13 अगस्त 2026
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पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड में 13-18 अगस्त भारी बारिश की चेतावनी, मछुआरों को तटों से दूर रहने का निर्देश

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पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड में 13-18 अगस्त भारी बारिश की चेतावनी, मछुआरों को तटों से दूर रहने का निर्देश

सारांश

उत्तरी बंगाल की खाड़ी में सक्रिय कम दबाव क्षेत्र अगले 12 घंटों में 'डिप्रेशन' बन सकता है। 13 से 18 अगस्त के बीच पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अनुमान है। मछुआरों को 60 किमी/घंटा तक की हवाओं के बीच तटीय क्षेत्रों से दूर रहने की चेतावनी दी गई है।

मुख्य बातें

उत्तरी बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तटों के पास वेल मार्क्ड लो प्रेशर सक्रिय; अगले 12 घंटों में 'डिप्रेशन' बनने की आशंका।
13 से 18 अगस्त 2026 के बीच पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार और उत्तरी छत्तीसगढ़ में भारी से अत्यंत भारी वर्षा का पूर्वानुमान।
13 अगस्त को पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तरी छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं बेहद भारी बारिश की आशंका सबसे अधिक।
मछुआरों को अगले 24 घंटों तक उत्तर बंगाल की खाड़ी और ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश के तटों के पास न जाने की सख्त चेतावनी।
समुद्र में 40-50 किमी/घंटा की हवाएं, झोंकों में 60 किमी/घंटा तक की गति संभावित।

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 13 अगस्त 2026 को चेतावनी जारी करते हुए बताया कि उत्तरी बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तटों के निकट एक वेल मार्क्ड लो प्रेशर (सुस्पष्ट कम दबाव क्षेत्र) सक्रिय हो गया है, जिसके प्रभाव से 13 से 18 अगस्त के बीच पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार और उत्तरी छत्तीसगढ़ में भारी से अत्यंत भारी वर्षा की आशंका है। मछुआरों को अगले 24 घंटों तक उत्तर बंगाल की खाड़ी और संबंधित तटीय क्षेत्रों से दूर रहने की सख्त सलाह दी गई है।

मौसम प्रणाली की स्थिति और गति

मौसम विभाग के अनुसार, यह कम दबाव का क्षेत्र तटीय पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश और उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी से सटे इलाकों पर केंद्रित है। इसके उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है — गंगा के मैदानी क्षेत्रों से होते हुए झारखंड की ओर। अगले 12 घंटों में यह प्रणाली 'डिप्रेशन' में तब्दील हो सकती है, जो इसकी तीव्रता में वृद्धि का संकेत है।

गौरतलब है कि बंगाल की खाड़ी में मानसून के दौरान इस प्रकार की मौसम प्रणालियाँ पूर्वी भारत में अत्यधिक वर्षा की प्रमुख वजह बनती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वी भारत के कई राज्यों में मानसून पहले से ही सक्रिय है।

राज्यवार बारिश का पूर्वानुमान

पश्चिम बंगाल (गंगा के मैदानी इलाके): 13 अगस्त को भारी से अत्यंत भारी और कहीं-कहीं बेहद भारी वर्षा; 14 अगस्त को भारी से अत्यंत भारी; 15 अगस्त को भारी बारिश की संभावना।

ओडिशा: 13 अगस्त को भारी से अत्यंत भारी और कहीं-कहीं बेहद भारी वर्षा; 14 अगस्त को भारी से अत्यंत भारी; 15 व 16 अगस्त को भारी बारिश संभावित।

उत्तरी छत्तीसगढ़: 13 अगस्त को भारी से अत्यंत भारी और कहीं-कहीं बेहद भारी वर्षा; 14 अगस्त को भारी से अत्यंत भारी; 15 व 16 अगस्त को भारी बारिश।

झारखंड: 13 और 14 अगस्त को भारी से अत्यंत भारी वर्षा; 15 व 16 अगस्त को कहीं-कहीं भारी बारिश की आशंका।

मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी

मौसम विभाग ने मछुआरों को अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर बंगाल की खाड़ी और ओडिशा, पश्चिम बंगाल व बांग्लादेश के तटीय इलाकों के निकट न जाने की सख्त हिदायत दी है। इस दौरान समुद्र में 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और झोंकों में गति 60 किमी/घंटा तक पहुंचने की आशंका है। ऐसी परिस्थितियों में समुद्र में नौकाएं चलाना अत्यंत जोखिमभरा हो सकता है।

आम जनता और प्रशासन पर असर

इस मौसम प्रणाली के चलते पूर्वी भारत के तटीय और मैदानी जिलों में निचले इलाकों में जलभराव, नदियों के जलस्तर में वृद्धि और यातायात बाधा की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। संबंधित राज्यों के आपदा प्रबंधन विभागों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। मौसम विभाग ने अपनी चेतावनी एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भी साझा की है और नागरिकों से अपडेट पर नज़र रखने का आग्रह किया है।

अगले 48 से 72 घंटों में इस प्रणाली की तीव्रता और दिशा पर मौसम विभाग की नज़दीकी निगरानी जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी तटीय जिलों में आपदा-पूर्व तैयारी अक्सर अपर्याप्त रहती है। मौसम विभाग की चेतावनी समय पर है, लेकिन असली परीक्षा राज्य प्रशासन की है — कि वे मछुआरों तक सूचना कितनी तेज़ी से पहुंचाते हैं और निचले इलाकों की आबादी को समय रहते सुरक्षित करते हैं। 'डिप्रेशन' में तब्दील होने की आशंका को देखते हुए ओडिशा और पश्चिम बंगाल — जो पहले से ही चक्रवात-प्रवण राज्य हैं — को अपने आपदा प्रबंधन तंत्र को तुरंत सक्रिय करना होगा।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तरी बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव क्षेत्र क्या है और यह कितना खतरनाक है?
यह एक 'वेल मार्क्ड लो प्रेशर' मौसम प्रणाली है जो पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तटों के पास सक्रिय हुई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 12 घंटों में यह 'डिप्रेशन' में बदल सकती है, जिससे इसकी तीव्रता और वर्षा क्षमता बढ़ जाएगी।
किन राज्यों में और कब तक भारी बारिश की चेतावनी है?
मौसम विभाग ने 13 से 18 अगस्त 2026 के बीच पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार और उत्तरी छत्तीसगढ़ में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 13 अगस्त को इन राज्यों में सबसे अधिक खतरा है।
मछुआरों के लिए क्या चेतावनी जारी की गई है?
मौसम विभाग ने मछुआरों को अगले 24 घंटों तक उत्तर बंगाल की खाड़ी और ओडिशा, पश्चिम बंगाल व बांग्लादेश के तटीय क्षेत्रों के पास न जाने की सख्त हिदायत दी है। इस दौरान समुद्र में 40-50 किमी/घंटा और झोंकों में 60 किमी/घंटा तक की तेज हवाएं चलने की आशंका है।
यह मौसम प्रणाली किस दिशा में आगे बढ़ेगी?
मौसम विभाग के अनुसार यह प्रणाली उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ेगी — गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल से होते हुए झारखंड की ओर। इससे झारखंड और बिहार में भी भारी बारिश का खतरा बना रहेगा।
आम नागरिकों को इस दौरान क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
नागरिकों को मौसम विभाग के अपडेट पर नज़र रखनी चाहिए और निचले या बाढ़-प्रवण इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचना चाहिए। तटीय जिलों में रहने वाले लोग स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी आपात स्थिति में राज्य आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन से संपर्क करें।
राष्ट्र प्रेस
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