10 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मध्यप्रदेश में 15 से 30 जुलाई तक 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान, CM मोहन यादव ने युवाओं से जुड़ने का आह्वान किया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मध्यप्रदेश में 15 से 30 जुलाई तक 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान, CM मोहन यादव ने युवाओं से जुड़ने का आह्वान किया

सारांश

मध्यप्रदेश में नशे के खिलाफ मुहिम का दूसरा दौर शुरू होने वाला है। CM मोहन यादव के आह्वान पर पुलिस 15 से 30 जुलाई तक 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान चलाएगी — जो 2029 तक नशामुक्त भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य से सीधे जुड़ा है।

मुख्य बातें

मध्यप्रदेश पुलिस 15 से 30 जुलाई 2026 तक 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान चलाएगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 10 जुलाई को इस अभियान की घोषणा करते हुए युवाओं और नागरिकों से जुड़ने की अपील की।
अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'नशामुक्त भारत' संकल्प और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य से जुड़ा है।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि नशा वर्तमान और भावी पीढ़ियों दोनों को नुकसान पहुँचाता है और परिवारों को बर्बाद करता है।
यह इस अभियान का दूसरा संस्करण है, जो पहले चरण की सफलता के बाद शुरू किया जा रहा है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 10 जुलाई 2026 को घोषणा की कि राज्य पुलिस विभाग 15 से 30 जुलाई के बीच 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान चलाएगा। यह अभियान मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने की व्यापक मुहिम का हिस्सा है, जिसमें युवाओं और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।

अभियान का उद्देश्य और दायरा

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश हर क्षेत्र में तेज़ गति से प्रगति कर रहा है और इस विकास यात्रा में युवा शक्ति की भूमिका निर्णायक है। उनके अनुसार, नशे की प्रवृत्ति न केवल वर्तमान पीढ़ी बल्कि भावी पीढ़ियों की संभावनाओं को भी नष्ट कर देती है और परिवारों को बर्बाद करती है। राज्य सरकार ने अपनी समस्त क्षमताओं के साथ प्रदेशवासियों के सहयोग से नशे के विरुद्ध यह अभियान आरंभ किया है।

राष्ट्रीय संकल्प से जुड़ाव

मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'नशामुक्त भारत' के संकल्प और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के वर्ष 2029 तक भारत को पूर्णतः नशामुक्त बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नशे से लड़ाई में पूरा देश एकजुट है और जनभागीदारी के साथ यह कार्य निरंतर जारी रहेगा।

सरकार का आत्मविश्वास और पूर्व सफलताएँ

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने नक्सलवाद जैसी बड़ी चुनौती में भी विजय प्राप्त की है, इसलिए नशे के विरुद्ध अभियान में भी सफलता निश्चित है। उन्होंने प्रदेशवासियों के सहयोग और जनभागीदारी को इस मुहिम की सबसे बड़ी ताक़त बताया। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में नशे की समस्या को लेकर सामाजिक चिंता बढ़ रही है।

युवाओं और नागरिकों से अपील

मुख्यमंत्री यादव ने सभी प्रदेशवासियों और विशेष रूप से युवाओं से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा 15 से 30 जुलाई तक चलाए जाने वाले इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। गौरतलब है कि यह अभियान का दूसरा संस्करण है, जो पहले चरण की सफलता के बाद शुरू किया जा रहा है। आने वाले दिनों में पुलिस विभाग स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी जागरूकता रैलियों से आगे की है — क्या राज्य के पास नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने और पुनर्वास ढाँचे को मज़बूत करने की ठोस रणनीति है? 2029 तक नशामुक्त भारत का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, पर इसके लिए केवल अभियान नहीं, बल्कि दीर्घकालिक नीतिगत हस्तक्षेप और ज़िला-स्तरीय जवाबदेही ज़रूरी है। मध्यप्रदेश में नशे से जुड़े अपराधों के आँकड़े और उपचार केंद्रों की उपलब्धता इस अभियान की वास्तविक सफलता की पैमाइश करेंगे।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान क्या है?
यह मध्यप्रदेश पुलिस का एक नशा-विरोधी जागरूकता अभियान है, जो 15 से 30 जुलाई 2026 तक चलाया जाएगा। यह इस अभियान का दूसरा संस्करण है और इसका उद्देश्य प्रदेश को नशामुक्त बनाना तथा युवाओं को नशे से दूर रखना है।
यह अभियान कब और कहाँ चलाया जाएगा?
मध्यप्रदेश पुलिस विभाग यह अभियान 15 से 30 जुलाई 2026 के बीच पूरे मध्यप्रदेश में चलाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी प्रदेशवासियों और युवाओं से इससे जुड़ने की अपील की है।
CM मोहन यादव ने नशे के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि नशा वर्तमान और भावी पीढ़ियों को बर्बाद करता है और परिवारों को तोड़ देता है। उन्होंने इसे समाज की विकास यात्रा पर सबसे बड़ा कुठाराघात बताया और कहा कि राज्य सरकार अपनी पूरी क्षमता से नशे के खिलाफ लड़ेगी।
यह अभियान राष्ट्रीय नशामुक्ति लक्ष्य से कैसे जुड़ा है?
मुख्यमंत्री यादव के अनुसार, यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'नशामुक्त भारत' संकल्प और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के 2029 तक भारत को पूर्णतः नशामुक्त बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य का हिस्सा है।
इस अभियान में आम नागरिक कैसे भाग ले सकते हैं?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी प्रदेशवासियों और युवाओं से मध्यप्रदेश पुलिस के इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया है। जनभागीदारी को इस मुहिम की सबसे बड़ी ताक़त बताया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले