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नेपाल बाढ़ त्रासदी: PM मोदी ने नेपाली PM को हर संभव मदद का दिया भरोसा, 1,000 से अधिक लापता

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नेपाल बाढ़ त्रासदी: PM मोदी ने नेपाली PM को हर संभव मदद का दिया भरोसा, 1,000 से अधिक लापता

सारांश

नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने 1,000 से अधिक लोगों को लापता कर दिया है, जिनमें कई भारतीय भी शामिल हैं। PM मोदी ने नेपाली PM से बात कर तत्काल राहत सामग्री विशेष विमान से भेजी। बिहार के सीमावर्ती ज़िले रेड अलर्ट पर हैं।

मुख्य बातें

नेपाल में भारी बारिश से आई अचानक बाढ़ में 1,000 से अधिक लोग लापता, जिनमें कई भारतीय नागरिक भी शामिल।
PM नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से सीधी बातचीत कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
भारत ने विशेष विमान के ज़रिए तत्काल राहत सामग्री नेपाल भेजी।
बिहार के कई ज़िले रेड अलर्ट पर; नेपाल से आने वाले पानी को लेकर सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई।
बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव और बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी ने त्रासदी पर दुख जताया।

नेपाल में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ से हुई भीषण तबाही के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से सीधी बातचीत कर हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। 27 अगस्त को पटना में बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव और बिहार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष संजय सरावगी ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया। कथित तौर पर अब तक 1,000 से अधिक लोग लापता हैं, जिनमें कई भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।

मुख्य घटनाक्रम

बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि नेपाल में यह त्रासदी अत्यंत दुखद है — अचानक बाढ़ आई और भारी तबाही हुई। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बातचीत के तुरंत बाद एक विशेष विमान के ज़रिए राहत सामग्री वहाँ भेजी गई। यादव ने कहा, 'भारत हर तरह की मदद देता रहेगा और आगे भी ऐसा करता रहेगा।'

बिहार में भी अलर्ट की स्थिति

बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी ने बताया कि नेपाल से तेज़ गति से आ रहे पानी को देखते हुए बिहार के कई ज़िलों को रेड अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह एक अंतरराष्ट्रीय मामला है और प्रधानमंत्री स्वयं इसे लेकर चिंतित हैं। भारत-नेपाल की साझा नदी प्रणाली के कारण नेपाल में आई बाढ़ का सीधा असर उत्तर बिहार के सीमावर्ती ज़िलों पर पड़ता है — यह कोई नई बात नहीं, बल्कि हर वर्ष की पुनरावृत्ति है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

रामकृपाल यादव ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि वे बाढ़ को लेकर वास्तव में चिंतित होते, तो दिल्ली जाने की बजाय स्वयं बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों में जाते और लोगों का दुख-दर्द साझा करते। संजय सरावगी ने भी कहा कि बिहार की जनता तेजस्वी यादव की बातों को गंभीरता से नहीं लेती और सरकार की ओर से तत्काल कार्रवाई की गई है।

भारत-नेपाल संबंध और राहत प्रयास

यह ऐसे समय में आया है जब भारत और नेपाल के बीच द्विपक्षीय संबंध सामान्यीकरण के दौर में हैं। गौरतलब है कि नेपाल में आई प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भारत ने पहले भी तत्काल राहत सहायता प्रदान की है — 2015 के भूकंप के बाद 'ऑपरेशन मैत्री' इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। विशेषज्ञों के अनुसार, दोनों देशों की साझा भौगोलिक स्थिति के कारण आपदा-प्रबंधन में समन्वय अनिवार्य है।

आगे क्या

अधिकारियों के अनुसार, नेपाल में लापता लोगों की तलाश जारी है और बिहार के सीमावर्ती ज़िलों में निगरानी बढ़ाई गई है। रेड अलर्ट वाले ज़िलों में प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। भारत की ओर से राहत सामग्री की अगली खेप भेजे जाने की संभावना बताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

संस्थागत ढाँचा अब तक नहीं बना है — हर बार संकट आने पर फ़ोन कॉल और विशेष विमान से काम चलाया जाता है। जबकि बिहार के सीमावर्ती ज़िले हर मानसून में नेपाल की नदियों के कहर से प्रभावित होते हैं, दीर्घकालिक नदी-प्रबंधन समझौते की दिशा में ठोस प्रगति नहीं दिखती। राजनीतिक बयानबाज़ी — चाहे वह सत्ता पक्ष की हो या विपक्ष की — उस बुनियादी सवाल से ध्यान हटाती है कि बिहार में बाढ़-पूर्व तैयारी की स्थिति क्या है।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल बाढ़ में कितने लोग लापता हैं?
अधिकारियों के अनुसार नेपाल में आई बाढ़ में अब तक 1,000 से अधिक लोग लापता हैं, जिनमें कई भारतीय नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। तलाश और बचाव अभियान जारी है।
भारत ने नेपाल को क्या मदद भेजी है?
PM नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बातचीत के तुरंत बाद एक विशेष विमान के ज़रिए राहत सामग्री नेपाल भेजी। भारत की ओर से हर संभव सहायता जारी रखने का आश्वासन दिया गया है।
नेपाल की बाढ़ का बिहार पर क्या असर पड़ सकता है?
नेपाल से तेज़ गति से आ रहे पानी को देखते हुए बिहार के कई सीमावर्ती ज़िलों को रेड अलर्ट पर रखा गया है। भारत-नेपाल की साझा नदी प्रणाली के कारण नेपाल में बाढ़ का सीधा असर उत्तर बिहार के ज़िलों पर पड़ता है।
रामकृपाल यादव और संजय सरावगी ने नेपाल त्रासदी पर क्या कहा?
बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने इसे 'बहुत दुखद और चिंता का विषय' बताया और कहा कि PM मोदी ने नेपाल को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी दुख जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने तत्काल कार्रवाई की है।
क्या भारत पहले भी नेपाल में आपदा के समय मदद कर चुका है?
हाँ, 2015 के भूकंप के दौरान भारत ने 'ऑपरेशन मैत्री' के तहत नेपाल को बड़े पैमाने पर राहत और बचाव सहायता प्रदान की थी। भारत नेपाल का निकटतम पड़ोसी और प्रमुख आपदा-सहायता भागीदार रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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