क्या बीएमसी चुनाव से पहले मुंबई पुलिस ने फर्जी करेंसी के साथ बुजुर्ग को गिरफ्तार किया?
सारांश
Key Takeaways
- बीएमसी चुनाव को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाया गया है।
- पुलिस ने 72,000 रुपए के फर्जी नोटों के साथ एक बुजुर्ग को गिरफ्तार किया।
- फर्जी नोट संभवतः बांग्लादेश से आए हैं।
- पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय गिरोह की संलिप्तता की जांच शुरू की है।
- मुंबई पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को सुरक्षित बनाना है।
मुंबई, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आगामी बीएमसी चुनावों की तैयारी में मुंबई पुलिस ने सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया है। इसी क्रम में, शिवाजी पार्क पुलिस ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
दादर रेलवे स्टेशन के निकट एक व्यक्ति को फर्जी करेंसी के साथ पकड़ा गया है। यह कार्रवाई चुनावी माहौल में काले धन और नकली मुद्रा के उपयोग को रोकने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान अमरुद्दीन शेख के रूप में हुई है, जिसकी उम्र 61 वर्ष है। पुलिस ने उसके पास से 72,000 रुपए के फर्जी नोट बरामद किए हैं। ये सभी नोट 500 के हैं और उनकी गुणवत्ता इतनी उत्तम है कि किसी को भी संदेह नहीं होगा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ये नोट बाजार में आसानी से खपाए जा सकते थे, जिससे अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान हो सकता था।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दादर क्षेत्र में फर्जी नोटों की एक खेप पहुंची है। इसी सूचना के आधार पर, पुलिस ने दादर रेलवे स्टेशन के आसपास निगरानी बढ़ाई और अमरुद्दीन शेख को संदिग्ध अवस्था में पकड़ लिया। उसकी तलाशी में उसके बैग से ये नकली नोट मिले। पूछताछ में उसने कुछ महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये फर्जी नोट संभवतः बांग्लादेश से भारत में लाए गए हैं। पुलिस इस बात की गहन जांच कर रही है कि ये नोट किन रास्तों से देश में पहुंचे। अंतरराष्ट्रीय गिरोह की संलिप्तता की आशंका के चलते इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। एक विशेष टीम गठित की गई है जो आरोपी के संपर्कों और पिछले रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
पुलिस को संदेह है कि अमरुद्दीन शेख पहले भी फर्जी नोटों के कारोबार में संलग्न रहा है। उसने अतीत में हजारों रुपये के नकली नोट बाजार में खपाए हैं। अब पुलिस उसके पुराने साथियों और सप्लाई चेन का पता लगाने में जुटी है।
इस बीच, मुंबई पुलिस का कहना है कि बीएमसी चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी।