2 जुलाई 2026
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ओडिशा में भारी बारिश का रेड अलर्ट: IMD ने 3-4 जुलाई को कोरापुट-मलकानगिरी में अत्यधिक वर्षा की चेतावनी दी

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ओडिशा में भारी बारिश का रेड अलर्ट: IMD ने 3-4 जुलाई को कोरापुट-मलकानगिरी में अत्यधिक वर्षा की चेतावनी दी

सारांश

बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र ने ओडिशा के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। IMD ने 3-4 जुलाई को कोरापुट और मलकानगिरी में रेड अलर्ट जारी किया है। 60 किमी/घंटा तक हवाएँ और अत्यधिक भारी बारिश की आशंका के बीच मछुआरों को पाँच दिन समुद्र से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।

मुख्य बातें

IMD ने 2 जुलाई 2026 को ओडिशा के लिए भारी वर्षा की चेतावनी जारी की; निम्न दबाव क्षेत्र उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में सक्रिय।
3 और 4 जुलाई को कोरापुट और मलकानगिरी जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी; शेष जिलों में ऑरेंज व येलो अलर्ट।
3 से 6 जुलाई के बीच दक्षिणी और पश्चिमी ओडिशा में वर्षा की तीव्रता सबसे अधिक रहने का अनुमान।
हवा की गति 40-50 किमी/घंटा , झोंकों में 60 किमी/घंटा तक; मछुआरों को पाँच दिन समुद्र से दूर रहने की सलाह।
8 जुलाई के बाद वर्षा की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 जुलाई 2026 को चेतावनी दी कि उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल तट पर बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण ओडिशा के कई जिलों में अगले दो से तीन दिनों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। यह निम्न दबाव क्षेत्र समुद्र तल से 7.6 किलोमीटर की ऊँचाई तक फैले चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से निर्मित हुआ है और आने वाले दिनों में और अधिक मज़बूत होने की आशंका है।

मौसम प्रणाली का स्वरूप और तीव्रता

IMD भुवनेश्वर की निदेशक मनोरमा मोहंती ने बताया कि यह मौसम प्रणाली अगले दो से तीन दिनों में और सुदृढ़ होगी, जिससे पूरे ओडिशा में व्यापक वर्षा का दौर शुरू होगा। 3 से 6 जुलाई के बीच वर्षा की तीव्रता में उल्लेखनीय वृद्धि अपेक्षित है। 8 जुलाई के बाद धीरे-धीरे बारिश कम होने का अनुमान है।

अगले चार से पाँच दिनों तक राज्य के अनेक स्थानों पर गरज और बिजली के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होगी, जबकि कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की प्रबल संभावना है।

सर्वाधिक प्रभावित जिले

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, कोरापुट, मलकानगिरी, नबरंगपुर, कालाहांडी, रायगढ़ा, गजपति, गंजाम, कंधमाल, बौध और नुआपड़ा जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। विशेष रूप से मलकानगिरी, कोरापुट और आसपास के दक्षिणी ओडिशा जिलों के कुछ हिस्सों में चरम वर्षा की स्थिति बन सकती है। 3 और 4 जुलाई को इन जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।

दक्षिणी और पश्चिमी ओडिशा के साथ-साथ तटीय जिलों में भी 3 से 6 जुलाई के बीच व्यापक वर्षा और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की आशंका है। राज्य के शेष जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए गए हैं।

मछुआरों और तटीय क्षेत्रों के लिए विशेष चेतावनी

निदेशक मोहंती ने मछुआरों को अगले पाँच दिनों तक समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है। बंगाल की खाड़ी में तूफानी मौसम की आशंका के कारण समुद्री परिस्थितियाँ अत्यंत प्रतिकूल रहेंगी।

हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँचने का अनुमान है, और कुछ झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक भी हो सकते हैं। इससे ओडिशा तट के आसपास और खुले समुद्र में लहरें तेज से बहुत तेज हो सकती हैं।

आगे क्या

मौसम विभाग के अनुसार 8 जुलाई के बाद वर्षा की तीव्रता में क्रमिक कमी आने की संभावना है। तब तक राज्य प्रशासन को सतर्क रहने और निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून पहले ही ओडिशा में सक्रिय है और नदियाँ आंशिक रूप से उफान पर हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन चिंता की बात यह है कि दक्षिणी ओडिशा के वे जिले जिन्हें रेड अलर्ट मिला है — कोरापुट और मलकानगिरी — पहले से ही बाढ़-संवेदनशील और आदिवासी-बहुल हैं, जहाँ आपदा प्रतिक्रिया तंत्र अपेक्षाकृत कमज़ोर रहा है। IMD की चेतावनी समय पर है, लेकिन असली परीक्षा राज्य प्रशासन की निकासी-तत्परता और NDRF की तैनाती की होगी। पिछले वर्षों में भी इसी क्षेत्र में भारी वर्षा के बाद जन-धन की हानि हुई थी, जो यह संकेत देती है कि पूर्व-चेतावनी प्रणाली और ज़मीनी तैयारी के बीच की खाई अभी पाटी नहीं गई है।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा में भारी बारिश का रेड अलर्ट कब और किन जिलों के लिए जारी हुआ?
IMD ने 2 जुलाई 2026 को कोरापुट और मलकानगिरी जिलों के लिए 3 और 4 जुलाई हेतु रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में एक या दो स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा की आशंका व्यक्त की गई है।
ओडिशा में बारिश का यह दौर कब तक जारी रहेगा?
IMD के अनुसार 3 से 6 जुलाई के बीच वर्षा की तीव्रता सर्वाधिक रहेगी। 8 जुलाई के बाद धीरे-धीरे बारिश कम होने की संभावना है।
निम्न दबाव क्षेत्र से ओडिशा के कौन-से हिस्से सबसे अधिक प्रभावित होंगे?
दक्षिणी और पश्चिमी ओडिशा के जिले — विशेषकर कोरापुट, मलकानगिरी, नबरंगपुर, कालाहांडी, रायगढ़ा, गजपति, गंजाम, कंधमाल, बौध और नुआपड़ा — सर्वाधिक प्रभावित होने की संभावना है। तटीय जिलों में भी भारी वर्षा का अनुमान है।
मछुआरों के लिए IMD की क्या सलाह है?
IMD भुवनेश्वर की निदेशक मनोरमा मोहंती ने मछुआरों को अगले पाँच दिनों तक समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है। बंगाल की खाड़ी में 40-60 किमी/घंटा की तेज़ हवाएँ और ऊँची लहरें समुद्री परिस्थितियों को खतरनाक बना सकती हैं।
यह निम्न दबाव क्षेत्र कैसे बना?
समुद्र तल से 7.6 किलोमीटर की ऊँचाई तक फैले चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल तट पर यह निम्न दबाव क्षेत्र बना है। IMD के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में यह प्रणाली और अधिक मज़बूत हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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