नेपाल बाढ़: नवीन पटनायक ने जताया शोक, 290 भारतीय लापता; ओडिशा का एक जोड़ा भी संपर्क से बाहर
सारांश
मुख्य बातें
बीजू जनता दल (BJD) के अध्यक्ष और ओडिशा विधानसभा में विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने नेपाल की भोटे कोशी नदी में 27 अगस्त को आई विनाशकारी अचानक बाढ़ और भूस्खलन में हुई जान-माल की भारी हानि पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने उन परिवारों के प्रति संवेदना जताई जिन्होंने इस त्रासदी में अपने प्रियजनों को खोया है, और नेपाल में लापता भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना की।
मुख्य घटनाक्रम
पटनायक ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर लिखा कि मौतों की खबर सुनकर उन्हें गहरा दुख हुआ। उन्होंने अधिकारियों से बचाव अभियान में तेज़ी लाने का आग्रह करते हुए कहा कि जो लोग अभी भी संपर्क से बाहर हैं, उनके जल्द बचाव के लिए वे प्रार्थना कर रहे हैं।
इस बीच, विदेश मंत्रालय (MEA) ने 27 अगस्त को पुष्टि की कि भोटे कोशी नदी में आई इस विनाशकारी बाढ़ के बाद 290 भारतीय अब तक संपर्क से बाहर हैं। यह बाढ़ हिमालयी देश नेपाल में भारी तबाही का कारण बनी है।
ओडिशा का लापता जोड़ा
इस त्रासदी में ओडिशा के खुर्दा जिले का एक जोड़ा — संदीप महापात्रा और सिद्धार्थ कुमारी साहू — अभी भी लापता है। यह जोड़ा 2018 से ऑस्ट्रेलिया में रह रहा है और छुट्टियाँ बिताने के लिए 22 अगस्त को नेपाल पहुँचा था। राज्य सरकार के अनुसार, दोनों के फोन नंबर बंद हैं।
अधिकारियों ने महापात्रा की बहन से जानकारी जुटाई है और आवश्यक कार्रवाई के लिए यह जानकारी विदेश मंत्रालय के साथ साझा की गई है।
सरकार की प्रतिक्रिया
ओडिशा के युवा एवं खेल सेवा तथा ओडिया भाषा, साहित्य एवं संस्कृति मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने बताया कि राज्य के अधिकारी नेपाल में तैनात भारत सरकार के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर प्रभावित ओडिया नागरिकों की पहचान, सहायता और उनके परिजनों को सूचित करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित ओडिया पर्यटकों की सटीक संख्या अभी उपलब्ध नहीं है और इसे एकत्र करने में एक-दो दिन और लग सकते हैं।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में मानसून के दौरान बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएँ पहले से ही बढ़ी हुई हैं। गौरतलब है कि भोटे कोशी नदी का यह इलाका भारतीय पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है, और बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में पर्यटक प्रभावित हुए हैं। MEA के अनुसार, 290 भारतीयों से अभी तक संपर्क नहीं हो सका है, जिससे उनके परिजनों में गहरी चिंता है।
क्या होगा आगे
विदेश मंत्रालय और राज्य सरकार दोनों स्तरों पर बचाव एवं राहत प्रयास जारी हैं। ओडिशा सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित नागरिकों की पूरी सूची तैयार होने में अभी और समय लगेगा। नेपाल में तैनात भारतीय अधिकारी स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर लापता भारतीयों का पता लगाने में जुटे हैं।