PM मोदी 10 जुलाई को न्यूजीलैंड की पहली आधिकारिक यात्रा पर, PM लक्सन ने एक्स पर जताई खुशी
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जुलाई 2025 को ऑकलैंड पहुँचेंगे और 11 जुलाई को वापस रवाना होंगे — यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड की पहली आधिकारिक यात्रा होगी। यह दौरा भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लगभग दो महीने बाद हो रहा है, जिसे रिकॉर्ड 9 महीनों में अंतिम रूप दिया गया था।
लक्सन की एक्स पोस्ट और स्वागत
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने शुक्रवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले हफ्ते न्यूजीलैंड की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर आएंगे।' उन्होंने आगे कहा, 'भारत दुनिया की सबसे बड़ी और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और न्यूजीलैंड की आर्थिक समृद्धि के लिए बहुत महत्वपूर्ण देश है।'
लक्सन ने एफटीए का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे न्यूजीलैंड में अधिक रोजगार मिलेगा, निर्यात बढ़ेगा और आर्थिक विकास मजबूत होगा। उन्होंने 1.4 अरब की आबादी वाले भारतीय बाजार में न्यूजीलैंड के वस्तुओं और सेवाओं के लिए नए अवसरों को रेखांकित किया।
ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता: मुख्य बिंदु
भारत और न्यूजीलैंड ने 16 मार्च 2025 को एफटीए वार्ता की घोषणा की और इसे महज 9 महीनों में पूरा कर लिया — जिससे यह अब तक का सबसे तेजी से संपन्न होने वाला मुक्त व्यापार समझौता बन गया। एफटीए के तहत भारतीय निर्यात पर लगने वाला 100 प्रतिशत शुल्क समाप्त कर दिया गया है।
गौरतलब है कि न्यूजीलैंड भारत में 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगा, जिससे दीर्घकालिक आर्थिक संबंध और सुदृढ़ होंगे। यह समझौता विस्तृत ओशिनिया और प्रशांत द्वीप बाजारों के लिए भारत के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार की भूमिका भी निभाएगा।
कृषि और व्यापार सहयोग
एफटीए के अंतर्गत न्यूजीलैंड ने भारत में कीवी फल, सेब और मनुका शहद के उत्पादकों की उत्पादकता और गुणवत्ता सुधारने के लिए केंद्रित कार्य योजनाओं पर सहमति जताई है। इसके अलावा, भारत में न्यूजीलैंड से चयनित कृषि उत्पादों और एल्ब्यूमिन के लिए बाजार पहुँच सुनिश्चित की जाएगी।
सहयोग के क्षेत्रों में बागवानी, शहद उत्पादन, वानिकी, पशुधन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन और शराब क्षेत्र शामिल हैं — जो दोनों देशों के बीच कृषि संबंधों को एक नया आयाम देते हैं।
द्विपक्षीय व्यापार का वर्तमान परिदृश्य
वर्तमान में न्यूजीलैंड ओशिनिया में भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। 2024 में न्यूजीलैंड का आयात 47 बिलियन अमेरिकी डॉलर और निर्यात 42 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा। न्यूजीलैंड अपनी जीडीपी का लगभग 8 प्रतिशत वार्षिक रूप से विदेशों में निवेश करता है, जो उसकी व्यापार-केंद्रित अर्थव्यवस्था को दर्शाता है।
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी कूटनीतिक और आर्थिक उपस्थिति को व्यापक बनाने की दिशा में सक्रिय है। मोदी की इस यात्रा से दोनों देशों के बीच नई साझेदारियों और निवेश समझौतों की नींव पड़ने की उम्मीद है।