तरुण चुघ राज्यसभा सांसद बने: मध्य प्रदेश के विकास और पंजाब को ड्रग्स-गैंगस्टर मुक्त बनाने का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने 29 जून 2026 को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण की और इसके तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार जताया। चुघ ने स्पष्ट किया कि राज्यसभा में उनकी प्राथमिकताएँ दो राज्यों पर केंद्रित रहेंगी — मध्य प्रदेश की विकास यात्रा को गति देना और पंजाब को ड्रग्स, गैंगस्टर संस्कृति तथा भ्रष्टाचार से मुक्त कराना।
शपथ ग्रहण और कृतज्ञता
शपथ लेने के बाद चुघ ने कहा कि पार्टी ने उन पर जो भरोसा जताया है, वह उसे पूरी निष्ठा के साथ निभाएँगे। उन्होंने BJP अध्यक्ष नितिन नवीन और पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा को भी विशेष रूप से धन्यवाद दिया, जिन्होंने उन्हें उच्च सदन में भेजने का अवसर प्रदान किया। चुघ ने कहा, 'यह मेरे लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है।'
विकसित भारत का संकल्प
चुघ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक पहचान 2014 के बाद से पूरी तरह बदल गई है। उनके अनुसार, एक समय भारत को पिछड़ा और सहायता माँगने वाला देश माना जाता था, किंतु आज भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और पर्यावरण संरक्षण से लेकर वैश्विक कूटनीति तक हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि वह अपने कार्यकाल का प्रत्येक क्षण विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में समर्पित करेंगे।
मध्य प्रदेश: विकास को नई गति
चुघ ने कहा कि राज्यसभा में मध्य प्रदेश की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है। प्रधानमंत्री मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य तेज़ी से विकास कर रहा है और वह इस यात्रा को और अधिक गति देने के लिए हरसंभव सहयोग करेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश बुनियादी ढाँचे और औद्योगिक निवेश के मोर्चे पर केंद्र की प्राथमिकता सूची में ऊपर है।
पंजाब: ड्रग्स और गैंगस्टर संस्कृति पर निशाना
चुघ ने पंजाब की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य इस समय नशे, गैंगस्टर संस्कृति, रंगदारी, अत्याचार और वित्तीय संकट जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने संकल्प लिया कि उनका प्रयास रहेगा कि पंजाब को ड्रग्स, भ्रष्टाचार और गैंगस्टर संस्कृति से मुक्त बनाया जाए और राज्य को 'विकसित पंजाब' की दिशा में आगे बढ़ाया जाए। गौरतलब है कि पंजाब में नशे की समस्या वर्षों से राष्ट्रीय चिंता का विषय रही है और राज्य में गैंगस्टर गतिविधियों को लेकर केंद्र व राज्य सरकारों के बीच तनातनी भी देखी गई है।
संसद में आवाज़ उठाने का वादा
चुघ ने यह भी कहा कि वह राज्यसभा में पंजाब और मध्य प्रदेश दोनों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएँगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के किसी भी हिस्से में यदि किसी व्यक्ति के साथ अन्याय होता है, तो वह सदन में उसकी आवाज़ बनेंगे। आने वाले संसद सत्र में उनकी सक्रियता पर सभी की नज़रें रहेंगी।