महबूबा मुफ्ती पाकिस्तान के एजेंडे पर चल रही हैं, आर्टिकल 370 अब इतिहास: BJP प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने 28 जुलाई 2026 को श्रीनगर में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख महबूबा मुफ्ती पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वह पाकिस्तान के राजनीतिक निर्देशों पर काम कर रही हैं और उनका 5 अगस्त को आर्टिकल 370 को लेकर विरोध-प्रदर्शन का आह्वान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (POJK) की बिगड़ती स्थिति से ध्यान हटाने की सुनियोजित कोशिश है। ठाकुर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आर्टिकल 370 अब इतिहास का हिस्सा बन चुका है और इसकी बहाली की माँग का कोई व्यावहारिक आधार नहीं है।
महबूबा पर पाकिस्तान-प्रेरित एजेंडे का आरोप
अल्ताफ ठाकुर ने कहा कि महबूबा मुफ्ती जमात-ए-इस्लामी और तथाकथित हुर्रियत नेतृत्व को संतुष्ट करने के लिए इस तरह के बयान दे रही हैं। उनके अनुसार, यह बयानबाज़ी उस समय आई है जब POJK में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों और हिंसा की घटनाओं पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान केंद्रित हो रहा है। ठाकुर ने तर्क दिया कि यदि महबूबा वास्तव में कश्मीरी अवाम की हमदर्द हैं, तो उन्हें POJK में रहने वाले लोगों पर हो रही कथित ज्यादतियों के खिलाफ आवाज़ उठानी चाहिए थी।
आर्टिकल 370 पर BJP का स्पष्ट रुख
ठाकुर ने कहा कि आर्टिकल 370 अब अतीत का विषय बन चुका है और इसकी वापसी की माँग व्यावहारिक रूप से असंभव है। उनके अनुसार, महबूबा मुफ्ती स्वयं इस सच्चाई से भली-भाँति परिचित हैं, इसलिए ऐसे बयान केवल राजनीतिक माहौल बनाने और अपने समर्थक वर्ग को संदेश देने के उद्देश्य से दिए जा रहे हैं। गौरतलब है कि 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने संसद में संविधान संशोधन के ज़रिए आर्टिकल 370 को निरस्त किया था।
'वंदे मातरम' विवाद पर BJP का पक्ष
'वंदे मातरम' बिल को लेकर उठे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए BJP प्रवक्ता ने कहा कि यह गीत भारत की संस्कृति, प्रकृति और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का सम्मान प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक और नैतिक कर्तव्य है। ठाकुर ने यह भी कहा कि जो लोग राष्ट्रगीत या राष्ट्रगान का अनादर करते हैं, उनके विरुद्ध कठोर कानूनी प्रावधान होने चाहिए।
छात्र आंदोलन और परीक्षा सुधार पर BJP का रुख
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से केंद्र सरकार को दी गई आंदोलन की चेतावनी पर ठाकुर ने कहा कि BJP छात्रों के भविष्य और उनके करियर के साथ पूरी तरह खड़ी है। उन्होंने बताया कि परीक्षा संबंधी विवादों में सरकार ने जवाबदेही दिखाते हुए शिक्षा मंत्री का इस्तीफा स्वीकार किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने परीक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं, जिनमें पेपर लीक जैसे अपराधों के लिए 10 वर्ष तक की कैद और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान शामिल है। इसके अलावा, निगरानी और सुधार के लिए छह सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन भी किया गया है।
हिंसा की आड़ में आंदोलन पर कड़ा रुख
अल्ताफ ठाकुर ने स्पष्ट किया कि BJP छात्रों के शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक अधिकारों का पूरा सम्मान करती है। हालाँकि, यदि कोई छात्र आंदोलन की आड़ में हिंसा, तोड़फोड़ या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करेगा, तो उसके विरुद्ध कानून के दायरे में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्र हितों की रक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना दोनों सरकार की समान प्राथमिकताएँ हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ रहा है।