वीएचपी की जोधपुर बैठक: राजस्थान में 5 लाख सक्रिय सदस्य बनाने का संकल्प, हर जिले में सम्मेलन का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के केंद्रीय संयुक्त महासचिव डॉ. सुरेंद्र जैन की अध्यक्षता में 2 अगस्त 2026 को जोधपुर में अर्धवार्षिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें राजस्थान भर में 5 लाख से अधिक सक्रिय सदस्य बनाने और प्रत्येक जिले में सम्मेलन आयोजित करने का संकल्प लिया गया। यह बैठक राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख पुरोधा अशोक सिंघल की जनशताब्दी वर्ष को समर्पित की गई।
बैठक का उद्देश्य और अशोक सिंघल को श्रद्धांजलि
डॉ. सुरेंद्र जैन ने बैठक को विशेष बताते हुए कहा कि हिंदुत्व के बड़े पुरोधा और राम मंदिर आंदोलन से अपनी पहचान बनाने वाले अशोक सिंघल का यह जनशताब्दी वर्ष है। उन्होंने बताया कि जोधपुर में एक बड़ा नागरिक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें सिंघल को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। जैन के अनुसार, जोधपुर से सिंघल का विशेष लगाव रहा था।
सदस्यता अभियान और जिला सम्मेलन
बैठक में तय किया गया कि राजस्थान के सभी क्षेत्रों और हिंदू समाज तक पहुँचने के लिए 5 लाख से अधिक सक्रिय सदस्य बनाए जाएंगे। इसके साथ ही प्रत्येक जिले में सम्मेलन आयोजित होंगे। दुर्गा वाहिनी की सदस्याएँ हर जिले में शौर्य संचलन निकालेंगी, जबकि बजरंग दल ने युवा सम्मेलन कराने का निर्णय लिया है।
संतों का सम्मेलन और ग्रामीण सुधार कार्यक्रम
डॉ. जैन ने बताया कि दो से तीन जिलों को मिलाकर संतों के सम्मेलन भी आयोजित किए जाएंगे। संतों से निवेदन किया जाएगा कि वे गाँवों को गोद लें और यह सुनिश्चित करें कि धर्मांतरण, नशा तथा छुआछूत पर रोक लगे और गाँव संस्कारयुक्त बनें। उन्होंने कहा कि गौ-आधारित कृषि को बढ़ावा देने के लिए ऐसे किसानों को गौशालाओं में बुलाकर सम्मानित किया जाएगा, जो इस पद्धति से खेती करते हैं, ताकि अन्य किसान भी उनके अनुभव से लाभान्वित हो सकें।
सीमावर्ती अवैध निर्माण पर वीएचपी का रुख
डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा कि राजस्थान की सीमाओं पर अतिक्रमण किया गया और कथित तौर पर मस्जिद, मदरसे तथा मजारें अवैध रूप से बनाई गईं, जो उनके अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न कर रही थीं। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार सीमा के 50 किमी के दायरे में इस प्रकार के ढाँचे नहीं होने चाहिए और सरकार ने इन्हें हटाया है। जैन ने मुस्लिम समाज से अपील की कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा का साथ दें और अवैध ढाँचे स्वयं हटा लें।
वक्फ बोर्ड घोटाले की जाँच की माँग
डॉ. जैन ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के वक्फ बोर्ड कानून को दरकिनार करने के लिए सरकारी संपत्तियों पर कब्जा कर उनका पंजीकरण कराने की कोशिश की गई। उन्होंने वक्फ बोर्ड के सीईओ अबू सोफिया को — जो उनके अनुसार 16 वर्षों से पद पर हैं — इस कथित षड्यंत्र का मुख्य आरोपी बताया और सरकार से उन्हें तत्काल हटाने, घोटाले की जाँच कराने तथा दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने की माँग की। गौरतलब है कि ये आरोप वीएचपी की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी शेष है।