6 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

वैतरणी नदी में मामूली बाढ़ की आशंका, जाजपुर-भद्रक के निचले इलाके अलर्ट पर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
वैतरणी नदी में मामूली बाढ़ की आशंका, जाजपुर-भद्रक के निचले इलाके अलर्ट पर

सारांश

ओडिशा में मानसून की मार — वैतरणी नदी में मामूली बाढ़ की आशंका के साथ जाजपुर और भद्रक के निचले इलाके अलर्ट पर हैं। आनंदपुर से 1,700 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। IMD ने 16 जिलों में भारी बारिश और मछुआरों को समुद्र न जाने की चेतावनी दी है।

मुख्य बातें

ओडिशा जल संसाधन विभाग ने 6 जुलाई को वैतरणी नदी में मामूली बाढ़ की आशंका जताई।
जाजपुर और भद्रक जिलों के निचले इलाके सर्वाधिक प्रभावित हो सकते हैं।
आनंदपुर से अभी 1,700 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है; 24 घंटों में जलस्तर सामान्य होने की उम्मीद।
महानदी सहित अन्य प्रमुख नदियों में फिलहाल बाढ़ का कोई खतरा नहीं।
IMD ने 16 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और 30-40 किमी/घंटे की हवाओं की चेतावनी दी।
मछुआरों को अगले दो दिनों तक उत्तरी बंगाल की खाड़ी में न जाने की सलाह।

ओडिशा जल संसाधन विभाग ने सोमवार, 6 जुलाई को चेतावनी दी कि ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण वैतरणी नदी में मामूली बाढ़ आने की आशंका है, जिससे जाजपुर और भद्रक जिलों के निचले इलाकों में रहने वाले लोग प्रभावित हो सकते हैं। विभाग के अनुसार स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सतर्कता बरती जा रही है।

मुख्य घटनाक्रम

ओडिशा जल संसाधन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया को बताया कि मौजूदा बाढ़ की स्थिति में वैतरणी नदी विभाग के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। उन्होंने कहा, 'ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश के कारण हमें निचले इलाकों में मामूली बाढ़ की आशंका है।'

अधिकारी ने बताया कि विभाग अभी आनंदपुर से लगभग 1,700 क्यूमेक पानी छोड़ रहा है और अनुमान है कि नदी अखुआपड़ा (भद्रक जिला) में खतरे के निशान को पार कर सकती है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इससे कोई बड़ी बाढ़ नहीं आएगी और अगले 24 घंटों में जलस्तर सामान्य होने की उम्मीद है।

महानदी सहित अन्य नदियाँ सुरक्षित

विभाग के अधिकारी ने आश्वासन दिया कि महानदी सहित राज्य की किसी भी अन्य प्रमुख नदी में इस समय बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। यह राहत की बात है, क्योंकि महानदी बेसिन में बड़ी आबादी निवास करती है।

मौसम विभाग की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), भुवनेश्वर की निदेशक मनोरमा मोहंती ने बताया कि उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव अगले 24 घंटों में उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ेगा, जिससे ओडिशा में व्यापक वर्षा जारी रहेगी।

मोहंती के अनुसार मयूरभंज, केन्दुझर, सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, संबलपुर, देबागड़ा, अनुगोला, ढेंकनाल, बरगढ़, सोनपुर, बौध, बलांगीर, नुआपड़ा, कालाहांडी, कंधमाल और कोरापुट जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कई जिलों में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और बिजली गिरने का भी पूर्वानुमान है।

मछुआरों को सतर्कता

IMD ने मछुआरों को अगले दो दिनों तक उत्तरी बंगाल की खाड़ी और ओडिशा तट के पास समुद्र में न जाने की सलाह दी है। निम्न दबाव के प्रभाव से समुद्री लहरें अशांत से बहुत अशांत रहने की आशंका है, जिससे मछुआरों के लिए जोखिम बढ़ सकता है।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और राज्य भर में लगातार बारिश हो रही है। जल संसाधन विभाग की निगरानी टीमें वैतरणी नदी के जलस्तर पर नज़र बनाए हुए हैं। जाजपुर और भद्रक जिला प्रशासन को निचले इलाकों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

700 क्यूमेक का छोड़ा जाना और 'मामूली बाढ़' का आश्वासन प्रशासनिक तैयारी दिखाता है, लेकिन निचले इलाकों में बसे हज़ारों परिवारों के लिए 'मामूली बाढ़' भी जीवन और आजीविका पर भारी पड़ सकती है। IMD की 16 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी यह भी संकेत देती है कि अगले 48 घंटे राज्य के लिए निर्णायक रहेंगे।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वैतरणी नदी में बाढ़ की आशंका क्यों है?
ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में लगातार भारी बारिश के कारण वैतरणी नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। ओडिशा जल संसाधन विभाग आनंदपुर से 1,700 क्यूमेक पानी छोड़ रहा है, जिससे भद्रक जिले के अखुआपड़ा में नदी खतरे के निशान को पार कर सकती है।
कौन-से जिले सबसे ज़्यादा प्रभावित हो सकते हैं?
जाजपुर और भद्रक जिलों के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सबसे अधिक खतरा है। विभाग ने इन इलाकों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
क्या महानदी में भी बाढ़ का खतरा है?
नहीं, ओडिशा जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार महानदी सहित राज्य की किसी भी अन्य प्रमुख नदी में इस समय बाढ़ का कोई खतरा नहीं है।
IMD ने ओडिशा के लिए क्या मौसम पूर्वानुमान दिया है?
IMD भुवनेश्वर की निदेशक मनोरमा मोहंती के अनुसार उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव अगले 24 घंटों में उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ेगा। मयूरभंज, केन्दुझर, सुंदरगढ़ सहित 16 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और 30-40 किमी/घंटे की हवाओं की चेतावनी है।
मछुआरों के लिए क्या सलाह जारी की गई है?
IMD ने मछुआरों को अगले दो दिनों तक उत्तरी बंगाल की खाड़ी और ओडिशा तट के पास समुद्र में न जाने की सलाह दी है। निम्न दबाव के प्रभाव से समुद्री लहरें अशांत से बहुत अशांत रहने की आशंका है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 9 महीने पहले
  3. 9 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले