अनुच्छेद 370 बहाली की माँग पर पीडीपी को निशाना बनाया जा रहा है: महबूबा मुफ्ती का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने 7 अगस्त को श्रीनगर में आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को इसलिए जानबूझकर परेशान किया जा रहा है क्योंकि पीडीपी अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए की बहाली की माँग करने वाली एकमात्र राजनीतिक दल है। उन्होंने यह बयान उस दिन दिया जब उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती को पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया था।
मामले की पृष्ठभूमि
5 अगस्त को — अनुच्छेद 370 हटाए जाने की सातवीं बरसी पर — श्रीनगर के कोठीबाग पुलिस स्टेशन में इल्तिजा मुफ्ती के विरुद्ध एक एफआईआर दर्ज की गई। आरोप है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने ड्यूटी पर तैनात एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी के साथ कथित तौर पर मारपीट की। 7 अगस्त को इल्तिजा मुफ्ती पुलिस स्टेशन पूछताछ के लिए पहुँचीं, जबकि उनके साथ जाने की कोशिश कर रहे पीडीपी कार्यकर्ताओं को रास्ते में ही रोक दिया गया।
महबूबा मुफ्ती का विरोध प्रदर्शन और आरोप
बेटी की पूछताछ के विरोध में महबूबा मुफ्ती ने श्रीनगर में प्रदर्शन किया। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, "हमारी पार्टी को तोड़ने की हर कोशिश की गई। हमें परेशान और डराया-धमकाया गया। क्या नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस ने राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए विरोध प्रदर्शन नहीं किया? हमारे विरोध को ही क्यों रोका गया? जिन लोगों ने अनुच्छेद 370 को हटाने में मदद की और जो लोगों की मौजूदा दुर्दशा के लिए जिम्मेदार हैं, वे आज बेनकाब हो गए हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पीडीपी को इसीलिए मुख्य निशाना बना रहे हैं।
नेशनल कॉन्फ्रेंस पर निशाना
महबूबा मुफ्ती ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के संस्थापक शेख मोहम्मद अब्दुल्ला का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने 1981 में कहा था कि अनुच्छेद 370 कोई कुरान की आयत नहीं है और यदि यह जम्मू-कश्मीर के विकास में बाधा बनता है तो इसे हटाया जा सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 5 जुलाई को जब सभी राजनीतिक दल राज्य का दर्जा बहाल करने की माँग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, तब मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस मुद्दे पर कुछ भी कहने से बचने के लिए पुंछ और राजौरी जिलों का दौरा करना चुना।
पीडीपी के मार्च पर रोक
पीडीपी के विरोध मार्च को शहर की सड़कों से गुज़रने की अनुमति नहीं दी गई। पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को श्रीनगर के अपटाउन इलाके में रेजिडेन्सी रोड स्थित पार्टी मुख्यालय तक ही सीमित रखा गया। यह ऐसे समय में आया है जब अनुच्छेद 370 की बरसी के आसपास जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है।
आगे की स्थिति
इल्तिजा मुफ्ती के विरुद्ध दर्ज एफआईआर की जाँच जारी है। पीडीपी ने स्पष्ट किया है कि वह अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेगी। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अनुच्छेद 370 की बरसी के आसपास जम्मू-कश्मीर में इस तरह की राजनीतिक गतिविधियाँ आने वाले समय में और तेज़ हो सकती हैं।