महबूबा मुफ्ती के 'दिमागी नक्सल' बयान पर भाजपा का पलटवार, अल्ताफ ठाकुर बोले — नया भारत देशविरोधी सोच नहीं सहेगा
सारांश
मुख्य बातें
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'दिमागी नक्सल' टिप्पणी पर दिए गए पलटवार के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। 17 अगस्त को श्रीनगर में भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने कहा कि महबूबा मुफ्ती का बयान स्वयं यह सिद्ध करता है कि उनका 'दिमाग और जुबान नक्सलियों और पाकिस्तान समर्थकों जैसी है।' यह विवाद तब गहराया जब महबूबा ने आर्टिकल 370 के समर्थन को लेकर खुद को 'दिमागी नक्सल' करार दिया था।
विवाद की पृष्ठभूमि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक संबोधन में कहा था कि 'नक्सली दिमाग' को भारत में पनपने नहीं दिया जाएगा। इस पर महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि चूँकि वह आर्टिकल 370 का समर्थन करती हैं, इसलिए प्रधानमंत्री की परिभाषा के अनुसार वह भी 'दिमागी नक्सल' हैं। महबूबा के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में तीखी बहस छेड़ दी।
भाजपा की कड़ी प्रतिक्रिया
भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने कहा, 'महबूबा मुफ्ती तो नक्सली हैं ही। जिस तरह से वह बार-बार देश के खिलाफ बोलती हैं, आतंकवादियों का समर्थन करती हैं और पाकिस्तान की बात करती हैं, उससे साबित होता है कि वह नक्सली दिमाग वाली हैं।' ठाकुर ने आगे कहा, 'महबूबा जी यह ध्यान में रखिए — यह नया भारत है। यह वह पुराना भारत नहीं है जब यहाँ नक्सली भी थे, आतंकवाद भी था और पाकिस्तान अंदर आकर डराता था। यह वह भारत है जो अब पाकिस्तान के अंदर घुसकर जवाब देता है, जिसने नक्सलवाद को समाप्त किया, आतंकवाद को खत्म किया और आर्टिकल 370 को निरस्त किया।'
ठाकुर ने यह भी कहा कि 'नक्सली और नक्सली दिमाग को समाप्त करना हमारे लिए कोई बड़ी बात नहीं है। यह अखंड भारत है — जिसकी बात देश के प्रधानमंत्री करते हैं। इस भारत के साथ छेड़छाड़ और देश की एकता-अखंडता को ठेस पहुँचाने की किसी को इजाजत नहीं दी जाएगी।'
कांग्रेस पर भी निशाना
भाजपा प्रवक्ता ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय में 'वंदे मातरम' को लेकर हुए विवाद पर कांग्रेस को भी आड़े हाथों लिया। ठाकुर ने कहा कि 'वंदे मातरम' केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है — वह गीत जिसे गाते हुए स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी, सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कांग्रेस नेतृत्व ने बार-बार देश का अपमान किया है और देश इसे नहीं भूलेगा।
आगे क्या
यह राजनीतिक वाकयुद्ध जम्मू-कश्मीर में आगामी राजनीतिक गतिविधियों की पृष्ठभूमि में और अधिक महत्त्वपूर्ण हो जाता है। आलोचकों का कहना है कि 'दिमागी नक्सल' जैसी शब्दावली राजनीतिक विमर्श को तीखा बनाती है, जबकि भाजपा का तर्क है कि यह राष्ट्रीय एकता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की ओर से इस मुद्दे पर और प्रतिक्रियाएँ आने की संभावना है।