हावड़ा स्टेशन पर आरपीएफ का बड़ा ऑपरेशन: 22.64 किलो गांजा बरामद, 22 वर्षीय तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने रविवार, 30 अगस्त को हावड़ा रेलवे स्टेशन पर संयुक्त अभियान चलाकर 22.64 किलोग्राम गांजा बरामद किया और एक संदिग्ध तस्कर को हिरासत में लिया। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान 22 वर्षीय राबियाल के रूप में हुई, जो मूल रूप से पश्चिम बंगाल के कूचबिहार का निवासी है और फिलहाल दिल्ली के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में रह रहा था। यह कार्रवाई केंद्र सरकार के 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत पूर्वी रेलवे (ईआर) द्वारा चलाए जा रहे नशा-तस्करी विरोधी अभियान का हिस्सा है।
कैसे हुई पहचान और गिरफ्तारी
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, स्टेशन परिसर से नशीले पदार्थों की तस्करी की सूचना मिलने के बाद आरपीएफ की क्राइम इंटेलिजेंस ब्रांच (सीआईबी), हावड़ा और स्थानीय आरपीएफ अधिकारियों ने मिलकर सघन जाँच अभियान चलाया। इस दौरान आरपीएफ के स्निफर डॉग 'मार्को' ने प्लेटफॉर्म नंबर 8 की ओर बढ़ रहे एक यात्री के आसमानी रंग के ट्रॉली बैग की पहचान की।
यात्री को तत्काल हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। वरिष्ठ अधिकारियों और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में बैग की तलाशी ली गई, जिसमें टेप में लिपटे 11 पैकेट मिले। इन पैकेटों में कुल 22.64 किलोग्राम गांजा था। आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन और अन्य निजी सामान भी जब्त किया गया।
कानूनी कार्रवाई
पूछताछ के दौरान राबियाल गांजा रखने या उसकी ढुलाई के लिए कोई वैध लाइसेंस, परमिट या कानूनी दस्तावेज पेश नहीं कर सका। इसके बाद हावड़ा सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत की गई है।
बड़े नेटवर्क की आशंका, जाँच जारी
एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह स्थापित किया जा सके कि गांजा किस स्रोत से आया और उसे कहाँ पहुँचाया जाना था। अधिकारियों के अनुसार, 'संभावना है कि वह किसी बड़े तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो।' इस मामले में दिल्ली पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों से भी सहयोग लिया जाएगा।
पूर्व की कार्रवाइयाँ और निगरानी का दायरा
यह ऐसे समय में आया है जब रेलवे सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से ही पूर्वोत्तर मार्गों पर सक्रिय हैं। हाल ही में आरपीएफ और जीआरपी ने मालदा टाउन स्टेशन पर अगरतला-आनंद विहार तेजस राजधानी एक्सप्रेस के एक कोच में छापेमारी कर 42 किलोग्राम गांजा बरामद किया था और तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। जाँच में सामने आया था कि वह गांजा बिहार में बेचने के लिए ले जाया जा रहा था।
गौरतलब है कि रेलवे अधिकारियों को त्रिपुरा, ओडिशा और अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े कुछ पूर्वोत्तर राज्यों से आने वाली ट्रेनों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, जहाँ से नशीले पदार्थों की तस्करी की आशंका अधिक रहती है।
वरिष्ठ अधिकारियों की प्रतिक्रिया
पूर्वी रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पांडे ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए अधिकारियों से रेलवे परिसरों और ट्रेनों में अपराध रोकने के लिए हर समय सतर्क रहने की अपील की। पूर्वी रेलवे के आईजी-सह-प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त अमिया नंदन सिन्हा ने भी मामले की समीक्षा करते हुए नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी रोकने के प्रयासों की सराहना की।
पूर्वी रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवराम माझी ने कहा कि पूर्वी रेलवे सभी स्टेशन परिसरों में अवैध गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कायम है और यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। जाँच एजेंसियाँ अब इस मामले की कड़ियाँ जोड़कर पूरे तस्करी नेटवर्क को उजागर करने में जुटी हैं।