पुरुलिया में ट्रक से भारी मात्रा में गांजा बरामद, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पुलिस की सराहना की
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को पुरुलिया में अंतरराज्यीय नशा तस्करी के खिलाफ चलाए गए संयुक्त अभियान की सार्वजनिक सराहना की। कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और पुरुलिया जिला पुलिस ने सोमवार देर रात एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग रैकेट का पर्दाफाश किया, जिसमें एक ट्रक में छुपाकर रखा गया भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ और सात संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।
मुख्य घटनाक्रम
सूचना के आधार पर पुलिस ने पुरुलिया मुफस्सिल पुलिस स्टेशन क्षेत्र के बेलकुरी टोल प्लाजा के निकट नेशनल हाईवे-18 पर एक संदिग्ध ट्रक को रोका। जाँच में ड्राइवर की सीट के पीछे बनाई गई एक गुप्त जगह से प्रतिबंधित पदार्थ गांजा बरामद किया गया। इसके साथ ही ओडिशा से आसनसोल की ओर जा रही दो एस्कॉर्ट गाड़ियों को भी रोका गया। कुल मिलाकर सात लोगों को हिरासत में लिया गया है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने बयान में कहा, "मैं हमारी कानून लागू करने वाली एजेंसियों की तेज, बेहतर तालमेल वाली और मजबूत कार्रवाई की सराहना करता हूं। एक बड़ी सफलता के रूप में कल रात कोलकाता पुलिस की एसटीएफ ने पुरुलिया जिला पुलिस के साथ मिलकर अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी के एक बड़े रैकेट का खुलासा किया।" उन्होंने अपने बयान के साथ अभियान का एक वीडियो भी साझा किया।
अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल सरकार अवैध ड्रग तस्करी और ऐसी सभी गैरकानूनी गतिविधियों के विरुद्ध जीरो-टॉलरेंस की नीति पर चल रही है, जो राज्य के युवाओं और समाज की सुरक्षा के लिए खतरा हैं।
पुलिस सुधारों का संदर्भ
गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली नई सरकार के सत्ता में आने के बाद से कोलकाता पुलिस में कई सुधार लागू किए गए हैं। इनमें सबसे उल्लेखनीय है 'पुलिस यूनिफॉर्म कोड' की पुनर्बहाली, जिसका उद्देश्य कथित तौर पर राजनीतिक प्रयोजनों के लिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों के दुरुपयोग को रोकना बताया जा रहा है।
हाल ही में जारी एक आदेश के तहत सभी स्तर के पुलिसकर्मियों को सादे कपड़ों में आधिकारिक ड्यूटी करने से प्रतिबंधित किया गया है। हालाँकि, डिटेक्टिव डिपार्टमेंट, स्पेशल ब्रांच, एनफोर्समेंट ब्रांच, स्पेशल टास्क फोर्स और साइबर क्राइम डिवीजन को इस नियम से छूट दी गई है, क्योंकि इन विभागों के कार्य की प्रकृति में सादे कपड़ों में रहना आवश्यक होता है।
आम जनता पर असर
यह अभियान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में नशा तस्करी के मामले लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। ओडिशा से आसनसोल तक फैले इस रैकेट की जड़ें अंतरराज्यीय नेटवर्क में होने के संकेत मिले हैं, जो इसे और अधिक गंभीर बनाते हैं। राज्य पुलिस के अनुसार, जाँच जारी है और आगे और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।
क्या होगा आगे
हिरासत में लिए गए सात संदिग्धों से पूछताछ जारी है। जाँचकर्ताओं का ध्यान इस नेटवर्क की आपूर्ति श्रृंखला और इसके पीछे के संगठित गिरोह की पहचान पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि आपराधिक नेटवर्क के विरुद्ध सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।