PM मोदी का ऑकलैंड में ऐतिहासिक स्वागत, स्काई टावर रोशन; 40 साल बाद न्यूजीलैंड दौरा
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जुलाई को तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड पहुँचे, जहाँ ऑकलैंड में उनका भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर शहर के प्रतिष्ठित स्काई टावर को विशेष रोशनी से सजाया गया, जिसे दोनों देशों के बीच मैत्री और सुदृढ़ द्विपक्षीय संबंधों का प्रतीक बताया गया। चार दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला न्यूजीलैंड दौरा है।
एयरपोर्ट पर गर्मजोशी भरा स्वागत
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी का गले लगाकर स्वागत किया। इस अवसर पर न्यूजीलैंड में भारत की उच्चायुक्त मुआनपुई सैयावी सहित दोनों देशों के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। लक्सन ने स्वागत का वीडियो एक्स पर साझा करते हुए लिखा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, न्यूजीलैंड में आपका स्वागत है।'
प्रधानमंत्री मोदी ने भी एक्स पर लिखा, 'थोड़ी देर पहले ऑकलैंड पहुँचा। एयरपोर्ट पर स्वागत के लिए प्रधानमंत्री लक्सन का शुक्रिया। यह दौरा ऐतिहासिक है, चार दशकों में न्यूजीलैंड का यह पहला प्रधानमंत्री दौरा है। मैं प्रधानमंत्री लक्सन के साथ बातचीत करने और भारत-न्यूजीलैंड दोस्ती पर समग्र चर्चा करने का इंतजार कर रहा हूँ। मैं शनिवार ऑकलैंड में एक कम्युनिटी प्रोग्राम को भी संबोधित करूँगा।'
स्काई टावर की रोशनी — भारत-न्यूजीलैंड मैत्री का प्रतीक
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर लिखा कि ऑकलैंड के मशहूर स्काई टावर को पीएम मोदी के स्वागत में खास रोशनी से सजाया गया। उन्होंने इसे दोनों देशों के बीच 'दोस्ती और अच्छे रिश्तों का प्रतीक' बताया। यह पहला अवसर नहीं है जब किसी भारतीय राष्ट्राध्यक्ष की यात्रा पर किसी विदेशी शहर ने इस तरह का प्रतीकात्मक सम्मान दिखाया हो — यह कूटनीतिक गर्मजोशी का एक सुविचारित संकेत माना जा रहा है।
भारतीय समुदाय का उत्साह
न्यूजीलैंड में बसे भारतीय समुदाय ने सांस्कृतिक नृत्य की प्रस्तुति देकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। एक प्रतिभागी ने कहा, 'मैं पीएम मोदी के लिए परफॉर्म करने को लेकर बहुत उत्साहित हूँ। वह 40 साल बाद आ रहे हैं, लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि यह वंदे मातरम की 150वीं सालगिरह है, इसलिए हमारा समूह उनके लिए यह परफॉर्म करने और इस मौके को यादगार बनाने को लेकर बहुत उत्साहित है।'
गौरतलब है कि न्यूजीलैंड में भारतीय मूल के नागरिकों की संख्या उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है, और यह समुदाय दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक एवं आर्थिक सेतु की भूमिका निभाता है।
दौरे का महत्व
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत अपनी विदेश नीति में प्रशांत-एशिया क्षेत्र को प्राथमिकता दे रहा है। चार दशकों के अंतराल के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड पहुँचना इस द्विपक्षीय संबंध को नई ऊर्जा देने का संकेत है। प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को ऑकलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे और प्रधानमंत्री लक्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच व्यापार, शिक्षा और लोगों के आपसी संपर्क पर समझौतों की संभावना जताई जा रही है।