27 सितंबर 2026
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अशोक सिंहल जन्मशताब्दी: अमित शाह बोले — भारत के युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए

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अशोक सिंहल जन्मशताब्दी: अमित शाह बोले — भारत के युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए

सारांश

गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में VHP के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंहल की जन्मशताब्दी पर युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। RSS सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले और VHP अध्यक्ष आलोक कुमार भी मौजूद रहे। 'श्री राम स्तंभ' और कॉफी टेबल बुक का विमोचन इस समारोह का मुख्य आकर्षण बना।

मुख्य बातें

गृह मंत्री अमित शाह ने 27 सितंबर 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में अशोक सिंहल जन्मशताब्दी वर्ष के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया।
शाह ने भारत के युवाओं से अशोक सिंहल के जीवन, मूल्यों और राष्ट्र-समर्पण से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
RSS सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने सिंहल की दृढ़ता और संवेदनशीलता के दुर्लभ संगम को रेखांकित किया।
'मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के दिव्य पदचिह्न' कॉफी टेबल बुक और 'श्री राम स्तंभ' प्रतिकृति का अनावरण हुआ।
अयोध्या के राम वन-गमन पथ पर स्थापित होने वाले श्री राम स्तंभों का डिजिटल लोकार्पण किया गया।
समारोह का शुभारंभ 100 वेदपाठी बटुकों द्वारा शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार से हुआ।

गृह मंत्री अमित शाह ने 27 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित अशोक सिंहल जन्मशताब्दी वर्ष के उद्घाटन समारोह में कहा कि भारत के युवाओं को विश्व हिंदू परिषद (VHP) के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंहल के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। इस कार्यक्रम का आयोजन विश्व हिंदू परिषद और अशोक सिंहल फाउंडेशन ने संयुक्त रूप से किया।

समारोह का आयोजन और शाह की श्रद्धांजलि

मुख्य अतिथि के रूप में रामभक्तों से खचाखच भरे सभागार को संबोधित करते हुए अमित शाह ने अशोक सिंहल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि सिंहल ने अपना पूरा जीवन देश, समाज और भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में समर्पित कर दिया। शाह ने यह भी रेखांकित किया कि राम जन्मभूमि आंदोलन में उनका योगदान और सांस्कृतिक पुनरुत्थान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सदैव अविस्मरणीय रहेगी।

युवाओं और आने वाली पीढ़ियों पर ज़ोर

शाह ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद और अशोक सिंहल फाउंडेशन जन्मशताब्दी मनाकर और उनके जीवन, मूल्यों व योगदान को जन-जन — विशेषकर युवाओं — तक पहुँचाकर सराहनीय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'यह शताब्दी समारोह युवा पीढ़ी के लिए उन आदर्शों को समझने और राष्ट्र-समाज के प्रति समर्पित जीवन से प्रेरणा लेने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। मुझे पूरा विश्वास है कि यह पहल उनके विचारों और विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक ले जाने में मील का पत्थर साबित होगी।'

अन्य वक्ताओं के विचार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि अशोक सिंहल के भीतर विचारों की दृढ़ता और दूसरों के दुखों के प्रति अपार संवेदनशीलता का दुर्लभ संगम था। होसबाले ने कहा कि एक बार जब वे कोई निर्णय ले लेते थे, तो उस पर अडिग रहते थे — उनका ध्यान इस बात पर नहीं होता था कि काम कितना कठिन है, बल्कि इस बात पर होता था कि उसे सिद्ध कैसे किया जाए। परम पूज्य युगपुरुष महामंडलेश्वर स्वामी परमानंद गिरि जी महाराज ने कहा कि देश की हर धरोहर की रक्षा करना परम कर्तव्य है और यही अशोक सिंहल की विचारधारा थी।

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण

समारोह का शुभारंभ 100 वेदपाठी बटुकों द्वारा शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार से हुआ। इस अवसर पर 'मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के दिव्य पदचिह्न' नामक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया, जो भगवान श्री राम के जीवन-मूल्यों और सांस्कृतिक प्रभाव को रेखांकित करती है। इसके साथ ही 'श्री राम स्तंभ' की एक प्रतिकृति का अनावरण हुआ और अयोध्या जिले में राम वन-गमन पथ पर स्थापित किए जाने वाले 'श्री राम स्तंभों' का डिजिटल लोकार्पण भी संपन्न हुआ।

VHP अध्यक्ष का संकल्प

विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि जन्मशताब्दी वर्ष केवल अशोक सिंहल को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि उनके आदर्शों, सेवा भाव और भारत-प्रेम की भावना को आने वाली पीढ़ियों तक ले जाने के संकल्प का वर्ष है। कार्यक्रम में सिंहल के जीवन, आध्यात्मिक मूल्यों, संगठनात्मक कार्यों और राम जन्मभूमि आंदोलन में उनकी भूमिका पर आधारित विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई। यह समारोह भारत की उस सांस्कृतिक-आध्यात्मिक धारा का पुनर्स्मरण है जिसे सिंहल ने दशकों तक संजोया।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि 'श्री राम स्तंभ' जैसी परियोजनाओं का डिजिटल लोकार्पण और अयोध्या से उसका जुड़ाव स्पष्ट करता है कि यह विरासत-राजनीति का विस्तार भी है।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अशोक सिंहल कौन थे और उनकी जन्मशताब्दी क्यों मनाई जा रही है?
अशोक सिंहल विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष थे, जिन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन, हिंदू समाज के संगठन और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में जीवनपर्यंत योगदान दिया। उनकी जन्मशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में VHP और अशोक सिंहल फाउंडेशन ने भारत मंडपम, नई दिल्ली में उद्घाटन समारोह आयोजित किया।
अमित शाह ने अशोक सिंहल के बारे में क्या कहा?
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अशोक सिंहल ने अपना पूरा जीवन देश, समाज और भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में लगा दिया। उन्होंने यह भी कहा कि यह जन्मशताब्दी समारोह युवा पीढ़ी के लिए उन आदर्शों से प्रेरणा लेने का महत्वपूर्ण अवसर है।
'श्री राम स्तंभ' परियोजना क्या है?
'श्री राम स्तंभ' अयोध्या जिले में राम वन-गमन पथ पर स्थापित किए जाने वाले स्तंभ हैं, जिनका उद्देश्य आम लोगों को भगवान श्री राम की यात्रा की स्मृतियों और उससे जुड़े सांस्कृतिक व आध्यात्मिक स्थलों से जोड़ना है। इस परियोजना का डिजिटल लोकार्पण अशोक सिंहल जन्मशताब्दी समारोह में किया गया।
RSS के दत्तात्रेय होसबाले ने समारोह में क्या कहा?
RSS सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि अशोक सिंहल में विचारों की दृढ़ता और दूसरों के दुखों के प्रति संवेदनशीलता का दुर्लभ संगम था। उन्होंने यह भी कहा कि सिंहल केवल दृढ़ संकल्प वाले व्यक्ति नहीं थे, बल्कि उन संकल्पों को संगठित और सतत कार्य में बदलने की अद्भुत क्षमता रखते थे।
इस समारोह में और कौन-कौन से कार्यक्रम हुए?
समारोह में 100 वेदपाठी बटुकों द्वारा शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार से शुभारंभ हुआ। 'मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के दिव्य पदचिह्न' कॉफी टेबल बुक का विमोचन, 'श्री राम स्तंभ' प्रतिकृति का अनावरण और अशोक सिंहल के जीवन पर आधारित विशेष फोटो प्रदर्शनी भी इस अवसर के मुख्य आकर्षण रहे।
राष्ट्र प्रेस
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