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महासमुंद पुलिस ने ₹85 लाख का 170.75 किलो गांजा जब्त किया, कांच-कचरे में छिपाकर ले जा रहे थे चार तस्कर गिरफ्तार

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महासमुंद पुलिस ने ₹85 लाख का 170.75 किलो गांजा जब्त किया, कांच-कचरे में छिपाकर ले जा रहे थे चार तस्कर गिरफ्तार

सारांश

कचरे और टूटे कांच की आड़ में ₹85 लाख की गांजा — महासमुंद पुलिस की सटीक खुफिया कार्रवाई ने ओडिशा से यूपी जाने वाले अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। चार गिरफ्तार, ₹97 लाख से अधिक की संपत्ति जब्त।

मुख्य बातें

महासमुंद पुलिस ने 27 अगस्त 2025 को राष्ट्रीय राजमार्ग 353 पर 170.75 किलोग्राम गांजा जब्त की, जिसका मूल्य ₹85 लाख आंका गया।
गांजा मिनी ट्रक में टूटे कांच और कचरे के नीचे छिपाकर रखी गई थी ताकि जाँच से बचा जा सके।
अंकित कुमार यादव (रायबरेली), संतोष गुप्ता (भदोही), अविनाश सिंह और श्याम प्रकाश सोनी (दोनों वाराणसी) — चारों गिरफ्तार।
खेप ओडिशा के बौधगढ़ से उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद भेजी जा रही थी।
जब्त संपत्ति — मिनी ट्रक, स्विफ्ट कार, मोबाइल, नकद सहित — का कुल मूल्य ₹97.03 लाख ।
NDPS अधिनियम की धारा 20(ख) के तहत मामला दर्ज, आगे की जाँच जारी।

महासमुंद (छत्तीसगढ़) में पुलिस ने 27 अगस्त 2025 को एक मिनी ट्रक में टूटे कांच और कचरे के नीचे छिपाकर रखी गई 170.75 किलोग्राम गांजा जब्त की, जिसका बाज़ार मूल्य कथित तौर पर ₹85 लाख आंका गया है। इस कार्रवाई में चार कथित नशीले पदार्थों के तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जो ओडिशा से उत्तर प्रदेश तक खेप पहुँचाने की फिराक में थे।

कैसे हुई कार्रवाई

विशेष खुफिया सूचना के आधार पर महासमुंद पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग 353 पर बिरकोनी स्थित महाराजा ढाबा के पास एक संदिग्ध मिनी ट्रक को रोका। पहली नज़र में वाहन टूटे कांच और कचरे से भरा हुआ प्रतीत हो रहा था। हालाँकि, विस्तृत तलाशी में सामग्री के नीचे छिपाई गई 170.75 किलोग्राम गांजा बरामद हुई।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर जाँच से बचने और खेप को सामान्य कचरे जैसा दिखाने के लिए यह असामान्य तरीका अपनाया था। यह तस्करी का एक नया और सुनियोजित तरीका था, जो कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है।

कौन हैं गिरफ्तार आरोपी

मिनी ट्रक उत्तर प्रदेश के रायबरेली निवासी 25 वर्षीय अंकित कुमार यादव चला रहा था। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर खुलासा किया कि उसके तीन अन्य साथी एक स्विफ्ट कार में ट्रक का पीछा कर रहे थे।

पुलिस ने बाद में उस कार को भी रोका और भदोही निवासी 60 वर्षीय संतोष गुप्ता, वाराणसी निवासी 43 वर्षीय अविनाश सिंह और वाराणसी निवासी ही 37 वर्षीय श्याम प्रकाश सोनी को गिरफ्तार कर लिया। चारों आरोपी उत्तर प्रदेश के विभिन्न ज़िलों के निवासी हैं।

तस्करी का रूट और मूल्य

पुलिस के अनुसार, आरोपी ओडिशा के बौधगढ़ से गांजा लाकर उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में आपूर्ति करने की योजना में थे। यह अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क ओडिशा-छत्तीसगढ़-उत्तर प्रदेश गलियारे का उपयोग कर रहा था, जो पहले भी नशीले पदार्थों की आवाजाही के लिए चिन्हित हो चुका है।

जब्त की गई संपत्ति में ₹10 लाख मूल्य का मिनी ट्रक, ₹2 लाख मूल्य की स्विफ्ट कार, एक नोकिया कीपैड मोबाइल फोन और ₹3,670 नकद शामिल हैं। प्रतिबंधित पदार्थों सहित जब्त संपत्ति का कुल मूल्य ₹97.03 लाख आंका गया है।

कानूनी कार्रवाई

महासमुंद पुलिस थाने में मादक पदार्थ एवं मनोरोगी पदार्थ अधिनियम की धारा 20(ख) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस ने बताया कि यह अभियान सटीक खुफिया जानकारी और त्वरित समन्वित कार्रवाई का परिणाम रहा।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ पुलिस हाल के महीनों में अंतरराज्यीय नशीले पदार्थ नेटवर्क के विरुद्ध सक्रिय अभियान चला रही है। इस मामले की जाँच में तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुँचने के प्रयास जारी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इस रूट पर स्थायी निगरानी तंत्र की माँग करता है। चार गिरफ्तारियाँ महत्वपूर्ण हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि आपूर्ति श्रृंखला का स्रोत — बौधगढ़ का नेटवर्क — कितना गहरा है और क्या जाँच वहाँ तक पहुँचेगी।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महासमुंद में कितनी गांजा जब्त हुई और उसकी कीमत क्या थी?
महासमुंद पुलिस ने 170.75 किलोग्राम गांजा जब्त की, जिसका बाज़ार मूल्य कथित तौर पर ₹85 लाख आंका गया है। जब्त वाहनों और नकद सहित कुल संपत्ति का मूल्य ₹97.03 लाख बताया गया है।
गिरफ्तार चारों तस्कर कौन हैं?
गिरफ्तार आरोपियों में रायबरेली निवासी 25 वर्षीय अंकित कुमार यादव (मिनी ट्रक चालक), भदोही निवासी 60 वर्षीय संतोष गुप्ता, और वाराणसी निवासी 43 वर्षीय अविनाश सिंह व 37 वर्षीय श्याम प्रकाश सोनी शामिल हैं।
गांजा कहाँ से कहाँ ले जाई जा रही थी?
पुलिस के अनुसार आरोपी ओडिशा के बौधगढ़ से गांजा लाकर उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में आपूर्ति करने की योजना में थे। महासमुंद के राष्ट्रीय राजमार्ग 353 पर उन्हें पकड़ा गया।
गांजा छिपाने के लिए क्या तरीका अपनाया गया था?
आरोपियों ने कथित तौर पर मिनी ट्रक में गांजा को टूटे कांच और कचरे के नीचे छिपाया था ताकि वाहन सामान्य कचरा-वाहक लगे और पुलिस जाँच से बचा जा सके।
आरोपियों पर कौन सी धारा के तहत मामला दर्ज हुआ है?
महासमुंद पुलिस थाने में मादक पदार्थ एवं मनोरोगी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) की धारा 20(ख) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई और जाँच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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