे मंडी पहुँचेगा और 10:35 बजे मंडी से चलकर 10:45 बजे कुल्लू पहुँचेगा।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री सुक्खू ने मंडी और कुल्लू जिलों के निवासियों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार दूरदराज और पहाड़ी क्षेत्रों में हवाई संपर्क को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इन सेवाओं से यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और आपातकालीन सेवाओं की क्षमता भी मज़बूत होगी।
हेलीपोर्ट विस्तार की योजना
सुक्खू ने बताया कि प्रत्येक जिला मुख्यालय और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर हेलीपोर्ट निर्माण कार्य जारी है। हमीरपुर के जसकोट, कांगड़ा के रक्कड़ और पालमपुर तथा चंबा के हेलीपोर्ट अंतिम चरण में हैं। ऊना में हेलीपोर्ट निर्माण के लिए धनराशि का प्रावधान किया गया है, जबकि नाहन और सोलन में भी हेलीपोर्ट बनाने पर विचार चल रहा है। इसके अलावा लाहौल-स्पीति के रंगरीक में सेना के सहयोग से एक हेलीपोर्ट का निर्माण भी किया जा रहा है।
गौरतलब है कि इन हेलीपोर्ट के चालू होने से उच्च श्रेणी के पर्यटकों का हिमाचल प्रदेश में आगमन बढ़ेगा, जिससे स्थानीय निवासियों के लिए आय और रोज़गार के नए अवसर सृजित होंगे। यह पहल ऐसे समय में आई है जब राज्य सरकार पर्यटन को आर्थिक विकास के मुख्य इंजन के रूप में स्थापित करने की कोशिश में है।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारी
इस अवसर पर नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी, महापौर सुरेंद्र चौहान और पर्यटन निदेशक विवेक भाटिया शिमला में उपस्थित रहे। मंडी से पूर्व मुख्य संसदीय सचिव सोहन लाल, हिमाचल प्रदेश राज्य जल प्रबंधन बोर्ड की उपाध्यक्ष शशि शर्मा, जिला कांग्रेस कमेटी मंडी की अध्यक्ष चंपा ठाकुर, उपायुक्त अपूर्व देवगन और पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार वर्चुअल माध्यम से जुड़े।