21 सितंबर 2026
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हावड़ा स्टेशन पर RPF ने महाराष्ट्र के यात्री को ₹67 लाख कैश के साथ किया गिरफ्तार, आयकर विभाग को सौंपा

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हावड़ा स्टेशन पर RPF ने महाराष्ट्र के यात्री को ₹67 लाख कैश के साथ किया गिरफ्तार, आयकर विभाग को सौंपा

सारांश

हावड़ा स्टेशन पर RPF की रात की गश्त ने महाराष्ट्र के एक यात्री के बैग से ₹67 लाख नकद उजागर किए — न दस्तावेज़, न संतोषजनक जवाब। दुर्गा पूजा और नंदीग्राम-रेजिनगर उपचुनाव से ठीक पहले यह ज़ब्ती पश्चिम बंगाल में चुनावी नकदी प्रवाह पर बड़े सवाल खड़े करती है।

मुख्य बातें

RPF ने 21 सितंबर 2026 की रात हावड़ा स्टेशन के न्यू कॉम्प्लेक्स में ₹67 लाख नकद के साथ एक यात्री को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार व्यक्ति सुजीत काले महाराष्ट्र के सोलापुर का निवासी है; उसने कोलकाता के बुर्राबाज़ार से सोना-चाँदी खरीदने का दावा किया।
काले नकदी का वैध स्रोत या दस्तावेज़ पेश नहीं कर सका, जिसके बाद उसे और बरामद राशि को आयकर विभाग को सौंपा जाएगा।
6 अक्टूबर 2026 को नंदीग्राम और रेजिनगर उपचुनावों के मद्देनज़र रेलवे स्टेशनों और हाईवे पर निगरानी बढ़ाई गई है।
दुर्गा पूजा त्योहारी सीज़न को देखते हुए भी सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं।

रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) ने 21 सितंबर 2026 को हावड़ा स्टेशन के न्यू कॉम्प्लेक्स में महाराष्ट्र के रहने वाले एक व्यक्ति को ₹67 लाख नकद के साथ गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्ति धनराशि के स्रोत का कोई संतोषजनक जवाब या वैध दस्तावेज़ पेश नहीं कर सका, जिसके बाद मामला आयकर विभाग को सौंप दिया गया।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

रविवार रात RPF के जवान हावड़ा स्टेशन के न्यू कॉम्प्लेक्स में नियमित गश्त पर थे। इसी दौरान उन्हें सुजीत काले का व्यवहार संदिग्ध लगा, जिसके चलते उन्होंने उससे पूछताछ शुरू की। जब उसके जवाब असंतोषजनक रहे, तो अधिकारियों ने उसके बैग की तलाशी ली और उसमें ₹67 लाख के नोटों के बंडल बरामद हुए।

अधिकारियों ने बताया कि सुजीत काले महाराष्ट्र के सोलापुर ज़िले का निवासी है और पूछताछ में उसने गया टाउनशिप क्षेत्र में अपनी एक दुकान होने का दावा किया। उसने यह भी कहा कि वह मुंबई मेल से हावड़ा आया था और कोलकाता के बुर्राबाज़ार से सोना-चाँदी खरीदने के लिए यह राशि साथ लाया था। हालाँकि, RPF अधिकारी उसके इस स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हुए।

दस्तावेज़ न दिखाने पर कार्रवाई

अधिकारियों के अनुसार, सुजीत काले बरामद नकदी का कोई वैध स्रोत या दस्तावेज़ीय प्रमाण पेश करने में असमर्थ रहा। इसके बाद RPF ने उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया और आयकर विभाग को सूचित किया। सूत्रों के मुताबिक, बरामद धनराशि और गिरफ्तार व्यक्ति दोनों को आयकर विभाग को सुपुर्द कर दिया जाएगा, जो आगे की जाँच करेगा।

त्योहारी सीज़न और उपचुनाव के मद्देनज़र बढ़ी निगरानी

यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब दुर्गा पूजा के त्योहारी सीज़न के मद्देनज़र रेलवे और मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा बल पहले से ही हाई अलर्ट पर हैं। गौरतलब है कि 6 अक्टूबर 2026 को नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं, जिसके मद्देनज़र बड़ी मात्रा में नकदी की आवाजाही पर विशेष नज़र रखी जा रही है।

अधिकारियों ने बताया कि चुनाव प्रभावित क्षेत्रों में अवैध धनराशि के स्थानांतरण को रोकने के लिए हाईवे पर भी नाका चेकिंग की जा रही है। यह व्यापक निगरानी अभियान चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के तहत चलाया जा रहा है।

जाँच की स्थिति

फिलहाल मामले की जाँच जारी है। आयकर विभाग यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि ₹67 लाख की यह नकदी किस स्रोत से आई और इसे कहाँ ले जाया जाना था। अधिकारियों के मुताबिक, यदि धनराशि का स्रोत अवैध पाया गया, तो सुजीत काले के विरुद्ध आयकर कानून और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। यह मामला चुनाव पूर्व नकदी ज़ब्ती की बढ़ती घटनाओं में एक और कड़ी बनता दिख रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली उत्तरदायित्व तय करना मुश्किल रहता है। सुजीत काले का बुर्राबाज़ार में सोना-चाँदी खरीदने का दावा जाँच का विषय है, लेकिन इससे बड़ा सवाल यह है कि क्या आयकर विभाग इस मामले को उसके तार्किक अंजाम तक पहुँचाएगा या यह ज़ब्त रकम की तरह फ़ाइलों में दब जाएगा। नंदीग्राम और रेजिनगर उपचुनावों की पृष्ठभूमि में यह गिरफ्तारी चुनाव आयोग की निगरानी की वास्तविक परीक्षा है।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हावड़ा स्टेशन पर किसे और कितनी नकदी के साथ गिरफ्तार किया गया?
RPF ने महाराष्ट्र के सोलापुर निवासी सुजीत काले को ₹67 लाख नकद के साथ गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी 21 सितंबर 2026 की रात हावड़ा स्टेशन के न्यू कॉम्प्लेक्स में नियमित गश्त के दौरान हुई।
सुजीत काले ने इतनी नकदी के बारे में क्या सफाई दी?
काले ने दावा किया कि वह कोलकाता के बुर्राबाज़ार से सोना और चाँदी खरीदने के लिए पैसे लेकर आया था और उसकी गया टाउनशिप क्षेत्र में एक दुकान है। हालाँकि, वह नकदी का कोई वैध दस्तावेज़ या स्पष्ट स्रोत नहीं बता सका, जिससे RPF संतुष्ट नहीं हुई।
अब इस मामले में आगे क्या होगा?
अधिकारियों के अनुसार, बरामद ₹67 लाख और गिरफ्तार व्यक्ति सुजीत काले को आयकर विभाग को सौंपा जाएगा। आयकर विभाग नकदी के स्रोत की जाँच करेगा और यदि अनियमितता साबित हुई तो संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
हावड़ा स्टेशन पर निगरानी क्यों बढ़ाई गई है?
दो कारणों से निगरानी बढ़ाई गई है — पहला, दुर्गा पूजा का त्योहारी सीज़न, और दूसरा, 6 अक्टूबर 2026 को नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव। चुनाव क्षेत्रों में अवैध नकदी की आवाजाही रोकने के लिए हाईवे पर नाका चेकिंग भी की जा रही है।
क्या पश्चिम बंगाल में इस तरह की नकदी ज़ब्ती पहले भी हुई है?
पश्चिम बंगाल में चुनाव पूर्व नकदी ज़ब्ती की घटनाएँ अक्सर सामने आती हैं, खासकर विधानसभा और उपचुनाव से पहले। चुनाव आयोग के निर्देश पर हर बार रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों और हाईवे चेकपोस्ट पर अभियान तेज़ किए जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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