हावड़ा स्टेशन पर RPF ने महाराष्ट्र के यात्री को ₹67 लाख कैश के साथ किया गिरफ्तार, आयकर विभाग को सौंपा
सारांश
मुख्य बातें
रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) ने 21 सितंबर 2026 को हावड़ा स्टेशन के न्यू कॉम्प्लेक्स में महाराष्ट्र के रहने वाले एक व्यक्ति को ₹67 लाख नकद के साथ गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्ति धनराशि के स्रोत का कोई संतोषजनक जवाब या वैध दस्तावेज़ पेश नहीं कर सका, जिसके बाद मामला आयकर विभाग को सौंप दिया गया।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
रविवार रात RPF के जवान हावड़ा स्टेशन के न्यू कॉम्प्लेक्स में नियमित गश्त पर थे। इसी दौरान उन्हें सुजीत काले का व्यवहार संदिग्ध लगा, जिसके चलते उन्होंने उससे पूछताछ शुरू की। जब उसके जवाब असंतोषजनक रहे, तो अधिकारियों ने उसके बैग की तलाशी ली और उसमें ₹67 लाख के नोटों के बंडल बरामद हुए।
अधिकारियों ने बताया कि सुजीत काले महाराष्ट्र के सोलापुर ज़िले का निवासी है और पूछताछ में उसने गया टाउनशिप क्षेत्र में अपनी एक दुकान होने का दावा किया। उसने यह भी कहा कि वह मुंबई मेल से हावड़ा आया था और कोलकाता के बुर्राबाज़ार से सोना-चाँदी खरीदने के लिए यह राशि साथ लाया था। हालाँकि, RPF अधिकारी उसके इस स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हुए।
दस्तावेज़ न दिखाने पर कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार, सुजीत काले बरामद नकदी का कोई वैध स्रोत या दस्तावेज़ीय प्रमाण पेश करने में असमर्थ रहा। इसके बाद RPF ने उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया और आयकर विभाग को सूचित किया। सूत्रों के मुताबिक, बरामद धनराशि और गिरफ्तार व्यक्ति दोनों को आयकर विभाग को सुपुर्द कर दिया जाएगा, जो आगे की जाँच करेगा।
त्योहारी सीज़न और उपचुनाव के मद्देनज़र बढ़ी निगरानी
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब दुर्गा पूजा के त्योहारी सीज़न के मद्देनज़र रेलवे और मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा बल पहले से ही हाई अलर्ट पर हैं। गौरतलब है कि 6 अक्टूबर 2026 को नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं, जिसके मद्देनज़र बड़ी मात्रा में नकदी की आवाजाही पर विशेष नज़र रखी जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि चुनाव प्रभावित क्षेत्रों में अवैध धनराशि के स्थानांतरण को रोकने के लिए हाईवे पर भी नाका चेकिंग की जा रही है। यह व्यापक निगरानी अभियान चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के तहत चलाया जा रहा है।
जाँच की स्थिति
फिलहाल मामले की जाँच जारी है। आयकर विभाग यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि ₹67 लाख की यह नकदी किस स्रोत से आई और इसे कहाँ ले जाया जाना था। अधिकारियों के मुताबिक, यदि धनराशि का स्रोत अवैध पाया गया, तो सुजीत काले के विरुद्ध आयकर कानून और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। यह मामला चुनाव पूर्व नकदी ज़ब्ती की बढ़ती घटनाओं में एक और कड़ी बनता दिख रहा है।