ऑकलैंड में भारतीय सांस्कृतिक संध्या: PM मोदी ने प्रवासियों की सराहना की, कहा — विरासत पीढ़ियों और महाद्वीपों से जीवंत है
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 10 जुलाई को ऑकलैंड में आयोजित सामुदायिक स्वागत समारोह में भारतीय प्रवासी समुदाय की भूरि-भूरि प्रशंसा की और कहा कि वे पीढ़ियों और महाद्वीपों के पार भारत की सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखे हुए हैं। यह समारोह न्यूज़ीलैंड में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की चार दशकों में पहली यात्रा के अवसर पर आयोजित किया गया था।
सांस्कृतिक संध्या का स्वरूप
ऑकलैंड के स्वागत समारोह में पंजाब और तमिलनाडु की लोक परंपराओं के साथ-साथ कर्नाटक और हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के अद्भुत समन्वय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। 'वंदे मातरम' की भावपूर्ण प्रस्तुति ने कार्यक्रम को विशेष ऊँचाई दी। विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि इस स्वागत समारोह में भारत के विभिन्न क्षेत्रों की शास्त्रीय संगीत और नृत्य परंपराओं की प्रस्तुतियाँ हुईं, जो देश की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को रेखांकित करती हैं।
PM मोदी के एक्स पोस्ट और उद्गार
मोदी ने एक्स पर लिखा, 'शुक्रवार शाम ऑकलैंड में भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत का शानदार उत्सव देखकर बहुत खुशी हुई। कार्यक्रम में पंजाब और तमिलनाडु की संस्कृतियों की झलक देखने को मिली। इसके अलावा, कर्नाटक और हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के मेल और 'वंदे मातरम' की भावपूर्ण प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया।'
उन्होंने विशेष रूप से नाद वोकल एन्सेम्बल की प्रस्तुति की सराहना करते हुए लिखा, 'संगीत में लोगों को एक साथ जोड़ने की अनोखी ताकत होती है और आज की प्रस्तुति ने भारत-न्यूज़ीलैंड की दोस्ती की गर्मजोशी और गहराई को खूबसूरती से दिखाया।'
प्रवासी भारतीयों से भावनात्मक जुड़ाव
ऑकलैंड होटल पहुँचने पर भारतीय समुदाय ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। मोदी ने स्वीकार किया कि न्यूज़ीलैंड के भारतीय समुदाय के इस अपनेपन ने उन्हें भावुक कर दिया। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'न्यूज़ीलैंड के भारतीय समुदाय का प्यार और अपनापन मुझे बहुत गहराई से छू गया। उन्होंने भारत के किसी प्रधानमंत्री की यात्रा के लिए चार दशक तक इंतज़ार किया है और आज उनका उत्साह और गर्मजोशी साफ़ दिखाई दे रही थी। भारत के साथ उनका रिश्ता हमेशा मजबूत बना हुआ है।'
द्विपक्षीय संबंधों पर असर
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर रेखांकित किया कि भारतीय समुदाय भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच लोगों के मजबूत संबंधों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। गौरतलब है कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई दिशा देने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत अपनी प्रवासी कूटनीति को वैश्विक स्तर पर और सुदृढ़ करने की दिशा में काम कर रहा है।
आगे क्या
इस सामुदायिक कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री मोदी के न्यूज़ीलैंड के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने की उम्मीद है, जिसमें व्यापार, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर ज़ोर रहेगा। प्रवासी भारतीयों की यह सक्रिय भागीदारी दोनों देशों के भविष्य के संबंधों की नींव को और मजबूत करती है।