28 सितंबर 2026
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अशोक सिंघल शताब्दी समारोह: केशव प्रसाद मौर्य बोले — राम मंदिर से परे था उनका विजन

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अशोक सिंघल शताब्दी समारोह: केशव प्रसाद मौर्य बोले — राम मंदिर से परे था उनका विजन

सारांश

अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी पर नई दिल्ली में आयोजित समारोह महज श्रद्धांजलि नहीं था — यह वीएचपी और BJP का एक राजनीतिक-धार्मिक संकल्प-पर्व था। केशव प्रसाद मौर्य से लेकर रविशंकर प्रसाद तक, सभी ने सिंघल के अधूरे एजेंडे को आगे बढ़ाने की बात कही।

मुख्य बातें

27 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में अशोक सिंघल का शताब्दी समारोह आयोजित हुआ, जिसमें BJP और वीएचपी के वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
UP के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सिंघल का विजन केवल राम जन्मभूमि मंदिर तक सीमित नहीं था, देश विकास के लिए अभी भी काम बाकी है।
BJP सांसद रविशंकर प्रसाद ने सिंघल को राम जन्मभूमि आंदोलन की 'जान' बताया और अपने व्यक्तिगत संस्मरण साझा किए।
वीएचपी अध्यक्ष आलोक कुमार ने गरबा में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर आपत्ति जताई और इसे मक्का से तुलना करते हुए धार्मिक अधिकार बताया।
वीएचपी ने इस शताब्दी वर्ष को 'संकल्प वर्ष' घोषित करते हुए भारत को राम राज्य की दिशा में ले जाने का संकल्प लिया।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 27 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल के शताब्दी समारोह में कहा कि सिंघल का विजन केवल श्री राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण तक सीमित नहीं था — देश के व्यापक विकास के लिए अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। इस समारोह में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

केशव प्रसाद मौर्य का संदेश

उपमुख्यमंत्री मौर्य ने मंच से कहा, 'हम सभी अपने अंदर परम पूज्य अशोक सिंघल की यादों को संजोए हुए हैं। उनका विजन सिर्फ श्री राम जन्मभूमि मंदिर बनाने तक ही सीमित नहीं था, देश के विकास के लिए अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।' उन्होंने जोर दिया कि समारोह में मंच से जो बातें कही गईं, उनका गहरा अर्थ था।

रविशंकर प्रसाद की स्मृतियाँ

BJP सांसद रविशंकर प्रसाद ने अशोक सिंघल को राम जन्मभूमि आंदोलन की 'जान' बताया। उन्होंने कहा, 'जिस तरह उन्होंने यह पूरा आंदोलन खड़ा किया, इसके लिए लड़े, लाठीचार्ज झेले, लेकिन कभी अपने विश्वास को डगमगाने नहीं दिया।' प्रसाद ने एक व्यक्तिगत प्रसंग साझा करते हुए बताया कि सिंघल ने उनसे कहा था, 'रवि, अब तुम खुद इस केस पर बहस करो।' उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने सभी मामले अलग रख दिए, संसद छोड़ी और पार्टी से छुट्टी लेकर उस मुकदमे की तैयारी की।

वीएचपी अध्यक्ष आलोक कुमार के बयान

वीएचपी के वर्तमान अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि गरबा उत्सव में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर संगठन की आपत्ति है। उन्होंने मक्का का उदाहरण देते हुए तर्क दिया कि जिस तरह मक्का केवल मुसलमानों के लिए है, उसी प्रकार गरबा देवी भक्ति का धार्मिक अनुष्ठान है, मनोरंजन नहीं। कुमार ने यह भी कहा कि संगठन देवी काली, भगवान राम और हिंदू परंपराओं की रक्षा के लिए 'सभी जरूरी कदम उठाएगा।'

उन्होंने अशोक सिंघल के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि सिंघल ने वेद, संस्कृत और गोरक्षा के कार्यों के लिए जीवन समर्पित किया था। कुमार ने यह भी उल्लेख किया कि सिंघल ने राम जन्मभूमि मंदिर की नींव एक अनुसूचित जाति के व्यक्ति से रखवाई — जिसे उन्होंने सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया।

युवा पीढ़ी की आवाज़

समारोह में साध्वी इशिका ने कहा कि इस आयोजन का हिस्सा बनकर उन्हें सम्मान की अनुभूति हुई। उन्होंने राष्ट्रपति के वक्तव्य का हवाला देते हुए कहा कि सिंघल ज्ञान, परंपरा, संघर्ष और सेवा के त्रिवेणी संगम थे। उन्होंने जोड़ा कि युवा पीढ़ी ने इस समारोह में राम सेतु की रक्षा और राम जन्मभूमि की पुनर्प्राप्ति के संघर्ष से जुड़े महत्वपूर्ण पाठ सीखे।

क्या होगा आगे

वीएचपी ने इस शताब्दी वर्ष को 'संकल्प वर्ष' के रूप में मनाने की घोषणा की है, जिसके तहत भारत को 'राम राज्य' की दिशा में ले जाने के प्रयासों को गति देने का संकल्प लिया गया है। गौरतलब है कि सिंघल के नेतृत्व में वीएचपी ने राम जन्मभूमि आंदोलन को राष्ट्रव्यापी स्तर पर खड़ा किया था, और 2024 में अयोध्या में मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह को इसी विरासत की परिणति के रूप में देखा जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह संगठन की नई सांस्कृतिक सीमा-रेखा की घोषणा है। यह ऐसे समय में आया है जब नवरात्रि नज़दीक है और 'गरबा में प्रवेश' का सवाल हर वर्ष विवाद का विषय बनता है। श्रद्धांजलि और राजनीतिक एजेंडे के बीच की यह महीन रेखा मुख्यधारा की रिपोर्टिंग में अक्सर अनदेखी रह जाती है।
RashtraPress
28 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अशोक सिंघल कौन थे और उनका शताब्दी समारोह क्यों महत्वपूर्ण है?
अशोक सिंघल विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के पूर्व अध्यक्ष थे, जिन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन का नेतृत्व किया। उनकी जन्म शताब्दी पर 27 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में BJP और वीएचपी के शीर्ष नेताओं ने भाग लेकर उनकी विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
केशव प्रसाद मौर्य ने अशोक सिंघल के विजन के बारे में क्या कहा?
UP के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सिंघल का विजन केवल श्री राम जन्मभूमि मंदिर बनाने तक सीमित नहीं था — देश के विकास के लिए अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। उन्होंने सिंघल को एक व्यापक राष्ट्रीय दृष्टि वाले नेता के रूप में स्मरण किया।
वीएचपी अध्यक्ष आलोक कुमार ने गरबा को लेकर क्या बयान दिया?
वीएचपी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि गरबा में गैर-हिंदुओं को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। उन्होंने मक्का का उदाहरण देते हुए तर्क दिया कि गरबा देवी भक्ति का धार्मिक अनुष्ठान है, न कि मनोरंजन का माध्यम।
रविशंकर प्रसाद ने समारोह में अशोक सिंघल के बारे में क्या याद किया?
BJP सांसद रविशंकर प्रसाद ने सिंघल को राम जन्मभूमि आंदोलन की 'जान' बताया। उन्होंने बताया कि सिंघल के कहने पर उन्होंने अपने सभी मामले छोड़कर, संसद से छुट्टी लेकर राम जन्मभूमि केस की तैयारी की थी।
वीएचपी ने अशोक सिंघल शताब्दी वर्ष को किस रूप में मनाने का संकल्प लिया है?
वीएचपी ने इस शताब्दी वर्ष को 'संकल्प वर्ष' के रूप में मनाने की घोषणा की है। संगठन ने भारत को 'राम राज्य' की दिशा में ले जाने, वेद, संस्कृत, गोरक्षा और हिंदू मूल्यों की रक्षा के लिए अपने प्रयासों को गति देने का संकल्प लिया।
राष्ट्र प्रेस
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